June 17, 2019
Health

शूगर और कैंसर – महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए

सेहतमंद कोशिकाएं बनाम कैंसर कोशिकाएं

ग्लूकोज़ हमारे शरीर के लिए आधारभूत ईंधन की तरह है जिससे हरेक कोशिका को ताकत मिलती है, और कैंसर शरीर की कोशिकाओं का रोग है। आमतौर पर कैंसर कोशिकाएं काफी तेजी से बढ़ती है, ये तेज रफ्तार से विभाजित होती हैं और इस काम के लिए उन्हें काफी अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यानी, कैंसर कोशिकाओं को काफी मात्रा में ग्लूकोज़ की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा, इन कोशिकाओं को अन्य कई तरह के पोषक तत्वों जैसे एमिनो एसिड तथा फैट आदि की भी आवश्यकता होती है, ये कोशिकाएं सिर्फ शरीर ही नहीं चाहती बल्कि इन्हें और भी बहुत कुछ चाहिए होता है।

हमारी शरीर की सभी स्वस्थ कोशिकाओं को भी ग्लूकोज़ की आवश्यकता होती है, और ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे आप शरीर को यह बता सकें कि उसे सेहतमंद कोशिकाओं ग्लूकोज़उपलब्ध कराना है लेकिन कैंसर कोशिकाओं को इससे वंचित रखना है। ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि “शूगर-फ्री” डाइट से कैंसर का जोखिम कम होजाता है या फिर कैंसर रोगियों के बचने की संभावना अधिक हो जाती है।

टाइप 2 डायबिटीज़ से पीड़ित मरीज़ों में कई प्रकार के कैंसर होने का जोखिम अधिक रहता है। अनेक शोधों से यह पता चला है कि शरीर में इंसुलिन की अधिक मात्रा और शरीर के अंतरसंबंधों तथा संबंधित ग्रोथ फैक्टर्स के चलते कैंसर कोशिकाओं में वृद्धि सबसे ज्यादा प्रभावित होती है और इससे क्रोनिक रोगों का जोखिम भी अधिक होता है। कई तरह की कैंसर कोशिकाओं में इंसुलिन रिसेप्टर्स की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे वे ग्रोथ को बढ़ावा देने की इंसुलिन की क्षमता के लिहाज से सामान्य कोशिकाओं की तुलना में अधिक सक्रिय होते हैं।

शरीर से कैंसर कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है जैसी भ्रामक बातों के प्रचार से कुछ लोग हर तरह के कार्बोडाइड्रेट युक्त भोजन से दूर हो सकते हैं। ऐसा उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है जो कैंसर और उसके इलाज के साइड इफेक्ट के साथ-साथ अपने शरीर के वज़न को बनाए रखने की चुनौती से भी जूझ रहे होते हैं। साथ ही, भोजन में से हर प्रकार की शरीर को निकाल बाहर करने की चिंता से हर वक्त घिरे रहना तनाव पैदा कर सकता है। तनाव के बढ़ने से शरीर एक तरह की ‘फाइट मैकेनिज़्म’ में आ जाता है, जिससे शरीर में हार्मोन स्राव बढ़ जाता है जो ब्लड शरीर लैवल को बढ़ा सकता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह दबा सकता है। इन दोनों ही स्थितियों के चलते शरीर को शूगर मुक्त करने से मिलने वाला किसी भी प्रकार का संभावित फायदा घट सकता है।

अपने भोजन में शूगर की मात्रा को लेकर रहें सजग

शूगर से आपको ऊर्जा मिलती है लेकिन इससे आपको ऐसा कोई पोषक तत्व नहीं मिलता जो कैंसर का जोखिम कम करने में सहायक हो। जब वज़न बढ़ने की बात होती है तो आमतौर से इशारा भोजन में मिलायी जाने वाली अतिरिक्त शूगर की तरफ होता है, न कि फलों और दूध तथा साबुन अनाज एवं दाल (जिसका सेवन अधिक करना चाहिए) में कुदरती रूप से मौजूद शूगर की तरफ।

फलों तथा डेयरी उत्पादों में नैचुरल शूगर (प्राकृतिक ‘ार्करा) पाया जाता है और यह आपकी हैल्दी डाइट का हिस्सा हो सकता है। इसके उलट, भोजन में ऊपर से मिलाई गई ‘ाूगर – व्हाइट शूगर, कॉर्न सिरपर, फ्रूट जूस कॉन्सन्ट्रेट से बचना चाहिए या सीमित सेवन करना चाहिए। अत्यधित शूगर कैलोरीज़ के सेवन से मोटापा और इंसुलिन लैवल बढ़ता है, जो आपका कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है। शूगर से भरपूर फूड कैंडी, बेक्ड गुड्स, शूगर युक्त अनाज और सोडा का सेवन कम करने से आपके शरीर में कैंसर का जोखिम भी कम होता है। अपने भोजन में ‘शाक-सब्जियों, मछलियों और साबुत अनाजों की मात्रा बढ़ाएं – स्वास्थ्यवर्धक भोजन का सेवन कैंसर के जोखिम को कम करता है।

बॉटम लाइन

प्रतिदिन भोजन में नैचुरल शूगर का सेवन किया जा सकता है, खातसैर से उस स्थिति में जबकि वह पोषक पदार्थों जैसे दूध या फलों में मौजूद हो। आपके भोजन में शूगर की मौजूदगी किसी प्रकार के कैंसर को पैदा नहीं करती। अपने आपको शूगर से वंचित करने से आप कैंसर को नहीं भगा सकते और न ही उससे बचाव कर सकते हैं। पोषक भोजन तथा नियमित व्यायाम का संतुलन बनाए रखने से आप अपने शरीर का वज़न और इंसुलिन लैवल को सामान्य रख सकते हैं। और इस तरह आप आसनी से कैंसर का जोखिम भी घटा सकते हैं।

शूगर और कैंसर का रिश्ता बहुत जटिल होता है। दूसरी ओर, यह भी सच है कि शूगर  से कैंसर नहीं पनपता, और ऐसा कोई तरीका नहीं है (कम से कम फिलहाल) कि शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बगैर कैंसर कोशिकाओं को शूगर से वंचित रखा जा सके।

अंत में, यह जानना महत्वपूर्ण है कि अपने आपको शूगर से वंचित करने से बेशक, कैंसर का खतरा टाला नहीं जा सकता लेकिन अधिक सेहतमंद विकल्पों को चुनकर और अपनाकर हम कैंसर का जोखिम घटा सकते हैं, और भोजन में से शूगर की अतिरिक्त मात्रा को घटाकर आप निश्चित ही अपने शरीर का वज़न आदर्श बनाए रख सकते हैं।

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