April 19, 2019
70-mm

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा…..

फिल्म 1942-ए लव स्टोरी का खूबसूरत गाना इस लड़की को देखा तो ऐसा लगा…. का एहसास आज तक लोगों के जहन में है जिसे सुनते ही मचलती मनीषा कोईराला और साइकिल पर अंदाज दिखाते अनिल कपूर। जी हां…। वर्ष 1994 में आए इस गाने ने कई धड़कते दिलों को खूबसूरत मुकाम तक पहुंचाया है। रोमांस से भरे इस गाने ने चाहनों वालों का रास्ता भी आसान बनाया था, जी हां, इस गाने को गुनगुनाते हुए बैकफ्लैश में जाकर सोचिए…. कि उस समय परपोज करने का स्टाइल ही बदल गया।
खैर खूब हुई गाने की मिठास भरी बातें….
मुद्दा यह है कि इस शुक्रवार आ रही फिल्म है सोनम कपूर, अनिल कपूर, राजकुमार और जूही चावला कलाकारों के साथ सजी इस लड़की को देखा तो ऐसा लगा…। नाम से ही समझ में आता है कि प्यार, इश्क का दर्द बयान करती फिल्म है। लेकिन यहां कॉन्सेप्ट थोड़ा चेंज है। फिल्म में लड़का-लड़की का नहीं बल्कि लड़की-लड़की का प्यार होता है। आ गया न सस्पेंस।
बिल्कुल सही लेकिन मजेदार बात तो यह है कि अनिल कपूर और सोनम कपूर रीयल लाइफ के पापा-बेटी, फिल्म पर्दे पर पापा-बेटी का किरदार निभा रहे है। फिल्म में क्या होगा, कैसे होगा इसका अंदाजा आप लोग ट्ऱेलर से लगा चुके है लेकिन इसका अंत कैसा होगा इसके बारे में सस्पेेंस कायम है। जिसके लिए आपको फिल्म देखनी ही पड़ेगी।
वैसे आज 1 फरवरी 2019 का बजट पेश होना है। सभी का ध्यान इस ओर है लेकिन फिल्म के चाहने वालों के लिए शुक्रवार सबसे बड़ा दिन होता है।
फिल्म की कहानी कुछ ऐसी है कि फिल्म में स्वीटी चौधरी उर्फ सोनम कपूर एक लड़की से प्यार करती है। पर वह अपने परिवार से इस बारे में बात नहीं कर पाती है। वही साथ ही उनके पिता बलबीर चौधरी उर्फ अनिल कपूर जो शादी शुदा होने के बावजूद भी एक अन्य महिला छत्रो उर्फ जूही चावला को पसंद करते है। स्वीटी चौधरी और बलबीर चौधरी दोनों ही अपनी बात एक दूसरे को नहीं बता नहीं सकते।
हालांकि फिल्म की कहानी इसी पर आधारित है कि आखिर स्वीटी चौधरी उर्फ सोनम कपूर कैसे अपने परिवार वालो को यह बात पाती है। साथ ही साहिल मिर्जा उर्फ राज कुमार रॉय एक ऐसे शख्स है जो स्वीटी चौधरी से एक तरफा प्यार करते है। और साथ ही साथ उनकी लव स्टोरी को पूरा करने में उनका साथ भी देती है। फिल्म में साहिल मिर्जा, स्वीटी चौधरी से एक तरफा प्यार कर बैठते है। और साहिल मिर्जा, स्वीटी चौधरी के परिवार वालो को मना भी लेते है। लेकिन वही स्वीटी चौधरी के जिंदगी में कुछ और ही चल रहा होता है। इसके बाद शुरू होता है स्यापा।
इस फिल्म की महिलाओं के प्रति उभरते प्रेम का द्वंव्द्व दिखता है। एक तरफ बलबीर चौधरी जो शादी शुदा होने के बाद भी दूसरी औरत से ज्यादा प्यार तलाश रहे है वहीं उनकी बेटी जो एक समलैंगिक प्यार को अपनाने के लिए तड़प रही है।
संवेदना है इस समाज की, कि आज भी इस एलजीबीटी जैसे मुद्दों पर बात करने में लोगों को शर्म और हिचकिचाहट महसूस होती है। विधु विनोद चोपड़ी की बहन शैली चोपड़ा ने इस मुद्दे को आग दी है। वैसे तो इस सब्जेक्ट पर कई फिल्में बन चुकी है। लेकिन इस लड़की को देखा के फिल्म के द्वारा फिर से प्यार की नई परिभाषा लिखने को कार्य किया जा रहा है। सोनम कपूर इसको लिखने में कितनी कामयाब होती है यह तो कुछ ही देर में पता चल ही जाएगा।
अनिका

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