May 23, 2019
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International Conference on Indian Politics and Role of Media” at Tecnia Institute of Advanced Studies, Rohini, Delhi.

नई दिल्ली ,14 मार्च 2019:      मीडिया का काम न पक्ष का होता है न विपक्ष का, मीडिया का काम जनपक्ष का होता है | आज के भारत में पत्रकार कम हो रहे हैं और एक्टिविस्ट ज्यादा इसलिए भारतीय मीडिया को फैक्टिविज़म की जरुरत है न कि एक्टिविजम की | यह उद्गार टेक्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज में “इंडियन पॉलिटिक्स एंड रोल ऑफ़ मीडिया” विषय पर 14 मार्च 2019 को आयोजित 12 वें एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान प्रो. के जी सुरेश (महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संचार, नई दिल्ली) ने बतौर मुख्यातिथि कही |

कार्यक्रम का शुभारंभ, टेक्निया समूह के अध्यक्ष डॉ राम कैलाश गुप्ता, संस्थान निदेशक डॉ अजय कुमार, संस्थान के कार्यकारी अधिकारी (शैक्षणिक एवं विकास) डॉ ए के श्रीवास्तव, प्रो डॉ अरुण कुमार भगत (माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ,नोएडा कैंपस ), श्री मनोहर मनोज ( संपादक ,पोलिटिकल कोरेस्पोंडेंट मैगज़ीन, दिल्ली ), डॉ अमिताभ श्रीवास्तव (निदेशक, स्कूल ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा) व अंतर्राष्ट्रीय सगोष्ठी के संयोजक डॉ संजय श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित करके किया।

संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष डॉ राम कैलाश गुप्ता ने मीडिया और राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला | संस्थान निदेशक डॉ अजय कुमार ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय राजनीति का मुख्य उपकरणमीडिया है और इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी माना जाता है। मीडिया और राजनीति एक ही सिक्के के दो समान और विपरीत पक्ष हैं औरकोई भी दूसरों के बिना नहीं रह सकता है | मीडिया राष्ट्र के साथ-साथ पार्टियों के प्रति जनता की राय को आकार देने के साथ राजनीति मेंप्रमुख भूमिका निभाता है |

संगोष्ठी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए डॉ ए के श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी (शैक्षणिक एवं विकास) ने कहा कि आजका मीडिया जनमत को बनाने , आकार देने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मीडिया अन्याय के खिलाफसार्वजनिक हित की रक्षा करने और समाज में सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने के लिए प्रहरी के रूप में कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ संजय श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन किया । विभिन्न संस्थानों से आये हुए शिक्षक, विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किया | इस मौके पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे ।

New Delhi :  Media is neither the spoke person of government nor the opposition; it is just the voice of people. Media is being polarized and there are more activists than journalists  said by Prof. K. G. Suresh (Director General,  Indian Institute of Mass Communication,  New Delhi ) as a chief guest on the occasion of 12 one day International Conference on “Indian Politics and Role of Media on 14th March 2019 at Tecnia Institute of Advanced Studies, Rohini, Delhi.

The conference began with lighting of the lamp by guest and dignitaries. On this occasion Dr. Ram Kailash Gupta (Chairman, Tecnia Group), Dr. Ajay Kumar (Director, Tecnia Institute of Advanced Studies), Dr. A.K Srivastava, (CE, A & D) Tecnia Institute of Advanced Studies, Prof. Dr. Arun Kumar Bhagat (Makhan Lal Chaturvedi National Journalism and Communication University, Noida Campus),  Shri Manohar Manoj (Editor, Political Correspondent Magazine, Delhi), Dr. Amitabh Srivastava (Director, School of Journalism and Mass Communication, Noida International University, Greater Noida and Dr.Sanjay Srivastav (Convener) were present.

Dr. Ram Kailash Gupta (Chairman, Tecnia Group of Institutions) shared his views on different dimensions of media and politics. Dr. Ajay Kumar (Director, Tecnia Institute of Advanced Studies) told that in the eon of information Technology the main tools of Indian politics is Media and it is also regarded as the fourth pillar of the democracy. Media and politics are the two equal and opposite side of same coin and none can persist without others.  Dr. A.K Srivastava, (CEO, A&D, Tecnia Institute of Advanced Studies) said Media of today is playing a vital role in creating and shaping of public opinion and strengthening the democracy. Media is also acting as watchdog to protect public interest against malpractice and create public awareness in society.

Vote of thanks was given by Dr. Sanjay Srivastav. He concluded the all sessions and gave thanks to support by management, faculty, research scholars, students and non- teaching staff.


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