August 18, 2019
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KBC Winner Sunmeet Kaur turns producer

भारत में अक्सर गृहणियों का स्थान केवल रसोई घर तक सीमित होता है लेकिन इस रूढ़िवादी मानसिकता को तोड़ते हुए पंजाब की सनमीत कौर ने वर्ष २०१३ में कौन बनेगा करोड़पति में पांच करोड़ रुपए जीत कर यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी से कम नहीं और एक महिला में उतना ही सामर्थ्य होता है जितना एक पुरुष में होता है। वह मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली हैं, लेकिन कुछ वर्षों से मुंबई में रहती हैं। बता दे कि सनमीत कौर कौन बनेगा करोड़पति मे ५ करोड़ रुपये जीतने वाली पहली महिला है। आज के दौर में जहां महिला सशक्तिकरण पर बड़ी-बड़ी बातें की जाती है सनमीत कौर उन सभी गृहणियों के लिए एक मिसाल है जो आज भी रसोई घर में काम करते हुए यह सोचती है कि वह कुछ नहीं कर सकती। हमारे संवाददाता से खास बातचीत करते हुए सनमीत ने कई सवालों का जवाब ईमानदारी से दिया और यह बताया कि उनकी जिंदगी आज भी किसी आम हिंदुस्तानी जैसी है। यह रहा उस इंटरव्यू का अंश :

प्रश्न : सनमीत जी आप सबसे पहले अभी तक के अपने सफर को अपने शब्दों में बताएं और बताएं  की आपने किन-किन संघर्षों का सामना अपनी जिंदगी में किया?
उत्तर : मेरा जन्म चंडीगढ़ में वर्ष १९७५ में हुआ, मैंने पूरी पढ़ाई चंडीगढ़ में की और १९९३ में मेरा विवाह हुआ और शादी के बाद मैं मुंबई शिफ्ट हो गई। शुरुआत में मेरे हस्बैंड इंश्योरेंस कंपनी में काम करते थे और बाद में वह एक्टिंग लाइन में आए। मेरी संघर्ष की शुरुआत मेरी सर्जरी से हुई क्योंकि डॉक्टर ने सर्जरी के बाद मुझे बेड रेस्ट के लिए बोला था। सर्जरी से पहले मेरा टिफिन सर्विस का काम था जो बहुत ही बढ़िया चल रहा था। मुझे लगभग ६ महीने का बेस्ट रेस्ट के लिए बोला गया उस वक्त मुझे लगता है कि मेरे हस्बैंड ने काफी सहयोग किया और मैं उस वक्त डिप्रेशन में जा रही थी लेकिन मेरे हस्बैंड ने मुझे प्रोत्साहित किया और उन्होंने ही सबसे पहले मुझे सलाह दी कि मैं बाहर नहीं जा सकती तो मुझे घर बैठे ट्यूशन शुरू कर देनी चाहिए जिससे मेरा भी मन लगा रहेगा। ऐसे करते करते  मैंने अपने आप को व्यस्त रखा जिससे मैंने डिप्रेशन से मुकाबला किया। और रही बात केबीसी की तो उसमे मुझे शुरू से ही रुचि थी। मैंने लगभग १० सेशन केबीसी के देखे हैं। जिस वक्त में बेड रेस्ट पर थी उस वक्त भी मैंने केबीसी देखा और मन में ठान लिया की एक ना एक दिन हॉट सीट पर जरूर बैठना है। और मैं पिछले १० साल से केबीसी में ट्राई भी कर रही थी कि इस बार तो जरूर मेरी किस्मत साथ दे देगी और फिर मैंने जब २०१३ में ट्राई किया तो मैंने सोच लिया था कि अबकी बार अगर नहीं हुआ तो मैं और इसमें और अपना समय नहीं दूंगी, फिर एक-दो महीने बाद मुझे सुबह फोन आया, मुझे याद है कि मैं उस वक़्त बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रही थी और मैंने फोन उठाया और उन्होंने बोला कि हम केबीसी से बोल रहे हैं और आपका सिलेक्शन हो गया है एक सेकेंड के लिए तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ फिर उन्होंने बोला कि आप को ऑडिशन देने के लिए मुंबई आना पड़ेगा तब मुझे यकीन हुआ कि नहीं यह सब मजाक नहीं बल्कि हकीकत है और फिर मैं ऑडिशन देने के लिए गई और उसके ३ महीने के बाद में हॉट सीट तक पहुंची। मैंने बस अपना धैर्य नहीं खोया और मुझे परमात्मा पर पूरा विश्वास था कि वह मेरे साथ हैं।

प्रश्न : केबीसी में पांच करोड़ रुपये जीतने के बाद आपकी जिंदगी में क्या बदलाव आया?
उत्तर : हम तो वैसे के वैसे ही रहे लेकिन दुनिया का देखने  रवैया था उसमें काफी बदलाव आया। अगले दिन हस्बैंड अपने काम पर, मैं अपने काम पर मतलब समान्य जिंदगी की तरह ही सब कुछ चल रहा था। मुझे किस्सा याद आता है कि मैं एक बार सब्जी लेने के लिए बाहर गई तो मैंने अपने हस्बैंड को बताया कि आज तो लोगों ने मुझे घेर लिया था तो मेरे हस्बैंड ने कहा कि यह जो तूने अपनी मेहनत से हासिल किया है यह उसी का फल है। मतलब सरल शब्दों में कहूं तो लोगों का ढेर सारा प्यार मुझे मिला। काफी जगह मुझे  चीफ गेस्ट  व्हाइट किया गया सही मायने में ऐसा लग रहा था कि मानो यह सब ऊपर वाले की कृपा है।

प्रश्न :आप अपनी कामयाबी का क्रेडिट किसे देगी?
उत्तर : मेरी कामयाबी का पूरा क्रेडिट मेरे हस्बैंड और मेरी फैमिली को जाता है उन्हीं के प्यार और सहयोग से मैंने यह सब हासिल किया। मुझे याद आता है कि जिस वक्त मैं  बेड रेस्ट पर थी उस वक्त मेरे हस्बैंड ने काफी मुझे मोटिवेट किया उन्होंने  लगभग अपना सारा समय मुझे दिया और मुझे डिप्रेशन में जाने से बचाया। उन्होंने ही मेरे अंदर सकारात्मक विचार डाले और मुझे विश्वास दिलाया कि मैं कुछ भी कर सकती हूं अगर मैंने ठान लिया है तो। और जब मुझे केबीसी से कॉल आया था कि आप सेलेक्ट हो गए हो उस वक्त मुझे मेरी बेटियों ने बहुत मदद की।  पिछले एक-दो साल की सारी न्यूज़, करंट अफेयर्स यह सारी चीजें मेरी बेटियों ने ही मुझे याद दिलवाने में मदद की जैसे मैं किचन में खड़ी हूं तो वह बोलती थी कि मम्मा 'यह पढ़ो', 'यह सुनो', 'यह देखो' मतलब मुझे मेरे पूरे परिवार का  प्यार और समर्थन था। 

प्रश्न : क्या आपको लगता है कि ट्यूशन पढ़ाने से आपको मदद मिली?
उत्तर :जी हां, एक तो मुझे ट्यूशन पढ़ाना बहुत अच्छा लगता था क्योंकि जो मैं स्टूडेंट्स लेती थी वह लर्निंग डिसेबिलिटी वाले बच्चे होते थे जिनको पढ़ाने के लिए मुझे एक चीज को १०-१० बार पढ़ाना होता था जिसकी वजह से मेरा खुद का भी ज्ञान बढ़ता गया। उन सभी चीजों ने मेरी बहुत मदद की।

प्रश्न : आप उस पल को अपने शब्दों में बताएं कि जब सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा था कि आप ५ करोड रुपए जीत गई है।
उत्तर : उस पल के बारे में अगर आज भी सोचू तो मैं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस वक्त जवाब देने के बाद मैंने अपने आप को भगवान के भरोसे छोड़ दिया था कि मैंने तो अब जवाब दे दिया अब जो होगा देखा जाएगा और एक तो अमिताभ बच्चन जी का बोलने का तरीका भी अनोखा है वह भी डरा देते हैं अपने अंदाज में मानो ऐसा लगता है कि गलत जवाब दे दिया हो लेकिन फिर जब उन्होंने बोला कि आप पांच करोड़ रुपए जीत गई हो मानो की एक सेकेंड के लिए तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ उसके बाद अमिताभ बच्चन जी ने मुझे गले से लगाया और मुझे भी लगा कि नहीं यह सपना नहीं बल्कि वास्तविकता है फिर उन्होंने मेरे हस्बैंड को मंच पर बुलाया और  उस वक्त सबसे पहले मैंने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया कि आज जहां पर भी खड़ी हूँ केवल  परमात्मा की वजह से  खड़ी हूं। आज भी उन पलों के बारे में सोचते हुए मैं रोमांचित हो जाती हूँ।

प्रश्न : अक्सर लोगों को याद नहीं रहता कि केबीसी का विनर कौन है मतलब एक-दो दिन के लिए सब बात करते हैं फिर बाद में सब भूल जाते हैं। आपने लोगों के मन में कैसे जगह बनाई?
उत्तर : यह तो मेरे वाहेगुरु ने ही लोगों के मन में जगह बनाई है। और जिस वक्त मैं जीती  उन दिनों महिला सशक्तिकरण पर काफी ज्यादा देश में बाते हो रही थी मुझे लगता है कि मैंने ज्यादातर महिलाओं के हृदय में स्थान पा लिया कि अगर मैं कर सकती हूं तो कोई भी कर सकता है।

प्रश्न : हमने आपके बारे में रिसर्च की और हमें मालूम चला कि आप प्रड्यूसर बन चुकी है, तो आखिर प्रड्यूसर ही क्यों सोचा आपने?
उत्तर : देखिए, मेरे हस्बैंड राइटर भी है उन्होंने लगभग ७५ शॉर्ट फिल्म्स लिखी है सबसे पहले मैंने उन्हें प्रोड्यूस किया। हमारा यूट्यूब पर चैनल भी है 'असली सरदार जी' के नाम से तो उस चैनल पर सबसे पहले हमने शॉर्ट फिल्म रिलीज की। उसके बाद हमने अपना नया प्रोडक्शन हाउस लॉन्च किया 'चार यार एंटरटेनमेंट' के नाम से इसका इनॉगरेशन २५ मई को किया। इसके नाम के पीछे भी एक कहानी है हम चार दोस्त हैं एक मैं, एक मेरे हस्बैंड, एक विक्रम कुमार जो कि ऑस्ट्रेलिया से है वह भी एक एक्टर है और एक मेरी मित्र भावना कुमारी।

प्रश्न :आपके आगे क्या प्लान है? 
उत्तर :हम सुनील ग्रोवर का शो यूके में करवा रहे हैं जो लीसेस्टर मे २१ जून को है और लंदन में २३ जून को। 
एक हमारी वेब सीरीज बन रही है 'आई- मी - माइन' के नाम से जिसका पिछले दिनों ही शूट खत्म हुआ है। आगे  बॉलीवुड मूवीस के  भी प्रोजेक्ट बन रहा है।
आगे हमें अपने प्रोडक्शन हाउस को और ऊंचाई पर ले कर जाना है। अच्छी स्टोरीज पर मूवीस बनानी है जो की परिवार  आधारित हो जिससे देश के युवाओं को मोटिवेशन मिले और हमारा काम समाज में एक सकारात्मक संदेश दे।

प्रश्न :आप उन गृहणियों को क्या संदेश देना चाहेंगी जो घर पर बैठी है कुछ करना चाहती है लेकिन समाज की बंदिशों की वजह से कुछ कर नहीं पा रही? 
उत्तर :सबसे पहले तो मैं उन सभी महिलाओं को एक ही बात समझाना चाहती हूं कि अपने दिमाग से नकारात्मक विचार निकाल  दे कि वह कुछ कर नहीं सकती। आजकल तो सोशल मीडिया का जमाना है आप घर बैठे बैठे आपके पास जो भी हुनर है वह दुनिया के सामने प्रदर्शित कर सकते हो बस बात है आपके लगन  की। कोई भी चीज नामुमकिन नहीं है हर चीज मुमकिन है अगर आपने उसे करने का इरादा बना लिया है तो।  और मुझे तो लगता है कि एक हॉउस वाइफ ही है जो पूरे घर को बांधकर रखती है यानी अगर हम घर संभाल सकते हैं तो हम कुछ भी संभाल सकते हैं।

प्रश्न : सरकार के प्रति आपका क्या संदेश है महिला उत्थान के संबंध में?
उत्तर :महिला सशक्तिकरण पर तो केंद्र की सरकार बहुत काम कर रही है मोदी जी ने देश भर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान चलाया, ट्रिपल तलाक पर कानून बनाया, जिससे काफी सारी महिलाओं को लाभ मिला बस मेरा कहना इतना ही है कि महिलाओं पर काम करने की कोई पाबंदी ना लगे और सरकार अपनी पहली प्राथमिकता महिला सुरक्षा को दें।

आज वाकई में सनमीत कौर देश में लाखों महिलाओं  के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है कि अगर एक ग्रहणी भी अगर इरादा बना ले तो सब कुछ हासिल कर सकती है।

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