November 15, 2019
Health

न्यूरोसाइंस में प्रगति और मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया से आसान हुआ हेमरेज स्ट्रोक का इलाज

पटना: स्ट्रोक एक ऐसी समस्या है जिसको लेकर लापरवाही दिखाना काफी भारी पड़ सकता है इसलिए इसकी तुरंत जांच कराना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हेमरेज के कारण की पहचान और मरीज की हालत के आधार पर समय पर किया गया इलाज न सिर्फ उसकी जान बचा सकता है बल्कि उसके जीवन को भी बेहतर करने में सहायक होता है।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत में न्यूरोलॉजी के हेड और सीनियर कंसल्टेंट, डॉक्टर चंद्रिल चुघ ने बताया कि, “हेमरेज स्ट्रोक उस स्थिति को दर्शाता है जहां खून नसों से लीक होकर मस्तिष्क में भर जाता है और इसे इंट्रासेरेब्रल (मस्तिष्क में खून का लीकेज) और सबरचोनॉइड (मस्तिष्क टिशू के आस-पास खून का लीकेज) के रूप में विभाजित किया जाता है। हेमरेज के विभिन्न कारणों में एन्यूरिज्म, आर्टेरियो वेनस मालफॉर्मेशन (एवीएम), ट्यूमर, फिस्टुला और अन्य रक्तचाप संबंधी बीमारियां शामिल हैं। पिछले एक दशक में इंटरवेंशनल न्यूरोलॉजी तकनीक काफी विकसित हुई है और नए उपकरणों के आगमन के साथ एन्यूरिज्म और एवीएम का उपचार अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गया है। मिनिमली इनवेसिव न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं के जरिए रोगियों को सुरक्षित और प्रभावी उपचार के तरीके प्रदान किए जाते हैं ताकि वे अपने परिवार के साथ जल्दी घर जा सकें।”

ऐसा कई बार देखा गया है कि बिल्कुल स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति की सोते समय अचानक ही मृत्यु हो जाती है और लोगों को लगता है कि उसने आत्महत्या की है। जबकि इसका कारण ब्रेन ब्लीडिंग हो सकता है। मस्तिष्क में खून के बहाव के कारण धमनीविस्फार के टूटने से दुनिया भर में हर साल लगभग 5-6 लाख मृत्यु के मामले दर्ज किए जाते हैं। 50% से अधिक पीड़ित 50 वर्ष से कम उम्र के पाए जाते हैं और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ऐसे मामलों के विकास का जोखिम दो गुना अधिक होता है। धूम्रपान, उच्च रक्तचाप और मस्तिष्क धमनीविस्फार का पारिवारिक इतिहास महिला में इस घातक स्थिति को विकसित करने के जोखिम को और बढ़ा देता है।

डॉक्टर चंद्रिल चुघ ने आगे बताया कि, “ आज मिनिमली इनवेसिव अप्रोच उपलब्ध है जिसमें एक न्यूरोइंटरवेंशनिस्ट ओपन सर्जरी से बचने के लिए एंडोवास्कुलर साधनों द्वारा लेग ब्लड वेसल से एन्यूरिज्म का इलाज करता है। एक माइक्रोकेथेटर्स (एक बहुत पतली ट्यूब) को पैर की रक्त वाहिका के माध्यम से मस्तिष्क धमनीविस्फार में रखा जाता है, जिसे बाद में विशेष कॉयल के उपयोग से बंद किया जात है। इस प्रक्रिया को कॉयलिंग के रूप में जाना जाता है जिसके कारण मस्तिष्क में किसी प्रकार की समस्या नहीं आती है और इसके बेहतर परिणाम होते हैं।”

सभी एन्यूरिज्म का लगभग आधा हिस्सा टूट जाता है और अक्सर, केवल इसके टूटने से ही इसके मूल कारण का पता चल पाता है। अचानक शुरू हुआ घातक सिरदर्द, जिसे अक्सर “रोगी के जीवन का सबसे खराब सिरदर्द” के रूप में वर्णित किया जाता है, धमनीविस्फार का एक लक्षण है। लेकिन कई लोग सालों तक यह नहीं जान पाते हैं कि उनमें किसी घातक समस्या के कारक पनप रहे हैं। कई कारक धमनी की दीवार को कमजोर कर सकते हैं और मस्तिष्क धमनीविस्फार के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। ब्रेन एन्यूरिज्म बच्चों की तुलना मेंबड़ी उम्र के लोगों में अधिक आम है और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है। इस बीमारी के जोखिम के कारक कुछ लोगों में जन्म से ही मौजूद होते हैं और कुछ लोगों में समय के साथ विकसित होते हैं।

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