September 23, 2019
Lifestyle

बच्चियों को बचाना सिर्फ सरकार का ही नहीं हमारा भी फर्ज है- मनदीप सिंह

JSL Lifestyle द्वारा Arttdinox एक प्रसिद्ध ब्रांड है, जिसे स्टेनलेस होमवेयर उत्पादों, सजावट और बरतन की नवीन रचनाओं के लिए जाना जाता है। 15 साल पहले स्थापित, ब्रांड का आवश्यक डीएनए अपने फ्रांसीसी प्रेरित नाम है, जो स्टेनलेस में कला को प्रदर्शित करता है, लक्जरी चमत्कार बनाने का प्रयास करता है। ब्रांड को दीपिका जिंदल, एक मजबूत महिला दूरदर्शी और तेज उद्यमी, जिन्होंने भारत में 1.5 दशकों से अधिक समय तक खुदरा स्वरूपों में उपस्थिति के साथ सबसे आगे ब्रांड का नेतृत्व किया है। इस मजबूत वंशावली के साथ, ब्रांड महिलाओं के नेतृत्व वाली पहल और इसके चारों ओर के कारणों का दृढ़ता से समर्थन करता है।
यह एक निर्विवाद तथ्य है कि महिलाएं समाज की कट्टरपंथी हैं जो समुदायों को बनाने में सहायता करती हैं और गतिशील विचार प्रक्रियाओं को प्रेरित करती हैं। बदलते समय के साथ, महिलाओं के लिए निर्धारित बेंचमार्क ने एक क्रांतिकारी परिवर्तन किया है, जिससे प्रगतिशील और अधिक संवेदनशील व्यक्ति बनते हैं। इस प्रकार आधुनिक महिला को ‘वूमन ऑफ सब्सटेंस का शीर्षक दिया जा सकता है, जो अभी तक उसके आत्मविश्वास से भरपूर है।’
मुख्य कार्यकारी अधिकारी – मनदीप सिंह, के साथ-साथ पूरी JSL Lifestyle टीम, अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने में विश्वास करती है। फिल्म ‘It’s a Girl’ के संदर्भ में हुई बातचीत पर मनदीप सिंह ने बताया कि जिस तरह से समाज में बच्चियों को नकारा जाता है, यह फिल्म उसी अस्तित्व को बचाने का काम करेगी। आज की पीढ़ी की सोच काफी खुली हुई है वह अपना भले-बुरे के बारे में अच्छे से जानती है। इसीलिए अब ज्यादातर लोग गर्ल चाइल्ड को बचाने व अपनाने में जागरूक हुए है। उन्होंने बताया कि मेरे खुद के परिवार में कई दशकों के बाद लड़की का जन्म हुआ, जिसे हमने एक खुशी बतौर लिया। और वैसे भी JSL Lifestyle द्वारा Arttdinox
एक उद्यमी द्वारा कायम किया गया है। इसीलिए जब मेहनाज जी ने इस फिल्म के बारे में बताया तो हमने फोरन हां कर दी क्योंकि यह भी एक मजबूत सोच का ही नतीजा है। सबसे खूबसूरत बात तो यह है कि इस तरह की फिल्मों के बारे में बात करके उसे बनाना ही बहुत बड़ी मजबूती है। उन्होंंने आगे कहा कि सही है कि बच्चियों को न अपनाने की सोच गांव-देहात से ज्यादा शहरों में है। लेकिन यह भी सच है कि आज के युवा इस रूढ़ी सोच को तोड़ रहे हैं। उनके लिए लड़का हो या लड़की कोई फर्क नहीं पड़ता। आगे मनदीप ने कहा कि सरकार बेटियों को बचाने का प्रयास तो कर रही है लेकिन अभी काफी कुछ करना बाकी है। ओर सोसाइटी व समाज का भी उतना ही फर्ज बनता है कि बेटो की चाह में बेटियों को खत्म न करें, वरना बेटी नहीं होगी तो बेटा कहा से पाओगे और बेटी होगी नहीं तो किसे पढ़ाओगे। तो इसीलिए सभी को इसी जागरूकता के साथ सच को अपनाना होगा कि बेटियां भी किसी से कम नहीं। हमारी फिल्म ‘It’s a Girl’ भी इस पहल का हिस्सा है। यदि आप सोचते है कि रातों-रात इस पहल से कुछ बदलाव होगा, तो मानिए ऐसा नहीं होगा, लोगों की सोच व पसंद को धीरे-धीरे ही बदला जा सकता है।
अनिका अरोड़ा

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *