September 23, 2019
Health

विश्व मच्छर दिवस

इस दिन को मनाने के पीछे उद्देश्य मच्छरजनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। मच्छरों के कारण ढेर सारी गंभीर और जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं, जिनमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस आदि प्रमुख हैं।

कब मानते है मच्छर दिवस

सबसे पहले बात आती है कि मच्छर दिवस आखिर मानते कब है ? तो इसका जवाब है कि हर साल मच्छरों की याद में 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता हैं। अब आप कहेंगे कि ऐसा भी क्या हुआ है इस दिन जो हम मच्छरों को याद कर रहे है। तो आपको बता दे जनाब कि:

इस दिन पेशेवर चिकित्सक सर रोनाल्ड रास ने वर्ष 1896 में मलेरिया नामक जानलेवा बीमारी की खोज की थी। अच्छा इस बीमारी से जुड़ी हुई एक खास जानकारी यह भी है कि इस बीमारी के लिए रेस्पोंसिबल महिलाए होती है।

जी हाँ, सही पढ़ रहे है आप महिलाए…लेकिन महिलाऐं मतलब मादा मच्छर। लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि आप नर मच्छर को अपना ब्लड डोनेट कर सकते है। वह भी आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक ही होता है। तो जरा ध्यान से क्योकि मच्छर मेल हो या फीमेल, काटेगा तो बीमारी की ग्यारंटी हम लेते है।

कैसे होती है बीमारी

दरअसल सबसे पहले रुख करते है हम बारिश के दिनों की तरफ. तो यह ऐसा मौसम है जब मच्छरों के पनपने का सिलसिला डबल या कहे तो ट्रिपल हो जाता है। यही वह मौसम है जब बीमारियों के संचरण हेतु अनुकूल परिस्थितियां भी बन जाती है। वैसे तो दुनियाभर में मच्छरों की हजारों प्रजातियां पाई जाती है लेकिन कुछ ऐसी जो बहुत अधिक हानिकारक होती है। इनमे से जहाँ नर मच्छर पेड़-पौधों का रस चूसकर अपना जीवन यापन कर लेते है तो वही मादा मच्छर अपनी प्यास बुझाने के लिए मनुष्य का खून चूसती हैं।

जब मादा मच्छर खून चूसती हैं तब व्यक्ति में प्राण घातक संक्रमण संचारित होने लगता है और इसके चलते मनुष्य के शरीर में कई तरह की बीमारियां भी पनप जाती है जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, येलो फीवर आदि।

मच्छरों के काटने पर क्या करें और कैसे करें मच्छरों से बचाव

बारिश के मौसम में अक्सर शाम को बैठते ही मच्छर आपको घेर लेते हैं। इन मच्छरों के काटने से त्वचा पर तेज जलन और खुजली होने लगती है। मच्छरों के काटने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर ये मच्छर पानी में पैदा होते हैं। मच्छरों को दूर रखने के लिए आप कुछ उपायों को अपना सकते हैं इसके अलावा अगर मच्छर आपको काट लें, तो रोगों से बचने के लिए भी आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

खुजली न करें

मच्छरों के काटने पर त्वचा पर तेज खुजली होती है मगर एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसे खुजाना नहीं चाहिए। दरअसल जब मच्छर आपको काटते हैं और आप उस जगह को ज्यादा खुजाते हैं, तो इससे त्वचा में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं, जो इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। खुजली मिटाने के लिए सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप प्रभावित त्वचा को साबुन और पानी से धोएं। इस पर बर्फ रगड़ें या एंटी-इचिंग क्रीम लगाएं।

क्यों होती है खुजली और जलन

मच्छरों के काटने से शरीर में खुजली शुरू हो जाती है क्योंकि मादा मच्छर जब खून पीने के लिए अपना डंक आपके शरीर में चुभाती है, तो त्वचा की ऊपरी पर्त पर छेद हो जाता है। आपके शरीर में कहीं भी छेद हो, तो तुरंत खून का थक्का जम जाता है। अगर ये थक्का जम जाए, तो मच्छर खून नहीं पी सकेगी। इसलिए मच्छर अपने डंक से एक विशेष रसायन छोड़ते हैं, जो खून का थक्का बनने से रोकता है। जब त्वचा में ये रसायन पहुंचता है, तो रिएक्शन के फलस्वरूप उस जगह पर जलन और खुजली शुरू हो जाती है और वो जगह लाल होकर सूज आती है।

मच्छरों के काटने से कैसे बचें

मच्छरजनित रोगों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका ये है कि मच्छरों को खुद से दूर रखा जाए। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जीका जैसे रोगों को फैलाने वाले मच्छर दिन में काटते हैं। इसलिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • सुबह और शाम के समय घर से बाहर खुले में निकलने से बचें।
  • पूरी बाजू और पांव को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • मच्छरों से बचने के लिए जरूरी हैं कि उन्हें घर के आसपास न पनपने दिया जाए। ऐसे में घर के आसपास कहीं भी पानी इक_ा न होने दें। यदि घर के आसपास नालियां गंदी हैं,तो उन्हें साफ करवाएं।
  • इक_े हुए पानी पर या तो मिट्टी डाल दें या फिर पेट्रोल, केरोसिन इत्यादि डाल दें ।
  • घर में रखी हुई खुली टंकियां, बर्तनों, टायरों इत्यादि में पानी न इक_ा होने दें और खाने के सामान को हमेशा ढक कर रखें।
  • घर के कूलर, एसी, पानी की टंकी इत्यादि की ठीक से सफाई करें और कूलर के पानी में सप्ताह में एकाध बार केरोसिन, पेट्रोल या मच्छरनिरोधी दवाईयां डाल दें।

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