February 27, 2020
Social Heros

जो तूझे जीतना है तो भाग मिल्खा… डॉ. देवेन्द्र अरोड़ा

जी हां आज के तकनीकी दौर में भागना ही सफलता की कुंजी है। जिसे हम रेस कहते हैं। पहले के जमाने में इस रेस को खेल से जोड़ा जाता था, और आजकल जिम्मेदारियां, नौकरी, बिजनेस आदि से। लेकिन जिम्मेदारियों के साथ भागती जिंदगी बहुत कुछ दे जाती है और ले भी जाती है। डॉ. देवेन्द्र कुमार अरोड़ा ऐसी ही एक कुंजी का नाम है जिन्होंने इस रेस को जीवंत कर दिया है। इस रेस को खेलेगा इंडिया... खिलेगा इंडिया की मुहीम बनाकर। 
जी, बिलकुल सही एक टीचर, प्रोफेसर और मैनेजमेंट गुरू डॉ. देवेन्द्र अरोड़ा ने जब बच्चों को खेलने और खिलने का पाठ पढ़ाया तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि खेल के प्रति इतना प्यार और प्रभाव मिलेगा। छोटे-छोटे बच्चों की आशाएं और मेहनत को एक मुकाम तक लाने के लिए ही डॉ.देवेन्द्र ने स्पोर्ट्स अकादमी ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया का निर्माण किया। आज डॉ. देवेन्द्र इस स्पोर्ट्स अकादमी ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया के फाउंडर बतौर कार्यरत है। जो खेल के मैदान से कई नगीनों को चुनकर उनके सपनों को पूरा करने में प्रयासरत है। 
ऐसी ही शख्सियत जो खेल के प्रति दीवानगी रखती है, सोसाइटी में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास करती है तो, आइए जानते हैं उनसे उनके बारे में: 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *