December 16, 2019
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हर एक बात पे कहते हो तुम के तू क्या है।
तुम ही कहो के ये अंदाज ए गुफ्तगू क्या है।
रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल।
जब आंख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।
बना है शाह का मुसाहिब फिर ए है इतराता।
वगरना शहर में ग़ालिब की आबरू क्या है।

मिर्ज़ा गालिब के जिसका पूरा नाम मिर्ज़ा असदुल्ला खान गालिब था, का जन्म 27 दिसंबर सन 1797 में हुआ, गालिब आगरा में पैदा हुए और उनकी शुरुआती शिक्षा दीक्षा भी आगरा में ही हुई, आपके पिताजी रियासत अलवर के बादशाह बख्तावर सिंह के यहां मुलाजिम थे, मगर गालिब की पैदाइश के कुछ सालों बाद ही इनके पिताजी खाना जंगी का शिकार हुए और गोली लगने पर उनका इंतकाल हो गया, उसके बाद इनकी देखरेख इनके चाचा नसरुल्ला बेग ने की जो आगरा में मराठों की तरफ से सूबेदार मुकर्रर किए गए थे, और फिर आगरा पर अंग्रेजों के कब्जे के बाद वहां के कमिश्नर मुकर्रर कर दिए गए, लेकिन जब गालिब सिर्फ 9 साल के थे तभी इनके चाचा का इंतकाल हाथी के ऊपर से गिरने से हो गया।

गालिब ने जब होश संभाला तो मुगलिया सल्तनत का सूरज डूबा जाता था, और मुगलों के आखिरी नवाब बहादुर शाह जफर की इज्जत सिर्फ उनके किले तक ही महदूद रह गई थी, इसके उलट उर्दू अदब और उर्दू शायरी अपने पूरे परवान पर थी, लेकिन शायद बहुत कम लोगों को ये मालूम होगा कि गालिब ने अपनी शायरी की शुरुआत फारसी ज़बान से की। उर्दू में कुछ वक्त बाद लिखना शुरू किया उनकी एक बड़ी मशहूर ग़ज़ल है जो मुझे काफी पसंद है।

नक्श फरियादी है किसकी शोखिए तहरीर का।
कागजी है पैरहन हर पैक अरे तस्वीर का।
जज़्बाए बे इख्तियार ए शौख देखा चाहिए।
सीन आए शमशीर से बाहर है दम शमशीर का।
बस के गालिब हूं असीर ई में भी आतिश जेरे पा।
मुए आतिश दीदा है हल्का मेरी ज़ंजीर का।

गालिब ने फारसी की तालीम और शतरंज की तालीम मौलवी मुआजम से और उर्दू की तालीम मौलाना अब्दुल बारी साहब से लि।
आप 11 साल तक अपने ननिहाल में रहे जो कि आगरा ही में था फिर उसके बाद आप दिल्ली के चांदनी चौक के पास बल्लीमारान के कासिम जान गली में आए और वहीं रहने लग गए, जहां गालिब की हवेली आज भी वैसी ही है, मैं दो बार गालिब की हवेली जा चुका हूं और जब मैं गया और जब मैं वहां से वापस आया तो मुझे मिर्ज़ा गालिब का एक शेर याद आता है बार-बार।।

हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले।
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले।
निकलना खुल्द से आदम का सुनते आए थे लेकिन।
बहुत बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले।

मुझे मिर्ज़ा के ये शेर इसलिए याद आते हैं क्योंकि उनकी हवेली की ऐसी हालत देखकर कलेजा छलनी छलनी हो जाता है, मैं जब उनकी हवेली में पहली बार गया तो मुझे जाने के बाद ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि आज से डेढ़ सौ साल पहले उर्दू अदब का भगवान रहा करता होगा वहां।
गालिब को जितनी शोहरत हासिल आज है उतनी उनके जीते जी नहीं थी, उन्होंने काफी मुफलिसी का सामना किया लेकिन इसके बावजूद भी उनकी शायरी पर कोई रुकावट नहीं आई उल्टे उनकी शायरी में और निखार आता रहा।

हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे।
कहते हैं कि गालिब का है अंदाज ए बयां और।

सही में गालिब का अंदाज सबसे निराला और ग़ालिब वाहिद एक ऐसा शायर था जो अपने जमाने में मशहूर ना होने के बावजूद भी महबूब शायर था, और आज ग़ालिब मशहूर भी हैं और महबूब भी।
एक बहुत बड़े उर्दू के जानकार प्रोफेसर गोपीचंद नारंग गालिब के बारे में कहते हैं कि मुगलों ने हिंदुस्तान को तीन बहुत नायाब तौहफे दिए, पहला ताजमहल, दूसरा उर्दू ज़ुबान, और तीसरे मिर्ज़ा गालिब,।
मुझे भी ऐसा ही लगता है कि अगर ग़ालिब ना होते तो उर्दू ज़बान उर्दू शायरी उर्दू अदब और उर्दू कल्चर का हुस्न अधूरा ही रहता, मेरी नजर में गालिब एक ऐसे शायर हैं कि जिनको आप पसंद और नापसंद तो कर सकते हैं, लेकिन आप उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते।

इब्ने मरियम हुआ करे कोई।
मेरे दुख की दवा करे कोई।
बक रहा हूं जुनू में क्या क्या मैं।
कुछ ना समझे खुदा करें कोई।

मैंने अपने बड़े बुजुर्गों से नवाब जान के बारे में भी सुना है जो दिल्ली की मशहूर तवायफ थी और गालिब पर अपना दिल हार बैठी थी, और शायद गालिब भी उनसे इश्क करने लग गए थे,, कहते हैं कि नवाब जान जब गालिब की ग़ज़लें गाती थी तो उनके कोठे की रौनक देखते बनती थी, लेकिन जमाने वालों ने किसके इश्क को सर माथे लिया है, कहने वालों ने तो मीराबाई तक को कृष्ण की रखैल कह दिया, तो नवाब जान को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा और इसी वजह से उन्हें दिल्ली छोड़कर बनारस की तरफ कूच करना पड़ा, कहते हैं कि गालिब जब अपने पेंशन के सिलसिले में कोलकाता जा रहे थे तो उनका बनारस भी रुकना हुआ और फिर नवाब जान के घर भी गए, लेकिन वहां जाकर उन्हें मालूम चला कि अब उनकी माशूका नहीं रहीं उनका इंतकाल हो गया।

ये ना थी हमारी किस्मत के विसाले यार होता।
अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता।

गालिब नवाब जान की मौत के बाद काफी टूट गए थे, और कुदरत का करिश्मा तो देखिए कि जिस पेंशन के सिलसिले में गए वो काम भी नहीं हो पाया, और फिर जब गालिब दिल्ली आए तो मानो जैसे उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, उनका एक ही बेटा जो कुछ महीनों का था वो मर चुका था, इससे भी गालिब को काफी धक्का लगा।
आगे चलकर गालिब को शराब और जुए की बहुत ज्यादा लत लग चुकी थी, एक बड़ा मशहूर किस्सा है, उनसे एक बार किसी ने पूछा कि मिर्ज़ा तुम इतनी शराब क्यों पीते हो, तो उन्होंने पलटकर कहा, देखो मियां खुदा ने सबके खाने का इंतजाम किया है तो पीने का इंतजाम मैं खुद ही कर लेता हूं।

ये मसाले तसव्वुफ ये तेरा बयान गालिब।
तुझे हम वली समझते जो ना बादाखार होता

कहा जाता है कि गालिब नास्तिक थे लेकिन गालिब ने एक शेर कहा है जो सुनकर मुझे नहीं लगता कि ग़ालिब नास्तिक थे।

बनाकर फकीरों का हम भेस गालिब।
तमाशा ए एहले करम देखते हैं।

गालिब मेरी नजर में एक सूफी संत थे, जो आज भी अपनी शायरी और अपनी लेखनी के जरिए जिंदा हैं, मेरा मानना है कि जिनकी शायरी जिंदा होती है वह कभी मरा नहीं करते शब्दों के जरिए हमेशा हमेशा के लिए जिंदा रह जाते हैं, और गालिब उन शायरों में शुमार होते हैं जो शायद कयामत के बाद भी पढ़े जाएं।

गालिब ने हर उस मौजू को छूने की कोशिश की जो एक आम इंसान सोचता है, इसीलिए गालिब सबसे मुश्किल शायर होने के बावजूद भी आवाम के शायर रहे।
गालिब ने अपनी सारी जिंदगी सिर्फ लिखने का ही काम किया, उन्होंने उर्दू और फारसी ज़बान की जितनी खिदमत की मुझे नहीं लगता किसी और ने की होगी, दीवान ए ग़ालिब नाम से उनका मशहूर ग़ज़ल संग्रह जो आज भी बहुत पढ़ा जाने वाला किताब है, इसके अलावा उन्होंने खत लिखें जो बहुत मशहूर हैं, नज़्में बच्चों के लिए कायदा और बहुत कुछ लिखा।

गालिब से मेरी मुलाकात गुलजार साहब के जरिए हुई, मेरी 12वीं के इंतिहान थे और पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था तो सोचा कि थोड़ी तफरी की जाए, उसी वक्त मैंने गुलजार साहब का बनाया हुआ नाटक, मिर्ज़ा ग़ालिब देखा, फिर तो गालिब का जैसे मैं दीवाना सा हो गया।

गालिब ने शायरी के अलावा मुगल सल्तनत के आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर की और उनके खानदान की तारीख भी लिखी, मुझे कभी-कभी ऐसा लगता है कि मुगलों के पतन की कहानी गालिब से अच्छा कोई नहीं लिख सकता था।

गालिब ने अपने आखिरी दिन बल्लीमारान के कासिम जान गली वाली हवेली में ही बिताई, यहीं पर रहकर आपने 1857 का खौफनाक मंजर देखा, और यही रहते हुए आपको मालूम चला कि बहादुर शाह जफर को रंगून भेज दिया गया है, और उनके बेटों का सर काटकर खूनी दरवाजे पर लटका दिया गया है, और अब दिल्ली पर भी अंग्रेजों का कब्जा हो गया है।

गालिब इसके 12 साल बाद यानी अट्ठारह सौ 69 को पर्दा कर गए, लेकिन खुदा की मर्जी तो देखिए ग़ालिब साहब के मरने के बाद उन्हें दफनाया भी गया तो हजरत निजामुद्दीन औलिया साहब की मजार के पीछे, लेकिन दुख तब होता है जब मालूम चलता है की उर्दू अदब के भगवान गालिब के मजार की देखरेख करने वाला आज कोई नहीं है।

दर्द मिन्नत कश ए दवा ना हुआ।
मैं ना अच्छा हुआ बुरा ना हुआ।
कुछ तो पढ़िए के लोग कहते हैं।
आज गालिब ग़ज़ल सरा ना हुआ।

©राजीव साहिर।

जीरे के पोषक तत्व

जीरे (Cumin) में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , खनिज , विटामिन तथा फाइबर सभी प्रकार के पोषक तत्व होते है। जीरे में आयरन और मैंगनीज  प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा इसमें कॉपर , कैल्शियम , मेग्नेशियम , फास्फोरस , पोटेशियम , जिंक भी पर्याप्त मात्रा  में पाए जाते है।
कुछ मात्रा इसमें विटामिन सी , विटामिन के , विटामिन ई, विटामिन बी1 , बी 2 , बी3 आदि की भी होती है। जीरा बीटा  केरोटीन , ल्यूटेन , मेलाटोनिन तथा कई प्रकार के वाष्पशील तेल आदि का स्रोत होता है।
फायदे-

  • कब्ज या अपच होने पर एक गिलास छाछ में आधा चम्मच भुना पिसा जीरा तथा थोड़ा काला नमक मिलाकर कुछ दिन नियमित पीने से कब्ज में आराम मिलता है।
  • जीरा तथा मिश्री समान मात्रा में लेकर पीस लें। यह चूर्ण एक एक चम्मच दिन में तीन बार ठन्डे पानी के साथ फांक लें। इससे पाईल्स की सूजन कम हो जाती है तथा दर्द मिटता है।
  • गर्भावस्था में होने वाली कब्ज तथा पाईल्स के लिए एक एक चम्मच जीरा , साबुत धनिया तथा सौंफ एक गिलास पानी में भिगो दें। इसे सुबह उबाल कर छान लें। इसमें आधा चम्मच देसी घी मिलाकर पी लें।  इस प्रकार सुबह शाम चार पांच दिन लेने से कब्ज और बवासीर मिट जाते हैं। इससे बवासीर में रक्त गिरना भी बंद होता है।
  • पानी में जीरा डाल कर उबाल लें। ठंडा होने पर इस पानी से चेहरा धोने से दाग , धब्बे , झाइयां , पिम्पल्स आदि मिटते हैं तथा चेहरे पर चमक आती है।
  • जीरा तथा सेंधा नमक दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसे मंजन की तरह दांतों पर नियमित लगाने से दांत मजबूत होते हैं तथा मुंह से बदबू आती हो तो वह भी दूर होती है।
  • जीरा , सौंफ , अजवाइन तथा मेथी की बराबर मात्रा को पीस कर इसमें स्वाद के अनुसार काला नमक मिला लें। यह चूर्ण रोजाना एक चम्मच लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। गैस नहीं बनती तथा गैस के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
  • पेट में दर्द होने पर जीरा , अजवाइन, सोंठ , काली मिर्च , हींग तथा काला नमक बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसे आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से गैस या अपच के कारण होने वाला पेट दर्द ठीक होता है।
  • चुटकी भर जीरे में नींबू का रस तथा काला नमक मिलाकर चबाने से  जी घबराना ठीक होता है।
  •  सुबह और शाम को एक गिलास दूध में एक चम्मच पिसा हुआ जीरा और एक चम्मच मिश्री मिलाकर पीने से स्तन के दूध में वृद्धि होती है। स्तनपान कराने वाली नवजात शिशु की माँ के स्तन में दूध कम हो तो इसका उपयोग जरूर करना चाहिए।
  • सोते समय आधा चम्मच भुना पिसा जीरा गुनगुने मीठे दूध के साथ लेने से नींद अच्छी आती है।
  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच जीरा पाउडर , सेंधा नमक , तथा नींबू का रस डालकर पीने से उल्टी होना बंद होता है।
  • जीरे को पानी के साथ बारीक पीस कर इसे उबटन की तरह स्किन पर लगाकर नहाने से त्वचा चमकदार हो जाती है तथा स्किन पर होने वाले रोग जैसे खुजली आदि  दूर होते है।

जीरे से नुकसान

जीरा एक दवा के रूप में कम मात्रा में लेना फायदेमंद होता है लेकिन अति किसी भी चीज की नुकसान ही करती है। जीरे का गलत तरीके से उपयोग या अधिक मात्रा में उपयोग भी नुकसानदेह हो सकता है अत: इसके उपयोग में कुछ सावधानी रखनी चाहिए जो इस प्रकार हैं।

  • जीरा पित्त बढ़ाता है अत: पित्त प्रकृति के लोगों को अधिक मात्रा में जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जीरे की तासीर गर्म होती है। गर्भावस्था में किसी भी गर्म तासीर वाली वस्तु का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। अत: जीरा भी कम मात्रा में ही उपयोग करें।
  • जीरा रक्त में शर्करा की मात्रा को प्रभावित करता है अत: डायबिटीज की दवा ले रहे हों तो जीरा डॉक्टर की सलाह के बाद लेना चाहिए। इसी वहज से ऑपरेशन से पहले या बाद में ज्यादा जीरा नहीं लेना चाहिए।
  • यदि जीरे के कारण एलर्जी होती हो तो इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

क्या आप जानते हैं कि आपके खाने को स्वादिष्ट व चटाकेदार बनाने के लिए कई तरह के मसालों का यूज आप आपनी किचन में करती हैं। लेकिन कभी सोचा है कि इस मसालों का आपकी सेहत पर क्या असर होता है।

आपने अक्सर सुना व देखा होगा कि जिन घरों में छोटे बच्चें पेट दर्द से परेशान होते हैं तो घर के बड़े हमेशा देसी इलाज यानि कि हींग का फाक इसके पेट पर लगा दो, देखों अभी ठीक हो जाएगा। या फिर खाने के बाद पेट का फूला हुआ लगना या फिर खाने का पूरी तरह से डाइजेस्ट न होना , तो इसमें भी वह गर्म पानी के साथ अजवाइन लेने की एडवाइज देती है।

वैसे तो बाजार में सभी बीमारियों व परेशानियों का इलाज आसानी से मिल जाता है लेकिन हमारी किचन के साबुत मसालों में एक घर का डॉक्टर छिपा है , यह आपको पता नहीं।

आपने देखा होगा कि पुराने जमाने में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को आज के समय में नई पैकिंग के साथ बेचा जा रहा है चाहे वह मसाले हो या फिर पानी पीने के लिए तांबे के बर्तन।
पुराने जमाने में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बुटियां व साबुत मसालों से लोगों का इलाज आसानी से हो जाता था जिसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं था।

हमारी इस सीरिज में बात होगी ऐसे ही मसालों की जो आपके खाने को टेस्टी बनाने के साथ ही आपकी सेहत का ख्याल भी रखते है।

In the last two decades, clinicians have witnessed rapid evolution in the management of neuroendocrine tumors (NETS) in the gastrointestinal tract.
Gastro-entero-pancreatic neuroendocrine tumours (GEP-NETs), is a rare cancer originating from the digestive diffuse endocrine system.

According to Dr Liau Kui Hin, senior consultant at Mt Elizabeth Hospital Singapore, multimodal management of the disease provided by a multi- and trans-disciplinary team remains the key element for ensuring the clinical success of the outcome.

At Mt Elizabeth Singapore, Modern surgery combined with the application of surgical technology (such as minimal access surgery, argon plasma coagulator, harmonic scalpel, etc.) allow operations to be performed with greater precision and speed, less pain, less complications and faster recovery with shorter hospital stays. Better clinical outcome and quality of life can be expected.

Keeping pace with technological developments in NETS treatment, Parkway Hospitals is developing its Peptide Receptor Radionuclide Therapy (PRRT) service. With this treatment option, patients can expect a more personalized treatment, tailored to their cancer type.

The brand offers lip-smacking nutritious recipes to the consumers

India, 25th November 2019: Ripsey, a Mumbai-based health-food tech startup, has opened new outlets in Powai and Chembur adding to its existing outlet in BKC. With this expansion, Ripsey is ready to offer delectable healthy food to the entire Mumbai region. Ripsey offers full stack subscription solution where a top-class team plans, cooks, delivers and tracks the health goal journey for the consumers. In addition to the subscription, one can taste the tantalizing Ripsey flavours through food aggregators like Swiggy, Zomato, Uber Eats.

Ripsey’s current menu of subscription plans helps the consumers with their various health goals such as Fat Loss, Muscle Gain, Stay Fit and Keto. The team tailors the food plan to one’s dietary requisites, cooks the meals, delivers the food as well as tracks the health goal progress. “We are very attentive to the consumers, and we constantly improvise on our recipe offerings and service based on our customer feedback. Both our product strategy and operational strategy is designed around providing a seamless experience to a consumer that is looking to ‘eat-healthy,’ says Alekhya Boora, CFO & Head of Corporate Strategy.

Recently, the company has also raised funding from the Stand-up Government India Fund, which aims to support women entrepreneurs.

Speaking about the new launch, Silky Singh, CEO & CTO, said, “The new outlets are a natural evolution in the business. We are extremely delighted to launch these outlets and spread the wonderful flavors of Ripsey. We make our own food, everything is made on-site in our kitchens, by a team of top chefs. Every operation is in-house, and thus we ensure the food quality, taste, and safety. We are constantly innovating, and we are looking to launch several new plans in the coming months.”

Alekhya says, “We are excited about our next roll-out and their launch is an answer to numerous feedback and requests that we have received from our customers. We are all geared up to launch Ripsey Athlete, a plan focused on folks with intense activity lifestyle, and Ripsey Cutter, a customized and personalized approach to Fat Loss that ensures the achievement of the health goals in an expeditious manner. The idea behind the new launch is to leverage our data insights and technology and create food that the customer is looking to eat. We have many more exciting plans in the works.”

About Ripsey

Ripsey is your health goal partner and will help you in your journey to reach your health goals. We currently offer plans for fat loss, muscle gain, stay fit, and keto plans. Our value proposition is that we are a full stack provider where we plan the meals in consultation with a nutritionist, we cook the meals to the tailored specifications, we deliver the meals to the consumers doorstep, we track the meals consumption through our nutritionist and make sure the meal plan achieved the consumers health goals. 

Website: https://ripsey.com/

ARIES   Cosmic nudge comes this week to do away with fear of failure or negative thoughts. There is still some hope this week and try looking at the windows of opportunities around you. Financial good news awaits for some. Networking is favored this week. Expose yourself to right people and hold discussions for educating self in professional area.


TAURUS  This week there can changes in store for many natives which may look unfavorable in the beginning but in the end it all will make sense. Strong emotions could be felt this week and also an urgency to shake up those areas where there is need of a change. Relationships and communication in focus this week. A balance is required amidst some chaos.


GEMINI   This week you have the capability to bring desired changes in many important areas which you had been considering most important, give everything you got into realizing the dreams. Relationships goals and changes you desire in that can very well be materialized. Important decisions regarding professional and career area or change of approach is also possible for the  better.


CANCER  A period of positivity for most natives.  There is a sense of hope and positive change in your personal world. Relationships are under scanner now. Professional and Career Area shall be supportive during this week. This week also nudges to consider health regime or self care as important.


LEO  Emotional Balance and Clarity is much required this week. If there has been some differences with someone, your are required to accept the pain in order to move on to future. Also there can positive news for few or new beginnings in relationship area. Emotional control and staying positive is what cosmos urges you to achieve. Professional area now requires you to visit uncharted areas and bring in some changes you desire. Push your agenda.


VIRGO People whom you hold dear may be in the receiving end of your empathy and compassion and vise versa. It is a week to remain truthful to self, self reflection would help you stay grounded. There could be an urgency to break the rhythm or tendency to be more creative at times specially within relationships. Work / Professional / Career area shall be more or less satisfactory for most natives.


LIBRA   Being steady and yet make forward movement is what is required today. The week nudges you to stay grounded in all important matters and work with wisdom. Much of your attention would be towards domestic matters or personal world but there is a need of giving equal energies to the changes in Professional world. Realizations of past needs manifestation now.


SCORPIO  This week encourages to take calculated actions towards wherever you think you need a closure. Knead your words with care as there could be mistakes if you are in haste. This week will favor professional area and new endeavors as well. There is serious changes or action around money. Planning with Long run in consideration would be ideal.


SAGITTARIUS  This week nudges you to think the big picture about your life.  Reflecting on self and higher goals will set the tone for future. Financial area is blessed for most this week. Professional endeavors or Career will be benefited with creative thinking and action. Networking and expansion will be required. Relationships will be satisfactory for most 


CAPRICORN  A nostalgic week or may be emotional for some natives as  past memories revisit or fear of past failure resurfacing. This week urges you to face your fear once for all and spontaneously approach a fresh new beginning and unload any baggage that you still carry. Social networking and Professional or Career areas will be satisfactory for most natives.


AQUARIUS  This week highlights the importance of decision making, perseverance and improvement in terms of Career or Profession. Also the week nudges you to expose yourself to potential doors of benefit  or success in your professional/career endeavors. This is as real as it gets as you have to finally accept what you lack and wrong perceptions and do away those for good. Welcome Criticism as those would be your cornerstone.


PISCES  This week decide your priorities, as your energies had been scattered in multiple directions or multitasking has sidelined few important areas. Consolidation of thoughts and making few decisions will only take you so far. Important decisions or plans of future need some homework. Give precedence to social connections and the power of networking or promotion to your pet projects or any money making endeavor.  

Indrani – Tarot Reader

Meet Poonam D’souza-Manchanda – Beauty with Brains 

 
Meet this gorgeous beauty from Mumbai, living in Delhi who dared to dream and making big in the face of challenges. She came, she saw, she conquered. She has an unstoppable fire within and is not afraid to break stereotypes that
“married ladies cant do modeling or female above 35 cant achieve success”. A true example of women empowerment holding Top Management post in Corporate world entering into the world of glamour now.

Who would have thought the beautiful elegant physician would not only end up becoming one of the successful corporate business women, but also turn into a scintillating fashion model who sets the ramp on fire every time she makes an appearance. A timeless beauty with a bold persona, she has displayed her versatility and multifaceted personality through her unconventional choices.

  
Within a short span itself she has an impressive repertoire of brand shoots for celebrity designers under her belt including Kovet by Prarthna Kochhar, DS Designs by Deepinder Singh, and Ashfaque Ahmad, among others, and is working her way to the top. Coming December, the beauty will be seen sizzling on the runway at the International Fashion Week, Chandigarh and Australia fashion week in New delhi .where she will walk the ramp for celebrity designers. Launched & Groomed by Celebrity Fashion director Mr. Harshit Dhingaun who is a well known face of fashion industry and have impacted many lives to achieve there dreams in fashion world.
Poonam is now signed by international fashion agency – Delhi Fashion club which is appreciated by Govt. of india and supports women empowerment.

On describing herself:

“I am a strong independent woman who likes to approach different challenges and always looking for environments that are dynamic and can stretch my abilities to achieve more. I believe in being impactful, to be effective & grow and get out of comfort zones. I believe in taking the road less traveled and leave a legacy.”

  On fashion and love for fashion :

“I believe fashion is art and you are the canvas. It is about making a statement and a way to say who you are without words. It can be a powerhouse to tell design stories in a language profuse with elegance and emotions brought to life through the symphonic sway of the warp and weft.”

On her desires:

“I want to make a sensational impact and real difference to the world around me, and be a role model for empowerment and inspiration for the women of today and the future. I want to enhance public outreach as an inspiring woman comfortable in my own skin, someone who is bold regardless of what others think, living life aligned with my values, passions and vision for myself. I believe empowering women is crucial to creating inclusive, open and progressive societies, thereby contributing to development of the nation. I am committed to furthering the cause of Indian modeling industry and making India proud by being the runway girl and covergirl with an international presence in the global fashion industry.”

About her physical attributes :

Height : 5.8
Bust : 32
Waist : 27
Butts : 34

New Delhi. The 11th edition of IHRS’s annual conference began in New Delhi from 15th November ‘ 2019 and among the prominent and special guest speakers was Prof. (Dr.) Mohsin Hossain, Professor of Cardiology, National Institute of Cardiovascular Diseases (NICVD), Dhaka, Bangladesh.

Indian Heart Rhythm Society (IHRS), was formed in year 2005 in India on the lines of HRS, U.S.A. by illustrious names in the field of Electro Physiology (EP) and has thus become an apex body to further the cause of heart rhythm management in India by continuously working on knowledge sharing among experts and practitioners. IHRS’s annual conference draws EP specialists from all over the country and abroad to reflect upon newer innovations, do case based studies, perform live cases and also run a fellowship program for young EP’s.

Prof. (Dr.) Mohsin Hossain of NICVD, Bangladesh was a special invitee at IHRS 2019 who is spoke on 3D Mapping under Newer Innovations session. NICVD is Bangladesh’s most premier state of the art institute for treatment of cardiovascular diseases to establish most modern cardiovascular care services and also to train the manpower in the field. Dr Hossain is the name to reckon with in Bangladesh when it comes to Arrhythmia and EP who is continuously adopting newer technologies and innovations in this field .

“I am delighted to be a part of IHRS’s annual conference in India and am looking forward to speaking on 3d mapping and meet fellow physicians from India on this great knowledge sharing platform. While Bangladesh is fast progressing on the path of accessing what the world has to offer in terms of newer technologies, we need to undertake training and skill building for our young doctors” said Prof (Dr) Mohsin Hossain

With the advancement of technology, the 3D Electro anatomical Navigation System provides a physician with a three dimensional views of the inside of the chamber of the heart and thereby helps the Electrophysiologists for better treatment modalities. The Orion catheter with its specialty of its design provides the physician to map the anatomy and subsequent ablation of the affected area many times faster.

It also reduces the fluoro time during the procedure to 4 mins which is to a great advantage for both patients and physicians getting minimal exposure to radiation, minimizing any chances of carcinogenic complications later on.

This is one of the sensational inventions of this decade for the treatment of cardiac arrhythmias.