March 29, 2020
Spices

जीरा – Cumin

जीरे के पोषक तत्व

जीरे (Cumin) में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , खनिज , विटामिन तथा फाइबर सभी प्रकार के पोषक तत्व होते है। जीरे में आयरन और मैंगनीज  प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा इसमें कॉपर , कैल्शियम , मेग्नेशियम , फास्फोरस , पोटेशियम , जिंक भी पर्याप्त मात्रा  में पाए जाते है।
कुछ मात्रा इसमें विटामिन सी , विटामिन के , विटामिन ई, विटामिन बी1 , बी 2 , बी3 आदि की भी होती है। जीरा बीटा  केरोटीन , ल्यूटेन , मेलाटोनिन तथा कई प्रकार के वाष्पशील तेल आदि का स्रोत होता है।
फायदे-

  • कब्ज या अपच होने पर एक गिलास छाछ में आधा चम्मच भुना पिसा जीरा तथा थोड़ा काला नमक मिलाकर कुछ दिन नियमित पीने से कब्ज में आराम मिलता है।
  • जीरा तथा मिश्री समान मात्रा में लेकर पीस लें। यह चूर्ण एक एक चम्मच दिन में तीन बार ठन्डे पानी के साथ फांक लें। इससे पाईल्स की सूजन कम हो जाती है तथा दर्द मिटता है।
  • गर्भावस्था में होने वाली कब्ज तथा पाईल्स के लिए एक एक चम्मच जीरा , साबुत धनिया तथा सौंफ एक गिलास पानी में भिगो दें। इसे सुबह उबाल कर छान लें। इसमें आधा चम्मच देसी घी मिलाकर पी लें।  इस प्रकार सुबह शाम चार पांच दिन लेने से कब्ज और बवासीर मिट जाते हैं। इससे बवासीर में रक्त गिरना भी बंद होता है।
  • पानी में जीरा डाल कर उबाल लें। ठंडा होने पर इस पानी से चेहरा धोने से दाग , धब्बे , झाइयां , पिम्पल्स आदि मिटते हैं तथा चेहरे पर चमक आती है।
  • जीरा तथा सेंधा नमक दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसे मंजन की तरह दांतों पर नियमित लगाने से दांत मजबूत होते हैं तथा मुंह से बदबू आती हो तो वह भी दूर होती है।
  • जीरा , सौंफ , अजवाइन तथा मेथी की बराबर मात्रा को पीस कर इसमें स्वाद के अनुसार काला नमक मिला लें। यह चूर्ण रोजाना एक चम्मच लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। गैस नहीं बनती तथा गैस के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
  • पेट में दर्द होने पर जीरा , अजवाइन, सोंठ , काली मिर्च , हींग तथा काला नमक बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसे आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से गैस या अपच के कारण होने वाला पेट दर्द ठीक होता है।
  • चुटकी भर जीरे में नींबू का रस तथा काला नमक मिलाकर चबाने से  जी घबराना ठीक होता है।
  •  सुबह और शाम को एक गिलास दूध में एक चम्मच पिसा हुआ जीरा और एक चम्मच मिश्री मिलाकर पीने से स्तन के दूध में वृद्धि होती है। स्तनपान कराने वाली नवजात शिशु की माँ के स्तन में दूध कम हो तो इसका उपयोग जरूर करना चाहिए।
  • सोते समय आधा चम्मच भुना पिसा जीरा गुनगुने मीठे दूध के साथ लेने से नींद अच्छी आती है।
  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच जीरा पाउडर , सेंधा नमक , तथा नींबू का रस डालकर पीने से उल्टी होना बंद होता है।
  • जीरे को पानी के साथ बारीक पीस कर इसे उबटन की तरह स्किन पर लगाकर नहाने से त्वचा चमकदार हो जाती है तथा स्किन पर होने वाले रोग जैसे खुजली आदि  दूर होते है।

जीरे से नुकसान

जीरा एक दवा के रूप में कम मात्रा में लेना फायदेमंद होता है लेकिन अति किसी भी चीज की नुकसान ही करती है। जीरे का गलत तरीके से उपयोग या अधिक मात्रा में उपयोग भी नुकसानदेह हो सकता है अत: इसके उपयोग में कुछ सावधानी रखनी चाहिए जो इस प्रकार हैं।

  • जीरा पित्त बढ़ाता है अत: पित्त प्रकृति के लोगों को अधिक मात्रा में जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जीरे की तासीर गर्म होती है। गर्भावस्था में किसी भी गर्म तासीर वाली वस्तु का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। अत: जीरा भी कम मात्रा में ही उपयोग करें।
  • जीरा रक्त में शर्करा की मात्रा को प्रभावित करता है अत: डायबिटीज की दवा ले रहे हों तो जीरा डॉक्टर की सलाह के बाद लेना चाहिए। इसी वहज से ऑपरेशन से पहले या बाद में ज्यादा जीरा नहीं लेना चाहिए।
  • यदि जीरे के कारण एलर्जी होती हो तो इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

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