April 1, 2020
Bollywood Cyber Safety

साइबर क्राइम का सटीक सच है जमाताड़ा… सबका नंबर आएगा वेबसीरिज

17 साल के लड़के को 2.5 लाख रुपए कमाने के लिए तीन चीजों की जरूरत है: एक सेलफोन, लड़की की आवाज में नकल करना और कुछ मिनट। झारखंड के एक छोटे से शहर, जामताड़ा के निवासी, सनी, एक बैंक कर्मचारी के रूप में, देश भर के सभी प्रकार के लोगों को बुलाते हैं: दुकानदार, गृहिणियाँ, कॉर्पोरेट अधिकारी। वह उन्हें अपने के्रडिट कार्ड और सीवीवी नंबर के बदले में रिवॉर्ड्स प्वाइंट्स, गोवा की यात्रा या नई कार देने का वादा करता है। प्राप्तकर्ता लगभग हमेशा आसानी से सहमत हो जाते हैं। 

सनी और रॉकी। ममेरे भाई। जामताड़ा में चल रही फिशिंग के दो बड़े और उभरते चेहरे। रॉकी का सपना पॉलिटिशियन बनना है और सनी का सपना फिशिंग से ही खूब पैसे कमाना। सनी अपने ही कोचिंग इंस्टिट्यूट की एक इंग्लिश टीचर गुड़िया सिंह से शादी कर लेता है। ताकि अंग्रेज़ी का कॉल सेंटर खोलकर और ज़्यादा से ज़्यादा अंजान लोगों को फिशिंग का शिकार बना सके। लेकिन गुड़िया भी कम महत्वाकांक्षी नहीं है। उसे कनाडा जाना है और वो सनी को भी डोमिनेट करके रखती है।अपने सपनों के चलते दोनों भाई, क्रिमिनल विधायक ब्रजेश भान के चंगुल में फंस जाते हैं। साथ ही दोनों के बीच की दूरी बढ़ते-बढ़ते दुश्मनी के लेवल तक पहुंच जाती है। उधर एक युवा एसपी डॉली साहू की पोस्टिंग जामताड़ा में इसलिए होती है ताकि वो फिशिंग के जाल को उधेड़ सके। इस सब के बीच हैं इंडिया के शहरों से लेकर गांवों तक के वो विक्टिम्स जिनको अपने लूट लिए जाने का एहसास हो, तब तक फोन कट चुका होता है।

जामताड़ा झारखंड में स्थित एक छोटा सा गांव है जिसे सांपों का गांव भी कहा जाता है। वर्ष 2014 में यहां पर फिशिंग करके पैसे कमाने का सबसे आसान साधन था। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह वेब सीरिज साइबर क्राइम का खुला प्रभाव दर्शाती है। कि आजकल किस तरह से साइबर क्राइम अपने मजबूत पैर पसार चुका है।

एक कॉल के द्वारा, मैसेज के द्वारा और ई-मेल के द्वारा किस तरह के बातों की बातों में कुछ मिनट में आपकी आंखों के सामने से अकांउट में से पैसे गायब होते हैं। इन सब क्रियाओं में पुलिस की लाचार नजर आती है, क्योंकि क्राइम इतनी सफाई से किया जाता है कि कोई सबूत ही नहीं मिलता। वेब सीरीज का सबसे जबरदस्त पार्ट एक्टिंग है। अमित स्याल नेता बृजेश भान के रोल में जमते हैं। वहीं, दिब्येंदु भट्टाचार्य लाचार पुलिस वाले बिस्वा पाठक के रूप में परफेक्ट लगते हैं। स्पर्श श्रीवास्तव (सनी मंडल), अंशुमन पुष्कर (रॉकी मंडल), मोनिका पवार (गुडिया) अपने अभिनय से ध्यान खींचने में कामयाब रहे हैं।

हालांकि, एसपी जामताड़ा का किरदार निभाने वाली अक्षा परदसानी और भी शानदार काम कर सकती थीं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाती है। कुछ दृश्यों में वो अपने किरदार से न्याय नहीं कर सकी हैं।कुल मिलाकर कहा जाएं तो यह सीरिज हमें ऐसी घटनाओं के लिए आगाह करती है जो जाने-अनजाने ऐसी क्रियाओं का शिकार हो चुके है या हो जाते हंै। वैसे तो सरकार भी इस ओर काफी सख्त कदम उठा रही है। लेकिन वो उस जनता का क्या करें जो buy one get one free की पद्धति पर चलती हो। 

सावधान रहिए…..सुरक्षित रहिए।

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