April 3, 2020
Health

कोरोना (Corona) कहीं जैविक हथियार (Biological Weapons) का टेस्ट तो नहीं?

चीन ( China ) ने निकल कर आहिस्ता आहिस्ता पूरी दुनिया को कोरोना वायरस (Corona Virus) ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है और यह संख्या लगातार बढती जा रही है। इस वायरस से 19 मार्च तक पूरी दुनिया में 2,31,204 लोग संक्रमित हुए और मरने वालों की संख्या 9,390 पहुंच गयी।

बर्डफ्लू और स्वाइन फ्लू के कारण का पता दुनिया के वैज्ञानिकों ने लगा लिया था जबकि इस अज्ञात वायरस कोरोना (Corona Virus) को लेकर अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

व्हाटसअप, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया आजकल कोरोना वायरस (Corona Virus) के सुझाव, आंकडों और वीडियो से पटे पडे हैं और अफवाहों का बाजार कुछ इस कदर गर्म है कि किसी बीमारी को लेकर जैसा कभी नहीं रहा। हालांकि इसके मरने का प्रतिशत काफी कम रहा है। इस कारण कई सवाल उभरकर सामने आते हैं।

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कोरोना वायरस कहां से आया? कैसे पैदा हुआ? इसके संक्रमण के धीरे धीरे फैलने का कारण क्या है? वक्त के साथ मौत क्यों बढ जाती है? क्या कोरोना वायरस है या कुछ और? जैसे कई प्रकार के प्रश्न हमारे जहन में पैदा हो रहे हैं और मीडिया के बाजार में इसे कई प्रकार से पेश किया जा रहा है। इसके उत्पन्न होने और फैलने को लेकर तीन थ्योरी हो सकती है। 

पहली थ्योरी के अनुसार चीन की वुहान इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी की लैब से यह वायरस बाहर आ गया जिसके लिए वैज्ञानिक जिम्मेदार थे।

यह तर्क इसलिए काफी सटीक माना जा रहा है क्योंकि चीन काफी समय से जैविक हथियार (Biological Weapons) बनाने के लिए प्रयासरत है।

इसके पीछे दूसरी थ्योरी यह है कि इस वायरस को अमेरिका (USA) ने वहां होने वाले राष्ट्रपति चुनावों को कथित रूप से प्रभावित करने के लिए फैलाया हो।

इससे पहले 20 मार्च 2003 को तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने इराक पर राष्ट्रपति चुनावों के ठीक पहले हमला किया था।

इस थ्योरी के समर्थन में कहा जा सकता है कि किसी देश के वैज्ञानिक को कथित रूप से खरीदकर कोई महाशक्ति यह काम बडी आसानी से कर सकती है।

इससे पहले पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक ए क्यू खान ईरान, उत्तरी कोरिया और लीबिया को बेचने का मामला सामने आया था। इसके अलावा इस वायरस के हमले ने दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं को नष्ट करने का काम किया जो किसी ना किसी रूप में अमेरिका (USA) के हित में है।

तीसरी थ्योरी यह हो सकती है यह आतंकवादी संगठनों का काम हो, क्योंकि कोरोना वायरस (Corona Virus) फैलने के बाद से आतंकवादी गतिविधियां बंद है। कोई शक्तिशाली देश आतंकवादियों के साथ मिलकर कोरोना के संक्रमण को फैलाने का काम कर सकता है।

गौरतलब है कि जब पाक न्यूक्लियर वैज्ञानिक ए क्यू खान को पाकिस्तानी शासन ने रिहा किया था तब अमेरिका की मांग की थी कि उसे उन्हें सौंप दिया जाये क्योंकि जो वैज्ञानिक दूसरे देशों को न्यूक्लियर तकनीकी बेच सकता है तो वह किसी आतंकवादी संगठनों को भी इसे बेच सकता है।

खबरों के मुताबिक यह वायरस चमगादड से फैला है और यह केवल एक सामान्य महामारी है जिस पर आने वाले वक्त में दुनिया विजय पा ले।

खैर, अगर हम हिन्दुस्तान की बात करें तो अगले दो हफ्ते काफी अहम होंगे जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में किया। यह एकदम अगल तरह का वायरस है, इसलिए डाक्टरों द्वारा सुझाये जा रहे ऐहतियात बरतें और इसे फैलने से रोकने की मुहिम में सहयोगी बनें।

Author – Deepak Sen – Senior journalist

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