September 30, 2020
Lifestyle

बहुत दिनों बाद एक सुगंध सी छाई,
तपती धरती के पुकार पर, एक बूँद धरा पर आई

मानव तो पहले ही डरा था, महामारी के आगे सहमा सा खड़ा था
सूरज ने अपने यौवन से, उसे और बेबस करा था |

तपन से जलते तनों को, महामारी से डरते मनों को,
सुहानी सी हवाओं बीच, इंद्र ने माला पहनाई|

इंद्रधनुष साथ लेकर, बूंदे अवनी पर आई
बहुत दिनों बाद फिर एक सुगंध सी छाई |
तपती धरती के पुकार पर, एक बूँद धरा पर आई

लेखक – विक्रम गौड़

Lifestyle

कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद अब देश अनलॉक की तरफ बढ़ चला है। लेकिन अनलॉक पीरियड में भी कई बंदिशें लागू रहेंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो गाइडलाइन जारी की है उसके मुताबिक अभी कई क्षेत्रों में और अलग-अलग आयु वर्ग पर लॉकडाउन जैसी ही पाबंदियां रहेंगी।
आइए एक नजर डालते हैं अनलॉक के दौरान जारी पाबंदी पर

  1. पहले की तरह है अनलॉक पीरियड में भी 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को घर से बाहर नहीं जाने की सलाह दी गई है।
  2. गर्भवती महिलाएं गंभीर रूप से बीमार लोगों और 10 साल से छोटे बच्चों को भी घर में रहने को कहा गया है।
  3. इन सभी को केवल इमरजेंसी और स्वास्थ्य कारणों से ही घर से बाहर निकलने की इजाजत दी गई है।
  4. पहले की तरह तुमसे डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रखा गया है और मास्क लगाने की बाध्यता भी जारी रहेगी। 
  5. किसी भी स्थान पर भीड़ लगाने की इजाजत नहीं होगी। 
  6. शादियों में अभी भी 50 से ज्यादा लोगों को इकट्ठा होने की मंजूरी नहीं दी जाएगी। 
  7. किसी के अंतिम संस्कार में अभी 20 लोग से ज्यादा इकट्ठे नहीं होंगे। 
  8. सार्वजनिक जगहों पर पहले की तरह थूकने पर प्रतिबंध रहेगा, साथ ही साथ पान गुटखा के सेवन पर भी रोक लागू रहेगी। 
  9. ऑफिसों में प्रॉपर स्क्रीनिंग और साफ सफाई रखी जाएगी, साथ ही साथ सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा। 
Lifestyle

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉक डाउन 4 के बाद अनलॉक वन की तरफ बढ़ते हुए जो गाइडलाइन जारी की है उसमें छूट का दायरा 1 जून से 30 जून के बीच चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा । सरकार ने जो फैसला किया है उसके मुताबिक किन जगहों पर लोगों को छूट मिलेगी और कहां पाबंदी है लागू रहेगी इसकी पूरी डिटेल गाइडलाइन में दी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कंटेनमेंट जून के बाहर सरकार की तरफ से चरणबद्ध तरीके से छूट दी जाएगी कंटेनमेंट जून में किसी तरह की गतिविधि पर अभी भी पाबंदी लागू रहेगी अनलॉक के फेस वन में क्या खुलेगा एक नजर डालिए…

  1. मॉल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल खुलेंगे।
  2. राज्य सरकार स्कूल-कॉलेज खोलने पर फैसला लेगी। 
  3. एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की आवश्यकता नहीं होगी। 
  4. मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे और चर्चे खोल दिए जाएंगे। 
  5. अंतर्राज्यीय परिवहन पर रोक नहीं होगी।

अनलॉक फेज वन में जो सेवाएं बंद रहेंगी वह इस प्रकार है … 

  1. मेट्रो सेवा सिनेमा हॉल पहले की तरह बंद रहेगी।
  2. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी जारी रहेगी। 
  3. शॉपिंग मॉल 8 जून तक बंद रहेंगे, होटल रेस्टोरेंट 8 जून के बाद खुलेंगे। 
  4. सिनेमा हॉल और थिएटर पर पाबंदी रहेगी। 
  5. जिम और स्वीमिंग पूल पर भी प्रतिबंध 
  6. बार पर भी पाबंदी जारी रहेगी। 
  7. ऑडिटोरियम और असेंबली हॉल पर भी प्रतिबंध ।
  8. 10 साल से छोटे बच्चों को घर पर रहने की सलाह । 
  9. अंतिम संस्कार के लिए 20 से ज्यादा लोगों को इजाजत नहीं। 
Lifestyle

30th May 2020: उत्तराखंड की पहाड़ियों में अब उच्च गुणवत्ता वाले ऑस्ट्रेलियाई भेड़ से ऊन का उत्पादन किया जाएगा। इन भेड़ों से प्राप्त होने वाली ऊन से देश के कपड़ा उद्योग की वैश्विक बाजार पर निर्भरता कम होगी। 27 मई को, राज्य पशुपालन विभाग द्वारा संकलित भेड़ की ऊन की गुणवत्ता की परीक्षण रिपोर्ट ने पुष्टि की कि ऊन की गुणवत्ता ऑस्ट्रेलियाई मेरिनो भेड़ के समान है।

पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि, “हमने पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई मेरिनो भेड़ आयात किया था और प्युर्ब्रेड से उसी गुणवत्ता और मात्रा में ऊन का उत्पादन हुआ जैसा ऑस्ट्रेलिया में मेरिनो भेड़ से होता है।“ सुंदरम ने कहा कि औसत फाइबर डाइऐमिटर भी 16.88 माइक्रोन है जो बहुत प्रभावशाली है। दुनिया भर में कपड़ा उद्योग में इसकी सबसे अधिक मांग रहती है।

पिछले साल राष्ट्रीय पशुधन योजना के तहत करीब 8.30 करोड़ रुपए की लागत से ऑस्ट्रेलिया से 240 मेरिनो भेड़ों को आयात किया गया था। जिन्हें ऊन की गुणवत्ता में सुधार और प्रजनन के लिए टिहरी गढ़वाल जिले में एक फार्म में रखा गया है। यह विकास कितना महत्वपूर्ण है इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि भारतीय कपड़ा उद्योग ऑस्ट्रेलिया समेत वैश्विक बाजार से 8000 मीट्रिक टन ऊन का आयात करता है, जिसकी कीमत 2000 करोड़ रुपये से अधिक है।

सुंदरम ने कहा कि, “उत्तराखंड में अगले सात वर्षों के लिए बहुत ही उन्नत प्रजनन कार्यक्रमों के साथ इसे एकीकृत आजीविका परियोजनाओं के साथ जोड़कर, हम भारत में कपड़ा उद्योग की कुल ऊन आवश्यकता का लगभग 50% उत्पादन कर सकते हैं।”

भेड़ फार्म में भ्रूण हस्तांतरण तकनीक में आधुनिक कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से एक उच्च गुणवत्ता वाले जर्मप्लाज्म को भेड़ के प्रजनक के लिए बनाया गया है। राज सरकार कोविड-19 के कारण उत्तराखंड लौटने वाले प्रवासी आबादी को एक स्थायी आजीविका के अवसर के रूप में भेड़ पालन की

Bollywood

As part of a digital webinar earlier today, actress Hina Khan along with co-actor Kushal Tandon made an official announcement for their upcoming webfilm ‘Unlock’ which is slated to release on the 26th of June!

The film has an exciting plot and storyline, featuring the dark side of the tech and webworld, which Hina and Kushal are all set to be a part of!

Apart from revealing details about the film, Hina and Kushal also spoke about their fun camaraderie and rapport on the sets! While HIna was the extremely focussed one while shooting, Kushal was more on the chilled out side, so he revealed that he actually called Hina a ‘Teacher’ throughout the duration of their shoot, because there was so much that he learnt and picked up from her entire style and way of working which he found to be quite commendable! 

Kushal even went on to reveal that in his career apart from working with his Beyhadh costar Jennifer Winget who was a thorough  professional, Hina is now the second most amazing and professional actor he has had the lovely chance to work with! 

Politics

By Dr Rajeev Bindal, MLA Nahan

पंचायत का वार्ड सदस्य, उप-प्रधान, प्रधान, बी0 डी0 सी0 सदस्य, जिला परिषद सदस्य, विधायक एवं सांसद ये वह शक्स है जो लोकतान्त्रिक प्रणाली (Democratic Process)में चुन कर जन प्रतिनिधि (Public Representative) बने है, इनके अतिरिक्त भी कुछ और पद है जो चुनाव द्वारा भरे जाते है जैसे को-ओपरेटिव सोसाईटीज आदि परन्तु उनके मतदाता (voters) सभी नहीं होते इसलिए उन्हें जन-जन का प्रतिनिधी कहना शायद उचित नहीं होगा ।

जन प्रतिनिधि Public Representative बनने से पूर्व व्यक्ति बड़े उत्साह से, मन की, तन की, परिवार की पूरी तैयारी के साथ इस सामाजिक-राजनैतिक जीवन में आने की घोषणा करता है, तन-मन-धन लगा कर लोकतान्त्रिक प्रणाली Democratic Process से चुनाव जीत कर जन प्रतिनिधि Public Representative बनता है । ये जन प्रतिनिधि Public Representative भारत जैसे लोकतन्त्र में अहम् भूमिका निभाते है । सत्ता की राजनिति के साथ इन जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली, कार्यक्षमता एवं सफलता भी प्रभावित होती है ।

Rajiv Bindal Rajeev

जन प्रतिनिधियों Public Representative से जन-जन की अपेक्षाऐं :

यह विषय बहुत बड़ा, कलिष्ठ एवं पद, स्थान, क्षेत्र आदि के अनुसार परिभाषित होने वाला है इसलिय केवल एक लेख में समाहित नहीं किया जा सकता । प्रयास करेंगे कि इसे आगे क्रमशः लिखा जाए । यह बहुत बड़े शोध का विषय भी है ।

हर पंचायत से लेकर लोकसभा क्षेत्र की अलग-अलग समस्याऐं है, जनमानस की अलग-अलग अपेक्षाऐं है । फिर भी इन्हें वर्गीकृत करने का प्रयास करूंगा ।

सामुहिक अपेक्षाऐं :  विकास सम्बन्धित अपेक्षाऐं – सड़क, बिजली, पानी, रास्ते, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि आदि ।

व्यवहार सम्बन्धित अपेक्षाऐं :  मृदुभाषी, मिलनसार, सदा उपलब्ध रहने वाला, सीधे सम्पर्क कर सकने योग्य, सुःख-दुःख का साथी, दयानतदार, ईमानदार, समय का पाबन्द आदि-आदि ।

व्यक्तिगत् अपेक्षाऐं :  नौकरी, कारोबार, रोजगार, मान प्रतिष्ठा देने वाला, व्यक्तिगत् कामों में मदद, शादी-विवाह में शामिल होने वाला आदि-आदि ।

ये हैं सामान्य जनमानस की अपेक्षाऐं, जिन्हें विस्तार से बाद में लिखने का प्रयास करेंगे ।

जन प्रतिनिधि Public Representative जिस संगठन से है, जिन साथियों एवं लोगो के बूते वह जन प्रतिनिधि Public Representative बना है उन कार्यकर्ताओं की भी जनप्रतिनिधियों से अपेक्षाऐं रहती है । हर किसी के मन में तो उतरा नहीं जा सकता परन्तु सामान्य अपेक्षाओं को वर्गीकृत करने का प्रयास किया है ।

सामुहिक अपेक्षाऐं :

  1. संगठन के प्रति या जिताने वाले साथियों के प्रति समर्पित देखना चाहता है ।
  2. अपने नेता के आचरण पर दृष्टी रखता है ।
  3. समाज एवं इलाका वासियों के प्रति सवेंदनशीलता की अपेक्षा रखता है ।
  4. अपने नेता के मार्फत कार्यकर्ता को मानसम्मान मिले ऐसी उम्मीद रखता है ।
  5. जन प्रतिनिधि फोन पर उपलब्ध रहे यह हर कार्यकार्ता की अपेक्षा रहती ही है ।

विकासात्मक अपेक्षाऐ :

  1. सत्ता की राजनिति के अनुसार जन प्रतिनिधि से अपेक्षाऐं बदलती है ।
  2. जन प्रतिनिधि की छवि के अनुरूप भी अपेक्षाऐं भिन्न-भिन्न रहती है ।
  3. सामान्यता सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं जन अधिकारों की रक्षा की अपेक्षा रहती है ।

व्यक्तिगत् अपेक्षाऐं :
कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग है या यूॅ कहें कि अधिकतर कार्यकर्ताओं की कोई व्यक्तिगत् अपेक्षा नहीं रहती । वह विचारधारा से जुड कर, व्यक्ति विशेष से जुड़ कर समर्पण भाव से, त्याग भाव से, समाज हित में, देश हित में, इलाके की भालाई के लिए तन-मन एवं धन के साथ लोकतान्त्रिक प्रक्रिया Democratic Process में जुडता है, जन प्रतिनिधि Public Representative को जिताता है और उस जन प्रतिनिधि को उसका कार्य करने के लिए छोड़ देता है ।

केवल कुछ कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत् अपेक्षाऐं रहती है जोकि सामान्य जनमानस की आपेक्षाओं से मेल खाती है ।

Dr Rajiv Bindal, MLA Nahan
कार्यालय – नजदीक कालीस्थान तालाब,
Nahan , जिला सिरमौर Himachal Pradesh
पिन न0 173001

Lifestyle

11 लोगों के लिए बने 21 रसगुल्ले, 101 पूड़ियां और 11 कटोरी सब्जी

शादी में दोनों पक्ष के लोगों ने मिलकर 50 हजार रुपये से सैनेटाइजर (Sanitizer), मास्क (Mask) ओर राशन खरीदकर असहायों में बांटी.

देशभर में कोरोना (COVId-19) का कहर जारी है. कुछ लोग मनमानी करते हुए जहां लॉकडाउन (Lockdown) की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसके पालन को लेकर मिसाल कायम कर रहे हैं. कोरोनाबंदी के दौरान एटा जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला रेशू में एक दिलचस्‍प मामला सामने आया है. यहां लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए हिन्‍दू रीति रिवाज से शादी का आयोजन किया गया. दोनों पक्ष से 11 लोग मौजूद थे. शादी में भोजन की व्‍यवस्‍था चर्चा का विषय बना हुआ है.

अलीगढ़ जनपद के थाना गांधी पार्क के मोहल्ला अवतार नगर में रहने वाले रवि यादव पुत्र रामवीर यादव की शादी 29 मई को तय हुई थी. लड़के के पिता ने मात्र 5 लोगों का पास बनवाकर थाना कोतवाली नगर निवासी संतोष यादव की पुत्री नीतू यादव के साथ शादी की रस्में पूरी कराई. शादी सम्पन्न हुई और विदा करवा कर अपने ग्राम अवतार नगर वापस आ गए. शादी में 6 घराती और 5 बराती शामिल हुए.

दिलचस्प ये रहा कि वधू पक्ष से भोजन की जो व्यवस्था की गई थी, उसमें भी खाना खराब न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया. सभी 11 लोगों के भोजन के लिए 21 रसगुल्ले और 101 पूड़ियां और 11 कटोरी सब्जी की व्यवस्था की गई थी. यही नहीं दोनों पक्ष के लोगों ने शादी में खर्च होने वाले पैसों में से 50 हजार रुपये असहाय लोगों को सेनेटाइजर, मास्क, राशन बांटकर उनकी मदद भी की है.

इस संबंध में विवाहित जोड़े ने कहा कि हमलोगों ने लॉकडाउन का पालन करते हुए शादी की है. यह भी जीवन में एक यादगार पहचान बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि अगर कोरोना जैसी महामारी से बचना है, तो लॉकडाउन के नियमों का पालन अवश्य करें. देश को इस महामारी से बचाएं घर पर रहें. सुरक्षित रहें.

Politics

By Dr Rajeev Bindal, MLA Nahan

जन साधारण में यह धारणा रहती है कि जनप्रतिनिधि (public representative) बाकी समाज से पूर्णतया भिन्न होता है, वह यह योचता है कि जन प्रतिनिधि (public representative)/सामाजिक कार्यकर्ता (Social Worker) का कोई व्यक्तिगत् जीवन नहीं होता, कोई पारिवारिक जीवन नहीं होता, उसे अपने शरीर के लिए, मन, बुद्धी, आत्मा के लिए, परिवार के लिए कोई समय की आवश्यक्ता नहीं रहती है । इस वजह से समाज का व्यक्ति राजनैतिक (Political)/सामाजिक(Social) कार्यकर्ता से पूर्ण रूपेण समाज के लिए ही काम करने की उपेक्षा करता है । इस विषय को गहराई से समझ लेना व मनन कर लेना नितान्त आवश्यक है ।

समाज का विचार, समाज का व्यवहार उपरोक्त धारणा के अनुरूप चलता है उसी के अनुरूप व्यक्तियों की अपेक्षाऐं बनती है ।

उदाहरण :

ग्रामीण परिवेष (Rural Background) का व्यक्ति प्रातः जल्दी उठता है, पशु का, खेत का काम करने के बाद भी वह प्रातः 6-7 बजे अपने जन प्रतिनिधि (public representative)  या नेता (Leader) से बात करके अपनी समस्या का समाधान चाहता है । उसे यह स्मरण नहीं होता कि न मालूम हमारा प्रतिनिधि रात्री किस समय तक कार्य में रहा होगा ।

इसके विपरीत शहर में रहने वाला व्यक्ति पूरे दिन का अपना काम काज निपटा कर जन प्रतिनिधि/सामाजिक कार्यकर्ता से मिलने की या उनसे बात करने की योजना बनाता है ।

जनप्रतिनिधि/सामाजिक कार्यकर्ता के अपने जो विशिष्ठ सहयोगी रहते है, पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता रहते है, उन्हें भी उनकी सुविधानुसार समय की अपेक्षा रहती है, चाहे संगठन का काम हो या समाज का काम हो ।

जनप्रतिनिधि/नेता को क्षेत्र के अधिकारियों से discussion करने के लिए, इलाका के महत्वपूर्ण लोगों से वार्ता करने के लिए, जनता में सुख-दुःख में भागीदार बनने के लिए, सामाजिक, धार्मिक, सेवा सम्बन्धि कार्यक्रमों में जाने के लिए भी समय निर्धारण करना होता है ।

जनप्रतिनिधि/सामाजिक कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र से हट कर दूसरे स्थानों पर सामाजिक/राजनैतिक/जन प्रतिनिधि के दायित्वों का निर्वाहण करने भी जाना पड़ता है । ऐसे में समाजिक अपेक्षाओं/संगठन की अपेक्षाओं/पारिवारिक अपेक्षाओं एवं अन्य दायित्वों का निर्वाहन करने में बहुत कठनाई का सामना करना पड़ता है।

उपरोक्त सभी expectations पर पूरा उतरना जीवन की बड़ी तपस्या से ही प्राप्त हो सकता है । जिन्होंने इन विषयों पर साधना करते हुए अपने जीवन को सफल बनाया है उनके जीवन से सीखने की जरूरत है और यह निर्बाध गति से चलने वाला निरन्तर तप है ।

ग्रामीण परिवेष का व्यक्ति विशेष तौर पर अभाव ग्रस्त व्यक्ति अपने विषय का प्रतिपादन बहुत अच्छी प्रकार नहीं कर पाता । जिसे जनप्रतिनिधि (public representative) /सामाजिक कार्यकर्ता (social Worker) ठीक से नहीं रख पाता, परिणाम् होता है वह जल्दी ही असन्तुष्ट हो जाता है ।

जन प्रतिनिधि उसके कार्य के लिए प्रयास भी करता है तो भी उसे उसमें सत्यता व गम्भीरता नजर नहीं आती । उसे ऐसा लगता है कि उसके सामने ही उसका काम होना चाहिए, उसके चले जाने के बाद उसका काम होगा या नहीं यह उसके मन में प्रश्न खड़ा रहता है । ऐसी स्थिति में देश काल समय के अनुभव से सीखते हुए व्यवहार की रचना करनी होती है ।

उदाहरण :

साधारण व्यक्ति साधार स्वभाव में जन प्रतिनिधि के पास पहुचा और पूछा मेरे काम का क्या हुआ ? जन प्रतिनिधि को तो स्मरण नहीं है कि इनका काम क्या था, आगन्तुक ने समझाया नहीं अब विषय को याद करना उसके अनुसार उत्तर देना टेढ़ी खीर है ।

आगन्तुक को लगता है कि मैने एक बार अपना काम बता दिया अब तो उसका निवारण होना ही चाहिए और उत्तर भी मिलना ही चाहिए । जन प्रतिनिधि की यह परीक्षा रहती है, यही वह वर्ग है जिसको सर्वाधिक आवश्यक्ता है । यह सच्चा पक्का मनुष्य है इसकी सेवा हमारा धर्म है यह भाव सदैव मन में रखते हुए कार्य करना होगा ।

नगरों की निर्धन बस्तियों में रहने वाले व्यक्ति का व्यवहार पूरी तरह अलग रहता है । उन्हें यह लगता है कि जन प्रतिनिधि हमारे मौहल्ले में हमारे घर में आ कर समस्या समाधान करके जाऐं ।

भारत के लोकतन्त्र (democracy) ने पिछले 65 साल का राजनैतिक पार्टियों का क्रियाकलाप देखा है । उन्हीं के आचरण के अनुसार व्यक्तियों ने अपनी सोच को विकसित किया है और यह सोच पूरे देश में एक सी नहीं है । Ideas were developed as per the social structure of state । लम्बे समय तक congress party ने देश पर राज किया है कांग्रेस ने सामान्य व्यक्ति को क्षणिक लाभ दिखा कर अपने साथ जोडे रखा जैसा कि गऊ-भैंस-बकरी-खच्चर के लिए लोन ले लो, I If not able to pay तो उसे माफ कर दो ।

आरक्षण, भाई भतिजावाद, भ्रष्ट आचरण, कुछ ऐसी व्याधियाॅ (बिमारियाॅ) है जो कांग्रेस पार्टी ने देश में पैदा की है जिसका दुष्प्रभाव शेष पार्टियाॅ भी झेल रही है। ऐसे में सामाजिक/राजनैतिक कार्यकर्ता के लिए अपना स्थान बनाऐं रखना, इस कलुम्बित वातावरण में अपने आपको जीवित रखना एवं कालिख से बचे रहना बहुत बड़ी चुनौती है ।

Dr Rajiv Bindal, MLA Nahan

कार्यालय : नजदीक कालीस्थान तालाब,
Nahan जिला सिरमौर Himachal Pradesh।
पिन न0 173001

Art-n-Culture

Justice K.G. Balakrishnanan, former Chief Justice of India releasing book “Narendra Modi – Harbinger of Prosperity & Apostle of World Peace” (in 20 languages) co-authored by President of International Council of Jurists Dr. Adish C Aggarwala and American author Ms. Elisabeth Horan in the presence of Yog Guru Swami Ramdev, Sri Sri Gurudev Ravi Shankar, RSS leaders Ram Lal and Indresh Kumar, former Union Minister Yogendra Makwana, BJP leaders Shyam Jaju and Bhubaneswar Kalita in New Delhi on Friday to mark the completion of six eventful years of Narendra Modi as Prime Minister of India.     

                                                     (Dr. Adish C Aggarwala)

                                          Mobiles : 9958177904, 9868510674

                                     Email : international.jurists6@gmail.com

Dr. Adish C. Aggarwala, Senior Advocate
President, International Council of Jurists (www.internationaljurists.org)
Chairman, All India Bar Association (allindiabar.org)
Chairman, India Legal Information Institute (www.indlii.org)
Advisor, Dr. Adish Aggarwala Law Chambers 
Ex. Special Counsel for Government of India (www.lawmin.nic.in)
Ex. Vice-Chairman, Bar Council of India (www.barcouncilofndia.org
Ex. Chairman, Bar Council of Delhi (www.delhibarcouncil.com)
Ex. Senior Additional Advocate General of Govt. of Haryana (www.haryana.gov.in)
Ex. Additional Advocate General of Govt. of Punjab (www.punjabgovt.gov.in)
Ex. Additional Advocate General of Govt. of Uttar Pradesh (www.up.gov.in)
Ex. Additional Advocate General of Govt. of Tamil Nadu (www.tn.gov.in)
Ex. Vice-President, Supreme Court Bar Association (www.scbaindia.org)
Email:  international.jurists6@gmail.comadishaggarwala@yahoo.com
UK Telephone:  +(44) 20-81335686UK Mobile:  +(44) 785 4740880
Geneva Telephone: +(41) 22-5483033
India Mobile : +(91) 9958177904, 9868510674
Skype ID : adishcaggarwala

Dr. Adish C. Aggarwala, Senior Advocate
President, International Council of Jurists (www.internationaljurists.org
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Advisor, Dr. Adish Aggarwala Law Chambers 
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