November 13, 2019
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८ – १० नवम्बर, दिल्ली हाट, जनक पुरी
(१२ बजे से सायं १० बजे तक)

मनमोहक सुगंधित फूलों से तैयार खुशबूदार इत्र की महक को फैलाने के लिए दिल्ली पर्यटन द्वारा आयोजित तीन दिनों तक चलने वाले इत्र एवं सुगंधी मेले का आयोजन ८ से १० नवम्बर २०१९ तक दिल्ली हाट जनक पुरी में किया जा रहा है।

इत्र का प्रयोग किसी-न-किसी रूप में आदिकाल से किया जा रहा है। इसके प्रमाण लाहौर के तक्षशिला संग्रहालय में आज भी मौजूद है। इत्र सुगंध ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य और स्वाद के लिहाज से भी फायदेमंद है।

इत्र शब्द अत्तर का पर्यायवाची है वास्तव में अत्तर शब्द अरबी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ च्खुशबूज् है। संस्कृत भाषा में इत्र को सुंगंधी के नाम से जाना जाता है। प्राकृतिक खुशबू वाले तेल जिनकों वनस्पतियों द्वारा वाष्पीकृत विधि से एकत्रित किया जाता है। सुगंधी के रूप में प्रयोग में किया जाता है। प्राचीन काल में राजा हर्ष वर्धन की नगरी और मुगल काल में कन्नौज के नाम से जाने जाना वाला शहर में बडे पैमाने पर इत्र का उत्पादन होता आया है, और आज भी कन्नौज इत्र और सुगंधी के शहर के नाम में जाना जाता है। लखनऊ और हैदराबाद खुशबू के नाम में पहले स्थान पर है, वहीं दिल्ली और मुम्बई का दूसरा स्थान है।

मेले में शामिल किए जाने वाले इत्र व सुगंध किसी न किसी फूल या पेड़ से बने होते है। जिसमें चंदन तने से निकाला जाता है, पचौली – धनिया पत्ती से बनता है तो इलायची सौंफ के इत्र बीच से तैयार किए जाते है। इसके अलावा गुलाब, मोगरा आदि फूलों से बनाए जाते है।

संतरे का पेड़ थोड़ा अलग होता है क्योंकि इससे तीन तरह के आवश्यक तेल बनाए जाते है। सर्दियों के लिहाज से हिना और शमामा इत्र फायदेमंद है। जिस तरह से गर्मियो में खस ठंडक देता है।

अरोमाथेरेपी की प्रक्रिया एसेंशियल ऑयल पर निर्भर करती है। जो पौधों का प्राणदायक व वाष्पित किया हुआ तेल है। यह तेल जटिल हाइड्रोकार्बन से बनता है, जो कि फूल, पत्तियों, जड़ों, छालों और फलों के छिलकों में पनपता है। यह त्वचा द्वारा सोखे जाने व सूंघने से यह हमारे मनोमस्तिष्क को प्रभावित करते है।

फूलों के तेल की खुशबुओं से बीमारियों के इलाज का चलन एरोमाथेरेपी के नाम से जोर पकड़ रहा है। जिसके द्वारा हम किसी विशेष गंध को सूंघ कर या स्पर्श कर उसके चिकित्सीय गुणों से

लाभांवित होते है। सुगंध के माध्यम से शारीरिक, मानसिक, भावनात्क आदि अनेकों प्रकार की समस्याओं का उपचार किया जाता है। प्राकृतिक रूप से तैयार खुशबुओं को खाने में स्वाद के लिए भी पसंद किया जा रहा है। जिसमे केसर और गुलाब और केवड़ा प्रमुख है।

समय के साथ-साथ इत्र बनाने की प्रक्रिया में बदलाव आया है। प्राचीनकाल में जहॉं मिट्टी के बड़े घड़ों में पुष्प, लताएं आदि को डाल कर उनके निचोड (एसेंस) को इत्र के रूप में एकत्रित किया जाता था। वहीं आज इत्र को बनाने के लिए बड़े-बडे़ प्लांट लगाए गए है।

कन्नौज आज भी इत्र एवं सुगंध, खुशबूदार तेलों, घूप अगरबत्ती, हवन सामग्री, गुलकंद, चन्दन का तेल आदि के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहॉं पर चन्दन की आपूर्ति दक्षिणी, पश्चिमी भारतीय राज्यों-कर्नाटक, केरला आदि से होती है। कन्नौज में ४५ हजार से भी अधिक लोग इस कारोबार से जुडे है। तकरीबन ५००० साल से भी पुरानी इस परंपरा को कायम रखने के लिए जरूरी यह है कि इत्र को आम आदमी तक पहुंचाया जा सके।

कन्नोज के आस-पास के जिलों में अलीगढ़, एटा, फरूखाबाद, मैनपुरी आदि प्रमुख है। कृषक फूलों की खेती कर इत्र बनाने के लिए कन्नौज की फैक्ट्रियों में भेजते है। गुलाब की आपूर्ति हाथरस, अलीगढ़, पालम से, खस की आपूर्ति राजस्थान से, चमेली-चन्दौली (जिला-जौलपुर)से, रात की रानी के फूलों की व्याधा (आंध्र-प्रदेश) से, केवडा-बहरामपुर, गंजम, उड़ीसा से, केसर-जम्मू कश्मीर से, जाफरानी, गैंदा, बेला, जेसमीन कदम, हिना, गुलहिना आदि की आपूर्ति कन्नौज से की जाती है।

इस उत्सव के मुख्य आकर्षणः-

  • इत्र, एसेंशियल ऑयल, कुप्पी, हर्बल उत्पाद, अगरबत्ती, रूम फ्रेशनर्स, स्प्रे और हर्बल सौन्दर्य प्रसाधनों की बिक्री और प्रदर्शनी
  • एरोमाथेरेपी, इत्र एवं सुगंधी पर व्याख्यान की प्रस्तुति
  • इत्र एवं सुगंधी पर प्रश्नोत्तरी एवं स्लोगन प्रतियोगिता
  • सुगंधी, गुलाब-जल, अगरबत्ती एवं कुप्पी बनाने की विधि का जीवंत प्रदर्शनक पारम्परिक बोतलों में खुशबूओं की प्रस्तुति
  • इत्र सुगंधी पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम
  • प्रत्येक संध्या को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
  • बच्चों के लिए मनोरंजन व झूले आदि।

यह मेला ८ से १० नवम्बर, २०१९ तक दिल्ली हाट जनक पुरी में प्रातः १२ बजे से रात्रि १० बजे तक चलेगा। इस उत्सव के लिए कोई भी अलग से शुल्क देय नहीं है। केवल दिल्ली हाट का शुल्क मान्य है।

साहित्य अकादेमी द्वारा सिंधी युवा लेखक सम्मिलन की शुरुआत

नई दिल्ली। साहित्य अकादेमी द्वारा आज द्वि-दिवसीय सिंधी युवा लेखक सम्मिलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सिंधी परामर्श मंडल के सयोंजक नामदेव ताराचंदाणी ने की और बीज वक्तव्य सिंधी परामर्श मंडल के सदस्य वासदेव मोही ने दिया। उद्घाटन वक्तव्य सिंधी अकादमी दिल्ली की उपाध्यक्ष मोहिनी हिंगोराणी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के आरंभ में सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने कहा कि सिंधी भारतीय उपमहाद्वीप की एक प्राचीन भाषा है जिसकी सभ्यता और संस्कृति बहुत ही व्यापक है।

उन्होंने सिंधी भाषा के विकास के लिए साहित्य अकादेमी द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए युवाओं से जुड़ी हुई योजनाओं की भी जानकारी दी। अपने आरंभिक वक्तव्य में प्रख्यात सिंधी साहित्यकार मोहन हिमथाणी ने कहा कि युवाओं को सिंधी में क्या लिखे और क्यों लिखें कि स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि सिंधी भाषा इतनी समृद्ध है कि उसमें हर विधा में लेखन किया जा सकता है।

मोहिनी हिंगोराणी ने अपने उद्घाटन वक्तव्य में विभाजन का ज़िक्र करते हुए कहा कि सीमा रेखाएँ किसी भाषा की साहित्य और संस्कृति के फैलाव को सीमित नहीं कर सकती। उन्होंने युवाओं से लिखने से पहले खूब पढ़ने की सलाह देतेे हुए कहा कि उन्हें अपनी भाषा ही नहीं बल्कि दूसरी भाषाआंे के अनुवादों को भी पढ़ना चाहिए। अपने बीज वक्तव्य में वरिष्ठ सिंधी साहित्यकार वासुदेव मोही ने सिंधी भाषा पर आए वर्तमान का संकट का ज़िक्र करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी खुली सोच के साथ अपनी सृजनात्मक क्षमताओं का विकास करना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि कुदरत की हर शह में कहानी और कविताएँ छुपी होती हैं।

आपको केवल वह नज़र विकसित करनी है जो उसे पकड़ सके। उन्होंने युवाओं से विश्व व्यापी सोच के साथ स्थानीय स्तर पर जुड़े रहने की अपील की। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में वरिष्ठ साहित्यकार और सिंधी परामर्श मंडल के संयोजक ने युवाओं से कहा कि छपने की जल्दी से अच्छा है कि पहले वे वरिष्ठ साहित्यकारों को पढ़े और एक नयी दृष्टि के साथ सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हो। उन्होंने अपने लिखे की समीक्षा खुद ही करने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं को उनपर लिखी हुई समीक्षाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए बल्कि उन्हें अपने सृजनात्मक विकास में सहयोगी मानना चाहिए।

सम्मिलन के अगले दो सत्रों में युवाओं ने राकेश शेवाणी एवं जयेश शर्मा की अध्यक्षता में क्रमशः कविता एव कहानी-पाठ प्रस्तुत किए। अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करने वाले थे – निशा धनवाणी, जितेंद्र चौथाणी, दिव्या धनवाणी,मोनिका पंजवाणी एवं समीक्षा लच्छवाणी। कार्यक्रम का संचालन उपसचिव एन. सुरेश बाबू ने किया।

कल होने वाले सत्रों में कविता एवं कहानी के साथ ही एकांकी पाठ भी प्रस्तुत किए जाएँगे।

  • This edition will showcase folk & traditional performing Arts & folk Theatre by child artistes from 12 states of India

New Delhi, National School of Drama, the foremost theatre training institutions in the world and the only one of its kind in India today announced the commencement of its much awaited 11th edition of Bal Sangam from 9th-12th November 2019, in its premises. The 11th edition of the festival will showcase enthralling folk & traditional performing Arts & folk Theatre from 12 states of India dedicated to children.

Bal Sangam, an outreach programme of Sanskaar Rang Toli (Theatre-in-Education Company), in every alternate year brings forth both the heritage and legacy of traditional art forms and performances that are presented by children belonging to traditional performing families, guru-paramparas, and institutions across the country.

The four-day cultural mela will begin on November 9th, five days ahead of the Children’s Day with an inaugural performance ‘Rangoli’ by folk and traditional child artistes of India, choreographed by renowned choreographer Shri Bharat Sharma, who has an illustrious career spanning over three decades. The Festival also includes folk dance, martial arts, acrobatics, street play performances and also acts like juggling, puppetry and magic shows.

To encourage eagerness in children for traditional performances, states like Assam, Odisha, Rajasthan, Manipur, Jammu and Kashmir, Karnataka, Telangana, Kerela, Gujarat, Punjab, Jharkhand, and Madhya Pradesh will bring to the fore the magic of folk performances and plays so that Indian cultural heritage will be preserved in this rapidly changing world.

Dr. Arjun Deo Charan, Acting Chairman, National School of Drama said, “The festival is an ensemble of various performing traditional art forms that are presented by children. We are proud that the TIE Company has been working hard to make children know about their own culture, traditions and values,”

Highlighting the importance of theatre and folk performances, Shri Suresh Sharma, Director-in-Charge, National School of Drama said “Theatre and folk performances are a great learning medium for exploring and sensitizing children towards issues. Such activities and festivals are a wonderful platform to not just perform, but learn, travel, and share. NSD believes that theatre makes a person sensitive towards issues and an active participant of society as it boosts powers of communication. Theatre brings in all these qualities and if children are introduced to this wonderful, they become better human beings”.

Mr. Abdul Latif Khatana, Chief, Theatre-in-Education, said, “Bal Sangam is a confluence of folk and traditional art forms performed by children. When the child artistes imbibe these folk and traditional art forms with the mastery of their art and their innocence then the performance becomes magic.”

NSD authorities will be making special arrangements through various NGOs working with underprivileged children and social organisations, to reach out and invite children from not so privileged class so as to give them the due privilege to experience and be enriched by this long awaited festival of National School of Drama for children.

There will also be various types of art and craft workshops during the festival from 9th-12th November.

The Homemade Cafe & Bar in Juhu hosted Festivelle’s annual year-end soiree, which saw many successful women coming together over good food, engaging conversations and a whole lot of glamour!  

Addite Malik, Simple Kaul & Vatsala Rajeev Raj, the owners of The Homemade Cafe & Bar, hosted this gathering of Festivelle. Amongst many known faces at this event were founders of Festivelle, Gul Panag & Shruti Seth, along with Manasi Scott, Mini Mathur, Maria Goretti, Sandhya Mridul, Shveta Salve, Konkana Sen Sharma and many more. These women act as constant inspirations to millions of women out there who choose to walk on a path following their dreams, ambitions and spreading their wings to fly!

From Working In Media & Hospitality industry to start making name in Fashion industry , Award winning Celebrity Fashion director Harshit Dhingaun Journey is quiet inspiring, being a middle class guy from Delhi to make name in Fashion Industry was not that easy but love for his creativity & strong values to bring change in society keep driving him towards his goal. Lets know more about this great personality.

He is a multi-talented personality ventured into Fashion industry as model , walked the runways, worked as RJ , VJ & an actor on MTV & Channel V in reality shows then finally evolved into a celebrity Fashion director , stylist and consultant helping many Designers , Models & Brands to have a great start in fashion Or Lifestyle industry. Today, he is Fashion Director & Chairman of Delhi Fashion Club and Have made a name in field of Fashion and Entertainment.

His struggle towards success starts from teenage time, started his journey back in 2007 working in a Tv news channel at age of 18 Yrs , then slowly after a year, he realized that his main motive is to enter the entertainment and glamour industry so he started working on his looks and personality , Entered the industry as Model ,got his first break with Channel V reality show & done MTV Show. During this period of following his passion, he completed his studies of Mass communication , BCA & MBA and Fashion Marketing Diploma from Institute of Design. He observed that there is a strong need of a platform or agency which creates a bridge between the talent & the opportunities. Hence , he came up with an idea of forming an association which can help talent in getting groomed , get right guidance & opportunities simultaneously promote handloom & textile as well. So With a group of intellectuals & institutions of the industry he founded “Delhi Fashion Club” in 2016.

Delhi Fashion club is an association which is appreciated by government of India for promoting handlooms and textiles , they also includes DFC Productions which Groom & promotes models along with giving fashion and brand building consultancy to designers & lifestyle brands.

Harshit Dhingaun have worked as show director , consultant & styled shoots for various designers which include celebrity designer Robert naorem from manipur , Brand Kovet.in , anjana misra designer winner of tiffany fashion week paris , celebrity designer ashfaq ahmed and many. He & his association Delhi Fashion Club have worked with various fashion weeks as fashion promoter, choreographer & partners in past which include India fashion week , asian designer week , International Fashion week Goa , North east fashion shows & many. He have got many awards for his fashion and humanitarian works as well some includes award from IOD As youngest Best Fashion director and consulted in india.

He have worked with various celebrities for his entertainment & Fashion gigs, Where which include celebrities like Bollywood star Karan singh Grover, Comedian Bharti singh , jacky bhagnani , soma laishram Manipuri actress and because of his social repuation have met few of the biggest icons such as Priyanka chopra & shah rukh khan with whom he shares a personal repo whenever he have met, “its just like a magical connection” only he says.

He believes that if you have heart to do something big then where you come from , what you have or not doesn’t matter, what matter is strong will to create change and be a change maker which will eventually make you a great & successful person.

साल २०१९ के अंत के साथ, आमिर खान ने एक ज़ोरदार धमाका करते हुए २०२० की बहुप्रतीक्षित फिल्म “लाल सिंह चड्ढा” का लोगो रिलीज कर दिया है!

अभिनेता ने लाला सिंह चड्ढा का लोगो साझा किया है जो क्रिसमस २०२० पर रिलीज होने के लिए तैयार है। वीडियो की शुरुआत एक सुखदायक धुन और डायलॉग “क्या पता हम में है कहानी, या है कहानी में हम” के साथ होती है और इसी के साथ फिल्म के लोगो का खुलासा होता है।

आमिर खान ने अपने सोशल मीडिया पर इसी डायलॉग के साथ फ़िल्म का लोगो शेयर किया है।

इससे पहले, आमिर खान की माँ ज़ीनत हुसैन ने मुहूर्त क्लेप बजाकर फ़िल्म को शूटिंग की शुरुआत की थी क्योंकि यह अभिनेता के लिए सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है।

फिल्म की शूटिंग पिछले सप्ताह से शुरू हो चुकी है और इसे भारत भर में १०० से अधिक स्थानों पर फ़िल्माया जाएगा। सुपरस्टार इस फ़िल्म में एक पंजाबी की भूमिका निभा रहे है, जिसके लिए वह शारीरिक ट्रांस्फोर्मेशन से भी गुज़र रहे है।

अतुल कुलकर्णी द्वारा लिखित यह फिल्म अद्वैत चंदन द्वारा निर्देशित की जाएगी है और इसे वायाकॉम१८ स्टूडियोज़ और आमिर खान प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित किया जाएगा। फिल्म अगले साल २०२० की क्रिसमस के अवसर पर रिलीज होने के लिए तैयार है।

https://www.instagram.com/p/B4g1emyhiUT/?igshid=15r4087425srv

देश के पसंदीदा सिपाही चुलबुल पांडे “दबंग” की तीसरी किस्त के साथ आपका मनोरंजन करने के लिए तैयार है। हाल ही में फ़िल्म का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज़ करने के बाद, अब निर्माताओं ने चुलबुल पांडे का मेकिंग वीडियो जारी किया है!

इस वीडियो में भारतीय सिनेमा के सबसे प्यारे सिपाही बनने के सफ़र से रूबरू करवाया गया है और साथ ही दिखाया गया है कि सलमान खान कैसे चुलबुल के किरदार में खुद को आकार देते है।

दबंग फ्रेंचाइजी के पहले भाग के रिलीज के साथ ही चुलबुल पांडे ने सभी को अपना दीवाना बना लिया है और चुलबुल पांडे के प्रशंसकों की संख्या अनगिनत है। इन वर्षों में, यह किरदार प्रशंसकों के लिए अधिक प्रिय हो गया है और यह सब सलमान खान की अनूठी अपील का ही नतीजा है जो दर्शकों को उनकी तरफ़ आकर्षित करता है।

साल की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म “दबंग ३” प्रभुदेवा द्वारा निर्देशित और सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान, अरबाज खान तथा निखिल द्विवेदी द्वारा निर्मित है जो २० दिसंबर २०१९ में रिलीज के लिए तैयार है।

“I saw my father bring cut into peices infront of my eyes and put in a sack and I did not get his body back also, please take my interview on record- One victim (name withheld) told me while almost choking with tears on call”- Vivek Ranjan Agnihotri.

Agnihotri to film in 5 Countries- 20 plus states, capturing records of over 1000 victims & eyewitnesses

Post the success of The Tashkent Files, filmmaker, Vivek Ranjan Agnihotri announced his most ambitious project till date- The Kashmir Files and now he is all set to jumpstart the first schedule of the shoot across UK, USA & Canada. The month and a half long schedule will entail Agnihotri’s trailblazing journey overseas in an attempt to conduct research for the film. Alongwith his wife, actor & producer Pallavi Joshi, Vivek will be interviewing first hand record of displaced Kashmiri Pandits who are now settled far away from their roots.

The Kashmir Files- dubbed as #KashmirUnreported is a deep dive into the story of the biggest genocide in India’s history- ethnic cleansing of Kanshmiri Pandits, which has been unreported or under reported. Vivek Ranjan Agnihorti & Pallavi Joshi now embarks on a journey to unveil the underlying truth of this catastrophe that took place in India decades back.

The first schedule of the shoot entails on-camera interviews with victims, survivors and their family members and who have lost everything in the tryst. This shoot also marks the first ever attempt towards a consolidated report on this macabre incident which is still shrouded in mystery.

Talking of the first schedule Vivek Ranjan Agnihotri said, “I believe that this is the first schedule of The Kashmir Files and the most difficult part of the filming process because it involves real people and real stories which Pallavi and I would capture on camera. Once I get this right it is half battle won. The research for this project is an extensive one and I want to channelize my energy in digging as deep as possible to get the truth out. This incident should have gone down in the annals in History but where is it? How many people know about the magnitude of it? “

He added, “A film like The Kashmir Files has to bring out the truth orelse it will be just another film that will come and go. I’m making this film ‘by demand’- I have numerous well wishers who have urged me to pick up this subject. I have had people calling me on phone and breaking down- telling me about how they have been witness to their father being butchered into 50 pieces or mother being raped. I owe them the truth”.

The prolonged research will take Vivek and Pallavi across USA, UK, Canada, Germany and around India to record firsthand account of victims, survivors and eyewitness of this terrible tragedy. The Kashmir Files promises to be the first ever true account of most heart wrenching story of human suffering that India has witnessed.

Six songs out of the top 10 songs are by independent artists (8 Parche, Pachtaoge, Lehanga , Bijli Ki Taar , Dil Mera Blast and Wah Wai Wahh), were also widely popular on the platform
The trending songs on TikTok are from leading Bollywood artists like A.R. Rahman, Arijit Singh, Ayushmann Khurrana to independent artists like Darshan Raval, SukhE and Jass Manak

India, November 07, 2019: This festive season, TikTok, the world’s leading short-video platform, saw a number of high-spirited songs from across languages trending on the platform during the festive month of October, 2019. While Bollywood reigned the charts on TikTok, popular hits from independent artists, Tollywood, Bhollywood, including remixes of older songs also trended in the top 30 songs during this festive season.

“Music has always been an integral part of TikTok. It is heartening to see how our unique music discovery platform has empowered newer independent artists to showcase their talent globally. It is an exciting platform for emerging artists to gain exposure and break through a wide and varied audience. This festive season, independent music has seen an edge by dominating the top 10 TikTok charts. TikTok has now become a go-to-platform for both artists and music lovers.”added, Hari Nair, Head of Digital Music, TikTok India.

TikTok is an exciting destination to discover and enjoy music. Six songs out of the top 10 songs created by independent artists (8 Parche, Pachtaoge, Lehanga 2, Bijli Ki Taar 2, Dil Mera Blast and Wah Wai Wahh) were also widely popular on the platform.

Hindi and Punjabi songs topped the charts on the platform, including songs like ‘Happy Diwali’, followed by the love ballad ‘Ik Mulaqaat’. Additionally, the platform also witnessed an increasing trend of regional songs going viral including well-known Bhojpuri song ‘4G Ka Jamana’, Tamil songs ‘Othaiyadi Pathayila’, ‘Verithanam’, ‘Muddabanthi’ and ‘Hoyna Hoyna’ and Malayalam song ‘Kudukku 2’ during the festivities.

Some of these songs, along with the #TikTokDiwali, gave an impetus to users to make their personalized and quirky Diwali greetings via song and dance using the special filters and stickers to wish their family and friends. Join TikTok and be part of its vibrant community of talented users by participating in creative in-app campaigns and initiatives while discovering music.

Happy Diwali
Vaishali, Surthi, Diva, Suraj, Aparna
Hindi
Over 2 million

Ik Mulaqaat
Ayushman Khurana
Hindi
Over 1.5 million

8 Parche
Baani Sandhu
Punjabi
Over 1.3 million

Pachtaoge
Arijit Singh
Hindi
Approx. 1 million

Lehanga
Jass Manak
Punjabi
Over 0.5 million

Bijli ki Taar
Tony Kakkar
Hindi
Approx. 0.5 million

Dil Mera Blast
Darshan Raval
Hindi
Over 0.4 million

Wah Wai Wahh
Sukh-E Muzical Doctorz, Neha Kakkar
Punjabi
Approx. 0.4 million

Teri Ban Jaungi Reprise Tulsi Kumar Version 2
Tulsi Kumar
Hindi
Over 0.3 million

O Saki Saki
Neha Kakkar
Hindi
Over 0.3 million

Sony Music’s Hip Hop focused label, AWAAZ. ‘Paisa Paisa’ features Mumbai artists – Shaikhspeare, Farhan Khan, and Rasla.

Shaikhspeare is the co-founder of Mumbai’s veteran Hip-Hop Collective, Bombay Lokal, which features multiple aspects of Hip Hop in 1 crew – including break dancers and graffiti artists. The crew operates out of Nalasopara, Mumbai and has been instrumental in spreading knowledge about Hip-Hop in Mumbai.

As one of the veterans of the Hip Hop movement in India, Shaikhspeare took Farhan Khan under his wing for this single, and they both worked closely together with Rasla, the track’s producer.

The single is a conscious hip hop song with trap vibes written all over; where Shaikhspeare, Rasla, & Farhan Khan uses their art to show the ugly side of politics and greed. When asked about the single, Shaikhspeare went on to say, “We wanted to reflect how money was controlling things around us and make the message reach to the masses in an entertaining way”

Rasla played an integral role in the creation of the single, ‘Paisa Paisa’. As a producer, he has worked with multiple artists, and also features as a DJ with his own productions. The Gujarati producer took his time to craft his sound to stand out within the Hip Hop community. “The Hip Hop spirit is lit everywhere in India.”, said Rasla, “It’s wonderful how Hip Hop has grown so much, and there’s much more to come.”

Farhan Khan, who kicks off the song in the first verse, grew up in Mira Road and has been on the grind in the Mumbai Hip Hop scene for the past three years. When asked about his thoughts on the current state of Hip Hop in India, Farhan Khan said, “It’s great that the Indian Hip Hop scene is growing steadily; and the mass audience is slowly catching up to the Hip Hop energy.” He added, “And once they all catch up, it will be the true golden era of Indian Hip Hop.” With multiple singles planned throughout the year, Farhan Khan has ultimate respect for the grind required to make it in the industry.

AWAAZ has been instrumental in impacting the Desi Hip Hop scene in India throughout 2019, releasing ten back to back singles in the summer. The joint venture between Desi Hip Hop Inc and Sony Music India is on a mission to find, nurture, and celebrate Hip Hop artists from all over India and the South Asian diaspora abroad.

With a weekly playlist by AWAAZ on multiple platforms including Spotify, Saavn, Wynk, Hungama, and Amazon Music, listeners can discover the new wave of Desi Hip Hop music burgeoning out of India. This week, the AWAAZ playlist features ‘Paisa Paisa’ along with multiple other hits from within the Indian Hip Hop community.