June 6, 2020
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Lifestyle

Renowned Fashion Designer & Healer Shalini Chauhan along with her husband Rajan Chauhan hosted a party to celebrate her birthday at her plush farmhouse in Sainik Farms in the capital recently. It was an evening of festivity filled with warmth, love, laughter, music, joie de vivre, exquisite cuisines and cocktails.

The soiree was well attended by crème de la crème of the city including Socialites Sunayana Bhinder Chibba, Ritu Rakheja, Meeta Bhatia, Sanjana Chopra, Payal Singh, Savvy Sharma; Designers Amit Talwar, Rochikaa Agarwal; Celebrity Stylists Harsh Khullar, Anuj Lalwani; Emcee Vanndana Vaadera; Models Savera Chauhan, Hida Siddiqui; Fashion Choreographer Liza Varma & Fashion Photographer Rony Kaula amongst many others.

It surely was an affair to remember!!!

Health

Gurugram, March 17, 2020: India’s largest online insurance marketplace and leading insurance brand, Policybazaar.com has set up a dedicated special helpline number i.e. 0124-6372005 to support and guide people who have any insurance related queries regarding coronavirus.

Our helpline number will be active for all 7 days a week from 10 am to 7 pm. This service would be available for everyone, irrespective of whether the policy has been purchased from the Policybazaar.com website, or not.

Yashish Dahiya, Group CEO & Co-founder said, “We are here to support you all the way. Testing times like these remind us to be kinder to one another and stand together in the eye of the storm. Such trying moments remind us of the value of having a robust insurance cover that protects us against death, disease, and disability.

The last thing now, one would want to worry about is the financial implications a pandemic like a coronavirus could have on one’s savings while taking medical treatments. So as a well-wisher I would advise all of you to have insurance as a priority. Let the insurance industry and experts take care of how your finances are going to be organized.”

YouTube Link : https://www.youtube.com/watch?v=pGRCHspH4R0&t=7s
PB Life Link: (Our Blog)
https://policybazaar.com/pblife/whats_new/Policybazaar_launches_Coronavirus_helpline

Lifestyle

एक ऐसे युग में जहाँ हमारे कॉरपोरेट वर्कफोर्स में अधिकतर युवा मिलेनियल्स हैं वहाँ जनरेशन एक्स अथवा बेबी की उम्र वाले लोग भी शायद खुद के लिए समान वैल्यू और रेस्पेक्ट महसूस नहीं करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि एजिंग की समस्या सिर्फ रिक्रूटमेंट के समय देखने को नही मिलती है बल्कि नियोक्ताओँ द्वारा अक्सर अधिक उम्र वाके कर्मचारियोँ के प्रति नकारात्मक एटिट्यूड भी दर्शाया जाता हैए वह भी तब जब युवा सहकर्मियोँ के मुकाबले उनकी सेहत और उत्पादकता में कोई कमी नहीं होती है।

जब नए अवसर आते हैंए कुछ नया सीखने अथवा विकास सम्बंधी प्रोग्राम की बात आती है तो अक्सर अधिक उम्र वाले कर्मचारियोँ को नजरअंदाज किया जाता है। जबकि उनके लम्बे अनुभव का संस्थान को लाभ हो सकता हैए मगर देखा जाता है कि 50 साल से अधिक उम्र वाले लोगोँ को प्रमोशन नहीं दिया जाता हैए उन्हेँ ऐसे कार्योँ में लगा दिया जाता है जो कम महत्वपूर्ण होती हैंए जहाँ वे अपने रिटायरमेंट तक का ष्टाइम पासष् कर सकेँ।

एक ऐसे दौर में जब युवा कर्मचारियोँ को अधिक महत्व दिया जाता हैए तब यह देखना बेहद सामान्य बात है कि अधिक उम्र वाले कर्मचारियोँ के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है या उन्हे उनकी पोजिशन की तुलना कम महत्वपूर्ण काम दिया जाता है ताकि वे अपने आप ही संस्थान को छोडकर चले जाएँ।

श्एक ऐसा वर्कप्लेस तैयार हो जो सबके लिए समान और ओपेन हो किसी भी समस्या को दूर करने का पहला चरण है यह मानना कि समस्या मौजूद है। एजिज्म एक वास्तविक समस्या हैए यह स्वीकार करने के लिए हमेँ इसके बारे में भी उसी प्रकार से चर्चा करनी होगी जैसा कि हम सेक्सिज्म अथवा किसी अन्य भेदभाव के सम्बंध में।

अगर संस्थान अपनी पूरी क्षमताओँ के शिखर तक पहुंचना चाहते हैं और अपने यहाँ प्रतिभाओँ को रोककर रखना चाहते हैं और उत्पादकता बढाना चाहते हैं तो उन्हेँ एक ऐसा वर्कप्लेस तैयार करना हो जहाँ हर किसी को समान नजर से देखा जाएए उनकी उम्रए जेंडर अथवा अन्य विभेदोँ के आधार पर भेदभाव न किया जाएए हर किसी को मान.सम्मान दिया जाए।श् केवल कपूरए डायरेक्टर एंड क्रिएटिव स्ट्रेटजिस्टए चाय क्रिएटिव एंड रिटर्न ऑफ़ मिलियन स्माइल्स


इस दबे हुए मगर सशक्त भेदभाव के पीछे उम्र को लेकर कई तरह की भ्रांतियाँ जिम्मेदार हैं। अक्सर यह माना जाता है कि अधिक उम्र वाले कर्मचारी तकनीकी रूप से सक्षम नहीं होते हैंए बदलाव को आसानी से स्वीकार नहीं करतेए कम आविष्कारी और एडॉप्टेबल होते हैं।

जबकि इस तथ्य को नजरअंदाज कर दिया जाता है कि अधिक उम्र वाले कर्मचारियोँ को अनुभव अधिक होता हैए न सिर्फ किसी एक खास क्षेत्र में बल्कि सामान्य जीवन में भी। जो उन्हे ऐसे संस्थान के लिए एक आवश्यक पिलर ऑफ सपोर्ट बनाता है जो अपने भविष्य को अधिक सशक्त और संवहनीय बनाना चाहते हैं। बुजुर्ग कर्मचारी भी नए जॉब करना उतना ही पसंद करते हैं।

एजिज्म की समस्या से निबटने के लिए कई तरह के उपाय अपनाने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले दिमाग से उन सारी भ्रांतियोँ को निकालना होगा जो एक खास आयुवर्ग वाले लोगोँ के विषय में व्याप्त हैं और सभी आयु वर्ग वाले लोगोँ को साथ मिलकर समान रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करना होगा।

श्मल्टी जनरेशनल टीम इस तरह के अवसर तैयार करना जिसमेँ सभी जनरेशन के लोगोँ को साह मिलकर काम करने का अवसर मिले। इससे न सिर्फ उम्र को लेकर व्याप्त भ्रांतियोँ को दूर करना आसान होगा बल्कि हर ग्रुप वाले लोगोँ के मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव भी विकसित होगा।

जब युवा कर्मचारियोँ को पुराने लोगोँ के साथ काम करने का अवसर मिलेगा तो वे यह उन ट्रिक्स और स्किल्स को आसानी से सीख पाएंगे जो सिर्फ अनुभव ही सिखा सकता है। पुराने कर्मचारियोँ को उनके युवा सहकर्मियोँ के लिए दिशानिर्देशक की भूमिका भी दी जा सकती है। इस तरह के कदम युवा कर्मचारियोँ को बुजुर्ग कर्मचारियोँ के प्रति संवेदनशील बनाएंगे और एजिज्म के प्रति उनकी सोच में बदलाव आएगा। श्केवल कपूरए डायरेक्टर एंड क्रिएटिव स्ट्रेटजिस्टए चाय क्रिएटिव एंड रिटर्न ऑफ़ मिलियन स्माइल्स

प्रशिक्षण और विकास सभी संस्थानोँ को अपने कर्मचारियोँ को नए कौशलए नई तकनीक सिखाने और सही ऐटिट्यूड अपनाने की जरूरतए टीम एप्रोच और इंक्लूसिविटी से अवगत कराने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी कराने चाहिए।

अगर आपको ऐसा लगता है कि अधिक उम्र के लोग नई तकनीकोँ को आसानी से नहीं अपना सकते हैंए तो इस समस्या से निबटने का आसान तरीका है नियमित रूप से लर्निंग एंड डेवेलपमेंट कार्यक्रम का संचालन करनाए जिसमेँ सभी कर्मचारियोँ को नए कौशल और तकनीक सीखने का अवसर मिलता रहे।

यह न सिर्फ पुराने कर्मचारियोँ के लिए बल्कि उन सभी कर्मचारियोँ के लिए होना चाहिए जो नई तकनीक के बारे में सीखने के इच्छुक होँ। वास्तविकता यह है कि सिर्फ अधिक उम्र वाले लोग ही टेक्नो फोबिक नहीं होते हैंए बल्कि किसी भी उम्र के लोगोँ को यह समस्या हो सकती है और वे नई तकनीकोँ को अपनाने में डरते होंगे।
Kewal Kapoor,
Director & Creative Strategist,
CHAI Kreative and Return of Million Smiles

Food Zones

Gurugram- Let’s bid a goodbye to the season filled with love and freezing cold with blissful delicacies. Spend the last days of the year’s chilled winter with your friends, family and loved ones at Koolchas – a Gurugram based QSR chain famous for its wheat-based and different varieties of Kulchas. Enjoy your bond with the delectable flavors at Koolchas.

Koolhaas has come up with drooling Chocolate flavored Koolcha and Coffee wali Chai to make your winter’s end enjoyable. The Koolcha is stuffed with warm and sinfully dark homemade chocolate which is melted and is served at room temperature, making this sweet retreat wonderfully moist and delicious.

The icing on this chocolate kulchas is that it comes with a variety of dry fruit options such as Almonds & Raisins. This Chocolate Koolcha is so rich and decadent with the perfect balance of hot chocolate and sweetness.

This Kulcha is perfectly accompanied by a recently unveiled beverage that has been added to their winter menu, Coffee Wali Chai, which is a distinct hot tea having the aroma of the coffee, mixed with spices and herbs.

All the epicures will set the perfect ending to this winter season with their unique taste. These delicacies are ready-to-eat, hence the option of taking away is also available and for those who prefer to enjoy the food at their comfort zone, can also opt for 24*7 home delivery facility
What- New Winter delicacies at Koolchas, 24×7 operational QSR.

Where- Shop No. 15 Ground Floor, Flavor Town, Bestech Chambers, Sushant Lok-1 Gurugram – 122002, Phone No. – +91 124 420 8999

  • Shop No. – 99, Ground Floor, Sector 14 – Huda Market, Gurugram – 122007.

Phone No. – +91 124 455 1020

When- Entire 24 Hours, All 7 Days of the Week & 365 Days of the Year.

Health

भय और भ्रम– जी हां दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं, भय और भ्रम इस दुनिया में सबसे खतरनाक बीमारी है, जो किसी को एक बार लग जाए तो वो अंदर तक झकझोर देती है, यानी आपको पूरी तरह से डरा कर रख देती है, भ्रमित कर देती है।

जब दिल्ली में दंगों की झूठी अफवाह फैली तब उस झूठी अफवाह ने पूरी दिल्ली के लोगों को भ्रमित और डराकर रख दिया था,यहां तक कि सिर्फ कुछ ही सेकंडो में दिल्ली के कुछ एरिया में लोग सड़कों पर इस तरह भागने लगे जैसे उनका कोई पीछा कर रहा हो, यही है, भ्रम और व्यक्ति का डर,यहाँ तक कि ऐसी अफवाहों से डरकर दिल्ली में रह रहे लोग तो यहां तक सोचने लगे, कि अब दिल्ली उनके लिए सुरक्षित नहीं ठीक उसी प्रकार कोरोना वायरस भी यही कर रहा है,
पूरी दुनिया को आंख दिखाने वाला डेढ़ सौ करोड़ की जनसंख्या वाले चीन आज खुद डरा हुआ है, जो कभी पूरी दुनिया को डरा कर रखता था। आज वह खुद अपने ही देश में फैले वायरस एक छोटे से सूक्ष्म से जंतू से डरा हुआ है।

चीन ही क्यों? पूरी दुनिया यहां तक कि सबसे ताकतवर देश तक अपने आप को समेटे हुए हैं। बंदिश बने हुए हैं, यहां तक कि इस सूक्ष्म से जंतु से भयभीत होकर उन्होंने अपने आपको बंद कर रखा है, यही है प्रकृति, जो अच्छे-अच्छे को मोहरा बना देती है। अच्छे-अच्छे का घमंड चूर कर देती है, यहां तक कि कुर्सी पर इंसान खत्म हो जाता है, सिर्फ तस्वीर मेज पर रखी रह जाती है, अपनी ताकत का रौब दिखाने वाले देश आज प्रकृति के इस छोटे से सूक्ष्म जंतु से भयभीत है। यही है, भय जिसने आज पूरी दुनिया को डरा रखा हुआ है, यही प्रकृति है,

यहां तक कि इस जाति- धर्म, वर्ण- भेद, प्रांतवाद आदि के घमंड में चूर इन सभी का घमंड, भ्रम इस प्रकृति द्वारा दिए छोटे से जंतु ने कोरोना वायरस ने तोड़ दिया है।

एक झटके में अमीर से गरीब तक किसी को नहीं छोड़ा, सबको एक नजर से एक साथ बंदी बना दिया, यहां तक कि दूसरों की की सीमाओं पर कब्जा करने वाले चीन को अपने ही 20 हजार लोगों को मौत के घाट उतारने की भाषा भी बोलने पड़ी, यही है, प्रकृति की ताकत, और उसका भय यही है । प्रकृति द्वारा दिए इस छोटे से वायरस ने एक संदेश दिया है। इस संसार के ताकतवर देश चीन अमेरिका भी प्रकृति के आगे बेबस है, लाचार है, जी हां दोस्तों, प्रकृति ने शायद यह संदेश दिया है, कि खुद भी “जियो और दूसरों को भी जीने दो” वरना परिणाम तो आप सभी जानते हैं।

सुनामी है, भूचाल है, कोरोना है, और प्रकृति द्वारा दी आपदाएं है। प्रकृति ने दोस्तों यही संदेश दिया है, कि सब मिल जुल कर रहो, जब प्रकृति अपनी कोई भी चीज बिना किसी भेदभाव के संसार को प्रदान करती है, तो फिर इस संसार में पैदा हुआ, जीव क्यों भेद करता है। आदमी का घमंड, अकड़ सब धरा का धरा रह जाता है। इसीलिए प्यार से हर इंसान को जीतना चाहिए डराकर, अपनी ताकत के बल पर, अपने घमंड के बल पर, अकड़ के बल पर, सत्ता के बल पर, कुर्सी के बल पर नहीं, यह सब धरी की धरी रह जाती है। क्योंकि प्रकृति किसी को नहीं छोड़ती, जैसे कोरोना ने नहीं छोड़ा, बिना किसी भेदभाव के, बिना किसी रंगभेद के, वर्णभेद के, प्रांत भेद के, सब को अपनी चपेट में लिया। इसीलिए वक्त से डरना चाहिए, इंसान से नहीं, अगर जीना है तो प्यार से, अपनी ताकत पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए यही है।

जिंदगी का दस्तूर क्योंकि समय किसी का नहीं हुआ, इंसान चले जाता है, सिर्फ उसकी अच्छाई, उसके अच्छे काम इस दुनिया में रह जाते हैं। समय जब उन नोटों का नहीं हुआ, जो बाजार को खरीदने की ताकत रखता था। दो पल की जिंदगी है। किसी से डरकर या किसी को डराकर नहीं जी जाती जिंदगी, खुद भी प्यार से जिओ और दूसरों को भी जीने दो वरना, यह जीवन यह जिंदगी यूं ही चली जाती है, समय निकल जाता है, सिर्फ यादें और बातें ही रह जाती है। डर खत्म हो जाता है, और भ्रम टूट जाता है।

Archana singhal

Bollywood

कोरोना वायरस की दहशत से हर जगह में खामोशी छाई हुई है और यही डर अब बॉलीवुड में दिख रहा है। इससे बचने के लिए राज्य सरकारों ने सिनेमाघरों को बंद करने की घोषणा की है। अब तक 3500 से ज्यादा स्क्रीन्स को बंद कर दिया गया है। हिंदी फ़िल्मों के प्रमुख बेल्ट मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, पंजाब और बिहार में थिएटर्स बंद हैं। वहीं, कई फ़िल्मों की रिलीज़ डेट टाल दी गई है। टीवी शोज़ की शूटिंग भी बंद कर दी गई है।

बड़ी फ़िल्मों की रिलीज़ डेट टली
कोरोना वायरस को लेकर लोगों में जिस तरह की दहशत है उसे ध्यान में रखते हुए जाने-माने निर्देशक रोहित शेट्टी ने 24 मार्च को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म ‘सूर्यवंशी’ की रिलीज़ डेट ही टाल दी है और वो यह फ़िल्म तब तक रिलीज़ नहीं करेंगे जब तक कोरोना वायरस का ख़तरा टल नहीं जाता.

यह फ़िल्म इस साल की सबसे बड़ी फ़िल्मों में से एक मानी जा रही है क्योंकि इस फ़िल्म में तीन बड़े सुपरस्टार: अक्षय कुमार, अजय देवगन और रणवीर सिंह एक साथ नज़र आ रहे हैं. यह एक बड़े बजट की फ़िल्म है और रोहित शेट्टी नहीं चाहते कि फ़िल्म को कोई नुकसान हो.
इंटरनैशनल मार्केट से भी प्रभावित हो रहा है बॉक्स ऑफिस

भारत की सिनेमाई कमाई पर वैश्विक असर की बात करें तो कोरोना ने इसे बुरी तरह प्रभावित किया है. बॉलीवुड का बॉक्स ऑफिस तकरीबन तीन महीने पहले से यह मार झेल रहा है. और अब भारत में हालात बिगड़ने लगे हैं तो अब बॉक्स ऑफिस पर सीधा असर पड़ रहा है. अभी ओवरसीज मार्केट से भारत का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन प्रभावित हो रहा है.

भारत की फिल्में बाहर देशों में भी काफी देखी व पसंद की जाती हैं. इनमें चीन भी एक बड़ा बाजार है. लेकिन वहां फैले कोरोना के कारण सिनेमाई लाभ पूरी तरह बंद है. भारत के ऑवरऑल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में 30 से 40 फीसदी हिस्सेदारी इंटरनेशनल मार्केट की होती है, जिसमें बीते दिनों में काफी गिरावट दर्ज की गई है.

कोरोना वायरस पर बनेगी फिल्म

कोरोना वायरस के कहर के बीच बॉलीवुड ने इस वायरस पर भी फिल्म बनाने का फैसला कर लिया है. फिल्म का टाइटल भी सोच लिया गया है.टॉइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इरॉस इंटरनेशनल ‘कोरोना प्यार है’ नाम से फिल्म बना सकता है. फिल्म का टाइटल ऋतिक की डेब्यू फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से मेल खाता है. फिल्म को एक लव स्टोरी के रूप में बनाने की तैयारी है. खुद इरॉस इंटरनेशनल के कृष्णा लुल्ला ने ये जानकारी दी है. वो बताते हैं- अभी फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम किया जा रहा है. इसे एक लव स्टोरी के रूप में बनाया जाएगा. अभी हम स्थितियों का थोड़ा बेहतर होने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि अभी सब कुछ ठप्प है. स्थितियां सामान्य होते ही हम शूटिंग शुरू कर देंगे.

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निर्भया के दोषियों ने फांसी की सजा से बचने के लिए एक और नया हथकंडा आजमाया — जी हां दोस्तों, जैसा कि आप सभी जानते हैं, कि निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी दी जानी है, और इन चारों दोषियों ने फांसी की सजा से बचने के लिए एक और नया पैंतरा अजमाया है।

निर्भया गैंगरेप के चारों दोषी अक्षय, विनय, पवन और मुकेश फांसी से बचने के लिए हर तरह के हथकंडे आजमा रहे हैं, यहां तक कि कोर्ट मैं नए-नए तरीकों द्वारा फांसी की तारीख को टाला जा रहा है। निर्भया गैंगरेप के अब तीन दोषियों ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में याचिका दाखिल की है जिसमें इन इन तीनों दोषियों अक्षय, विनय, पवन तीनों ही दोषी फांसी की सजा से बचने के लिए हर वह तरीका आजमा रहे हैं, कि किसी तरह उनकी फांसी रुक जाए, यहां तक कि अब उन्होंने फांसी की सजा से बचने के लिए अपने परिवारजनों को भी मोहरा बना लिया है।

जहां एक तरफ निर्भया गैंगरेप के चार दोषियों में से तीन दोषियों ने अक्षय, विनय और पवन ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में अपनी याचिका फासी की सजा पर रोक लगाने के लिए डाली है। वहीं दूसरी तरफ इन तीनों दोषियों के परिवारजनों ने जिसमें उनके बुजुर्ग माता-पिता, भाई- बहन और बच्चे शामिल को भी शामिल कर लिया है, यह सभी फांसी की सजा को टालने के लिए हर नया अंतरा आजमा रहे हैं।

यहां तक कि अब इन तीनों दोषियों के परिवारजनों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को हिंदी में पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है, जिसमें इन लोगों ने इन तीनों दोषियों को फांसी की सजा से बचाने के लिए अपने बच्चों को भी मोहरा बना लिया है, और तो और इन्हें अपने किए पर कोई पछतावा भी नहीं हो रहा। इनका कहना है, कि देश में बड़े से बड़े महान पापी को माफ किया जा रहा है, यहां तक कि उन्होंने कहा कि देश में बड़े-बड़े पाप कर्म करने वाले पापी छूट रहे हैं, तो उनके बेटों को सिर्फ एक मुख्य दोषी मुकेश कि वजह से बाकी तीनों दोषियों को फांसी पर लटकाना कहां का न्याय है,

यहां तक कि उन्होंने अपने पत्र में राष्ट्रपति और पीड़िता के परिवारजनों से दोषियों को माफ करने का अनुरोध किया है, यहां तक कि उन्होंने यह तक कहा, कि अगर उन्हें फांसी ही देनी है, और फांसी देने से उनका बदला पूरा हो जाएगा, तो उससे पहले उन्हें इच्छामृत्यु दे दी जाए, उन्होंने पत्र में यहां तक लिखा है, कि ऐसा कोई अपराध नहीं, जिसे क्षमा नहीं किया जा सकता। यहां तक कि दोषियों के परिवारजनों ने पीड़िता के परिवार वालों से तीनों दोषियों को अक्षय, विनय, पवन को फांसी ना देने का अनुरोध किया है।

यहां तक कि दोषी के परिवारजनों का कहना है, कि मुकेश ने इन तीनों को गुमराह किया था। तो एक की वजह से चार फासी दी जाना कहां तक उचित है। आपको बता दें कि निर्भया गैंगरेप के मुख्य आरोपी मुकेश की याचिका को पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था,

उसके बाद इन तीनों ने फांसी की सजा से बचने के लिए यह तीनों ही आप अपने परिवार को भी मोहरा बना रहे हैं, यहां तक कि ऐसा लगता है कि इतनी घिनौने कुकर्म के बावजूद भी यह कैसे समाज में जिंदा रहेंगे। क्या इन्हें अपने किए पर पछतावा है जो यह लोग फांसी की सजा को रुकवाने के लिए इतने सारे हथकंडे अजमा रहे हैं, भल्ला इतने घिनौने कुकर्म करने के बावजूद भी यह लोग कैसे जिंदा रह सकते हैं, और इनके परिवारजन कैसे इन दोषियों को फांसी की सजा से बचाने के लिए न्याय- प्रणाली के बीच में आ सकते हैं।

ऐसे ही नए-नए तरीके आजमा कर दोषी छूटने लगेंगे, तब भला क्या देश में किसी बेटी को इंसाफ मिल पाएगा? अब देखना यह है, कि क्या निर्भया को 20 मार्च को इंसाफ मिल पाएगा? क्या उसका परिवार 20 मार्च को अपनी बेटी को न्याय दिलवा पाएगा, या फिर एक बार फिर से इन सभी दोषीयों की नए-नए याचिका दाखिल करके फिर से इस फांसी को अगली तारीख के लिए टलवा दिया जाएगा। और देश की न्याय प्रणाली का इसी प्रकार यह दोषी ऐसे ही मजाक बनाते रहेंगे, और कब तक इस अंधे कानून का फायदा उठाते रहेंगे?

New-Launches

Grafdoer, a premium bath fittings, kitchen s” inks and sanitaryware brand, expands its presence in the pink city Jaipur, Rajasthan with the opening of its new store in Jaipur (Sumer Nagar, G-Block, Plot No. 1150, Mangyawas Road, Nearby Hotel New Haveli Mansarover, Jaipur). Grafdoer aims at providing good quality products at an affordable price.

The brand has already expanded its footprint across TIER I, II and III cities in India. With the objective of providing better quality sanitation to every household, Grafdoer is expanding its wings in the urban landscape. The ethos of Grafdoer is being modern, stylish, and affordable and completely Make in India.


Grafdoer currently has a strong foothold in Rajasthan with more than 15 stores, and with the launch of this new store, the brand further water to strengthen its roots in the region. This showroom was inaugurated by Mr. Arun Chaturvedi, Cabinet Minister. Grafdoer is leading towards rapid expansion and is planning to open new stores across Tier II and III cities.

About Grafdoer: Taking design inspiration from German technology, GRAFDOER, is a new wave of premium category bath fittings, kitchen sinks and sanitary ware brand in India launched under the parent company VMS Bathware Pvt Ltd., a leading manufacturer for the last 16 years. From faucets to showers, drainers, kitchen sinks to sanitary ware Grafdoer is focused on providing excellence in kitchen and bath ware design space that will leave one truly rejuvenated.

Founded by Mr. Vinay Jain, who started his career in this industry as a dealer at a naive age of 21; Grafdoer is finally his vision of giving back to Indians a luxurious and technology backed collection of kitchen and bathroom accessories and sanitary ware products – one that is unheard of in the corridors of bath and kitchen fitting manufacturers. 

TV

Talk about the power of the divine and you’ll notice how we are protected by the almighty in so many ways throughout our busy day. A recent horrific incident with actor Ashish Kadian’s made his belief in the almighty even stronger than ever. The actor who plays the character of Indresh in &TV’s mythology show Santoshi Maa – Sunaye Vrat Kathayein was left shocked when his reel accident scene turned to a real one!

While shooting for an intense accident sequence with a truck charging towards him (Ashish) at great speed, midway got stuck in a pothole and was about to tilt and fall onto the actor. Tanvi Dogra who essays the role of his wife Swati on the show too was part of this sequence. The ones who believe in the divine power and who witnessed this mishap would certainly say that the accident was averted due to divine power. The incident shook both Tanvi and Ashish who escaped unscathed as the driver took control of the wheel and managed to bring the vehicle to a steady halt at the right time. Although the shoot had to be stalled for a couple of hours so that both could relax a bit and resume.

Talking about the horrifying experience that left everyone in shock Ashish shared, “It was a very intense accident sequence that took almost 5 days to complete. Although such scenes are carried out under expert supervision there are times when things get out of control. I’ve never experienced something like that and honestly was extremely scared. The incident happened in a fraction of second, but thankfully no one was hurt. Times like these make us realize how important it is to be under the protecting power of the almighty by praying and believing.”

Tune in to watch Santoshi Maa – Sunaye Vrat Kathayein from Monday – Friday at 9.00 pm only on &TV

Lifestyle

New Delhi, March 16, 2020: Known for his golden voice, Daler Mehndi took on a different role last night when he wore Sulakshana Monga’s creation as a showstopper at Bombay Times Fashion Week.

Daler has continually reinvented his style over the years from long maharaja robes to bright short jackets to Patiala Salwan’s and kurtas, dhoti salwar and short jackets, to Kitsch jackets to Dakhlas. He has had designers like Manish Arora, Neeta Lulla craft his stylish robes for him. It has been Daler’s wife Taran Mehndi who has been styling him since Ho Jayegi Balle Balle.

The Sardar of Swing and India’s first Pop Icon set trends in the mid-nineties with not only his pathbreaking music but also his style – bejewelled turban, trendy jewellery and long flowing robes. He not only made bhangra sound and look cool but also the turban clad men. The Sikhs owe colourful turbans to him, in fact, he single-handedly made turbans look sassy and cool, so much so that every Bollywood actors like Akshay, Anil Kapoor, Johnny Lever, wore turbans and bold coloured jackets and long robes in their films and tours.

His sense of style has been honoured by the style magazine Elle by conferring on him the title of the Most Stylish Person in Music award.

Mehndi is the only Indian Artist whose costume worn at the iconic You Fest in Madrid Spain graces the prestigious Indian Music Experience Museum in Bangalore for posterity.