April 3, 2020
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दिल्ली के निजामुद्दीन में धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेकर लौटे थे सभी

ये सभी लोग दिल्ली से लौटने के बाद कोरोना महामारी की चपेट में.दिल्ली से आने के बाद प्राइवेट अस्पताल में करा रहे थे इलाज, कोरोना से एक मौत जम्मू कश्मीर में भी हुई, धार्मिक कार्यक्रम में शामिल व्यक्ति के संपर्क में था मृतक.

इनकी मौत को दिल्ली के धार्मिक कार्यक्रम में जाने को लेकर जोड़ा जा रहा.अगर ये सच हुआ तो मामला हो सकता है गंभीर,धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या सैकड़ो में बताई जा रही है, वही इसमे दर्जनों विदेशी नागरिको के शामिल होने की बात भी आ रही सामने.300कोरोना संदिग्ध मिलने के बाद मचा हड़कंप,संदिग्ध लोगो को अलग अलग अस्पतालों में भेजा जा रहा,निजामुद्दीन इलाके को क्वरेण्टाइन दिया है.

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने कई जिलों के पुलिस अफसरों को पत्र जारी कर ऐसे लोगो की पहचान कर इलाज कराने को कहा है।

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नई दिल्लीः कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के खतरे के बीच पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने काम करने से इनकार कर दिया है. सफाई कर्मचारियों का कहना है कि जानलेवा वायरस के संक्रमण के बावजूद भी उन्हें निगम की तरफ से मास्क और ग्लव्स उपलब्ध नहीं कराए जा रहे है. ऐसे में अब वो तभी काम करेंगे, जब उन्हें मास्क और ग्लव्स उपलब्ध कराएं जाएंगे.
सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने निगम अधिकारियों को आगाह भी कर दिया है.

एमसीडी स्वच्छता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष आर.बी ऊंटवाल ने कहा कि कोरोना के संक्रमण के खतरे के बीच भी सफाई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहें है. लेकिन निगम की तरफ से सफाई कर्मचारियों को मास्क और ग्लव्स उपलब्ध नहीं कराया जा रहे हैं.

उनका कहना है कि पूर्वी दिल्ली निगम क्षेत्र के कई इलाकों से कोरोना से संक्रमित मरीज मिल चुके हैं. उस इलाके में भी सफाई कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपाय के काम करना पड़ रहा है. आर.बी ऊंटवाल ने कहा कि जब तक सफाई कर्मचारियों को मास्क और ग्लव्स उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, तब तक कोई भी सफाई कर्मचारी काम नहीं करेगा.

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Chinese President Xi Jinping ने बीते शुक्रवार को US President Donald Trump से कहा कि चीन और अमेरिका मिलकर COVID-19 pandemic से लडाई करें।

Trump के हां कहने के बाद US एक तरह से China के सामने झुक गया है। गौरतलब है कि coronavirus के मामले तेजी से बढने के बाद से दोनों देशों के बीच Word War जारी है और दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। इसका जिक्र हमने अपनी एक खबर COVID-19 के बाद USA और China आमने सामने में किया था।

Trump से फोन पर बात करते हुए Xi ने कहा कि bilateral relations इस वक्त नाजुक मोड पर हैं और दोनों देशों को एक दूसरे के साथ cooperation से कुछ प्राप्त कर सकते हैं।

इस वक्त cooperation ही दोनों पक्षों के लिए बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त epidemic containment के लिए दोनों पक्षों में संयुक्त प्रयास बढाने का आह्वान किया और भविष्य में China-US के संबधों में non-confrontation, non-conflict, mutual respect and win-win cooperation की आशा की।

The US president ने कहा कि यह सुनिश्चित करेंगे कि दोनों देश आपसी असहमति को दूर कर सकें और epidemic नियंत्रण करने में cooperation प्रदान कर सकें। उन्होंने providing medical supplies के लिए China की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों के दोनों देशों को healthcare में प्रभावी आदान-प्रदान और effective pharmaceuticals के अनुसंधान और विकास में सहयोग करना चाहिए।

Trump ने social media पर फोन कॉल के बाद कहा कि बातचीत “very good” रही और “China” इस virus के संबंध में मजबूत समझ विकसित कर चुका है और हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

US foreign policy के Senior researcher Yuan Zheng ने कहा कि pandemic के प्रकोप के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच तनाव को कम करने में मदद की है और इसके बाद China-US संबंधों का प्रारंभिक बिंदु साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच Cooperation से बेहतरीन global strategic balance और global governance system को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा। अंतत: कहा जा सकता है कि United States ने अमेरिका में COVID-19 pandemic के बाद China के सामने घुटने टेक दिये हैं और इस वायरस से दुनिया के मुक्त होने के बाद वैश्वि​क पटल पर एक नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकता है।

Deepak Sen – Senior Journalist 

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मन की बात (Mann ki Baat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ फैसलों की वजह से आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है. गरीबों को खास दिक्कत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम है कि आपमें से कुछ हमें नाराज भी होंगे. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है.

प्रधानमंत्री ने मन की बात (Mann ki Baat) कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देशवासियों से क्षमा मांगते हैं, क्योंकि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं जिनसे देशवासियों को तकलीफ उठानी पड़ रही है, पीएम मोदी ने गरीबों से विशेषकर क्षमा मांगी है.

कड़े कदम उठाने के लिए माफी चाहता हूं-पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ फैसलों की वजह से आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है. गरीबों को खास दिक्कत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम है कि आपमें से कुछ हमें नाराज भी होंगे. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड 19 से लड़ाई कठिन है और इससे मुकाबले के लिए ऐसे फैसलों की जरूरत थी. भारत के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए ये जरूरी था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे समझते हैं कि कोई भी जान बूझकर कानून नहीं तोड़ना चाहता है. लेकिन कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं. पीएम ने कहा कि वे ऐसे लोगों से कहना चाहते हैं कि अगर वे लॉकडाउन का पालन नहीं करते हैं तो इस बीमारी का पालन करना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को न मानने वाले लोग अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हमारे जो फ्रंटलाइन सोल्जर हैं उनसे आज हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है. पीएम ने कहा कि डॉक्टर, नर्स, कोरोना के ठीक हुए लोगों से पीएम ने की बात

प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में वैसे लोगों से बात की जो कोरोना वायरस के संक्रमण में आए और इलाज करवाकर ठीक हुए. पीएम ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम और आगरा के अशोक कपूर से बात की. राम ने कहा कि लॉकडाउन जेल जैसा नहीं है और लोग नियमों का पालन कर ठीक हो सकता है. अशोक कपूर ने कहा कि वे आगरा के स्वास्थ्यकर्मियों और स्टाफ को धन्यवाद देना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पताल के कर्मचारियों और स्टाफ ने उनकी मदद की.

प्रधानमंत्री ने कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों से बात की. इन डॉक्टरों ने बताया कि वे पूरे जज्बे के साथ कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आचार्य चरक की पंक्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि जो बिना किसी भौतिक कामना के मरीजों की सेवा करता है, वही सच्चा और सबसे बढ़िया डॉक्टर है. पीएम ने कहा कि वे सभी नर्सों को सैल्युट करते हैं जो अतुलनीय निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं.

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस मुश्किल समय में किराना दुकान चलाने वाले, ई कॉमर्स, बैंकिंग, डिजिटल ट्रांजेक्शन को संभव बनाने वाले लोगों को याद किया और उन्हें सैल्यूट किया.

सोशल डिस्टेंस बढ़ाओ, इमोशनल डिस्टेंस घटाओ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बढ़ाने को कहा है, लेकिन इस दौरान वे इमोशनल डिस्टेंस घटा सकते हैं और अपने सगे-संबंधियों, पुराने दोस्तों, परिचितों से बात कर सकते हैं. अपने शौक पूरा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब उन्हें ये जानकारी मिली कि क्वारनटीन हुए लोगों के साथ कुछ लोग बदसलूकी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें ऐसे लोगों को लेकर संवेदनशील होना पड़ेगा.

मेडिकल स्टाफ से हमें सीखने की जरूरत है. पीएम ने कहा कि कोरोना को हराने वाले साथियों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है.

TST team 

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A Pakistani rescue personnel checks the body temperature of a man during a drill, part of the preventive measures against the spread of COVID-19, in northwest Pakistan’s Peshawar on March 2, 2020.

In order to help Pakistan cope with the novel coronavirus epidemic, the Chinese government has decided to send an anti-epidemic medical expert team to Pakistan, said Foreign Ministry spokesman Geng Shuang on Saturday.

The team was set up by the National Health Commission and members were selected by the Xinjiang Uygur Autonomous Region Health Commission.

The team set off on Saturday afternoon.

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Co-founder of Microsoft Corporation Bill Gates Criticised US government on his policies deal with COVID-19 pandemic and he is the person who warned the world about pandemic five years ago.

Gates recently said, “United States missed its chance to avoid mandated shutdowns, because it didn’t act fast enough on the COVID-19. It’s January when everybody should’ve been on notice.”

Bill Gates

US Prez Donald Trump said that he wants businesses to open by Easter, April 12, to soften the economic impact.
Gate acknowledged that self isolation will be “disastrous” for the economy, but “there really is no middle ground.” He suggested a shutdown of six to 10 weeks.

Gates said “We want you to keep spending because there’s some politician that thinks GDP growth is what counts.” And said that the United States needs to ramp up its COVID-19 testing abilities and better navigate who actually needs to be tested.

Significantly, five year ago Gates warned, “Today the greatest risk of global catastrophe doesn’t look like this. Instead, it looks like this. If anything kills over 10 million people in the next few decades, it’s most likely to be a highly infectious virus rather than a war. Not missiles, but microbes. Now, part of the reason for this is that we’ve invested a huge amount in nuclear deterrents. But we’ve actually invested very little in a system to stop an epidemic. We’re not ready for the next epidemic.”

During a TED show he was said, “We didn’t have a group of epidemiologists ready to go, who would have gone, seen what the disease was, and seen how far it had spread.”
He explained, “And a large epidemic would require us to have hundreds of thousands of workers. There was no one there to look at treatment approaches, No one to look at the diagnostics. No one to figure out what tools should be used. As an example, we could have taken the blood of survivors, processed it, and put that plasma back in people to protect them. But that was never tried.”

“So there was a lot that was missing. And these things are really a global failure. The WHO is funded to monitor epidemics, but not to do these things I talked about. Now, in the movies it’s quite different.” he was said.
“The failure to prepare could allow the next epidemic to be dramatically more devastating than Ebola Let’s look at the progression of Ebola over this year. Above 10,000 people died, and nearly all were in the three West African countries.”

They had given three reasons why it didn’t spread more. “The first is that there was a lot of heroic work by the health workers. They found the people and they prevented more infections. The second is the nature of the virus. Ebola does not spread through the air. And by the time you’re contagious; most people are so sick that they’re bedridden. Third, it didn’t get into many urban areas. And that was just luck. If it had gotten into a lot more urban areas, the case numbers would have been much larger. So next time, we might not be so lucky.”

He was said, “You can have a virus where people feel well enough while they’re infectious that they get on a plane or they go to a market. The source of the virus could be a natural epidemic like Ebola, or it could be bioterrorism. So there are things that would literally make things a thousand times worse. …..So this is a serious problem. We should be concerned.”

He was explain, “We have advances in biology that should dramatically change the turnaround time to look at a pathogen and be able to make drugs and vaccines that fit for that pathogen. So we can have tools, but those tools need to be put into an overall global health system. And we need preparedness…..The best lessons, I think, on how to get prepared are again, what we do for war.”

“NATO does a lot of war games to check, are people well trained? Do they understand about fuel and logistics and the same radio frequencies? So they are absolutely ready to go. So those are the kinds of things we need to deal with an epidemic.”

“What are the key pieces? First, we need strong health systems in poor countries. That’s where mothers can give birth safely; kids can get all their vaccines….. We need a medical reserve corps: lots of people who’ve got the training and background who are ready to go, with the expertise. And then we need to pair those medical people with the military.”

“Now I don’t have an exact budget for what this would cost, but I’m quite sure it’s very modest compared to the potential harm. The World Bank estimates that if we have a worldwide flu epidemic, global wealth will go down by over three trillion dollars and we’d have millions and millions of deaths. These investments offer significant benefits beyond just being ready for the epidemic.”

This time COVID-19 spreads around the world, with more than three months and infecting people, we still grip on this virus.

Deepak Sen – Senior Journalist

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नयी दिल्ली 27 March 2020: विश्व की सबसे बड़ी बायोग्राफी का विमोचन कोरोना वायरस के कारण टाल दिया गया है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर लिखी “नरेंद्र मोदी-हारबिंजर ऑफ प्रोस्पैरिटी एंड अपोस्टल ऑफ वर्ल्ड पीस” नामक बायोग्राफी के लेखक हैं इंटरनेशनल कॉउंसिल ऑफ़ जूरिस्ट, लन्दन के प्रेजिडेंट डॉ. आदीश सी. अग्रवाला और जानी-मानी अमेरिकन लेखिका मिस एलिज़ाबेथ होरान।

डॉ आदीश सी. अग्रवाला के मुताबिक अमेरिकी लेखिका और प्रकाशक होने के कारण इस किताब का विमोचन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिका में होना तय किया गया था जोकि कोरोना के कारण टल गया है। विशेषकर जापान में बनवाये गए विशेष आकार के पेपर पर छपी इस ग्रंथनुमा पुस्तक का प्रकाशन यूएसए पब्लिकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन हाउस, न्यूयॉर्क ने किया है। मूलरूप से अंग्रेज़ी में लिखी गयी इस पुस्तक का अनुवाद अरबी, डच, फ्रेंच, इंग्लिश, जर्मनी, इटालियन, जापानी, मैंड्रियन, रूसी और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं एवं दस भारतीय में भी किया गया है।

पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिनचर्या और जीवन शैली पर रोशनी डालते हुए बताया गया है कि उनकी इच्छाशक्ति और अदम्य साहस का कारण उनका योग-प्राणायाम का अभ्यास, संयमित जीवन, संतुलित आहार और अध्यात्मिक साधना जैसी जीवनशैली है।

पुस्तक के अनुसार नरेंद्र मोदी की दिनचर्या को देख कर लगता है कि वह एक सच्चे कर्मयोगी हैं। ब्रह्ममुहूर्त में उठकर नित्यकर्म के उपरांत वे नियमित रूप से योग, प्राणायाम और ध्यान करते हैं। उसके बाद एक कप अदरक की चाय और फिर समाचार पत्रों का पठन-पाठन। उसके बाद हल्का-फुल्का उबला या रोस्टेड नाश्ता लेकर ठीक 9 बजे प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच जाते हैं। दोपहर और रात का खाना भी हल्का और सात्विक ही रहता है। उसके बाद देर तक काम करते हुए रात एक बजे के आसपास सोते हैं। वह लगभग साढ़े तीन घंटे की ही नींद लेते हैं।

चैत्र महीने में नरेंद्र मोदी हर साल नवरात्रि के पूरे उपवास रखते हैं। इससे उनको आध्यात्मिक शक्ति मिलती है जो बड़े निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होती है। मोदी की विश्वस्तर पर बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर इस पुस्तक का महत्व और बढ़ जाता है। यह नरेंद्र मोदी की विश्वव्यापी लोकप्रियता का ही जादू है कि हाल ही में अपनी अतिव्यस्तता और आगामी चुनावों की तैयारियों में लगे होने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने परिवार सहित भारत का महत्वपूर्ण दौरा सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के बुलावे पर ही किया।

पुस्तक में देश की कई महत्वपूर्ण हस्तियों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शख्सियत और नेतृत्व के बारे में अपने विचार व्यक्त किये हैं।

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एक तरफ जहां पूरी दुनिया में Corona Virus को लेकर खौफ का माहौल है, वहीं इस बीच में US President Donald Trump ने इस Chinese Virus कहना शुरू दिया है। इसके अलावा China पर इस Virus के संक्रमण को छिपाने के आरोप लगाये जा रहे हैं।

US Prez Donald Trump ने संवाददाता सम्मेलन में 19 मार्च को Corona Virus को Chinese Virus कहा। इस पर एक पत्रकार ने इसे चीनी नागरिकों के लिए Resist comment बताया तो इस पर Trump ने कहा कि वह अपने देश में रहने वाले हर नागरिक से प्रेम करते हैं। यह Virus चीन से आया है और China ने कुछ दिनों पहले अमेरिकी सैनिकों के जरिये अपने देश में इस वायरस के आने का आरोप लगाया था।

usa-china

इससे पहले ट्रंप ने एक ट्वीट में लिखा,’मैंने हमेशा Chinese Virus को गंभीरता से लिया। मैंने शुरुआत से ही बहुत अच्छे कदम उठाए। इस बाबत मैंने सबसे पहले चीन से लगने वाली सीमा को सील करने का काम किया था। यह सब मैंने सबकी इच्छा के विपरीत किया जिससे बहुत से लोगों की जान बचाई जा सके।

वायरस के प्रकोप के चलते Trump ने बुधवार को कनाडा से लगी सीमा गैर-जरूरी यातायात के लिये अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला दोनों देशों में Corona Virus के मामलों में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद लिया है और इससे दोनों देशों की बीच कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि कुछ रोज पहले चीन के विदेश मंत्रालय के Deputy Spokesperson Lijion Zhao ने ट्वीट करके कहा था कि Centers for Disease Control and Prevention (CDC) अपनी बात पर ही पकडी गयी, जबकि अमेरिका में संख्या जीरो है? अमेरिका में कितने मरीज संक्रमित है? वह पूरी दुनिया को बताए कि उसके कितने मरीज मरें हैं? उसकी क्या तैयारी है? कितने अस्पतालों में कोरोना वायरस मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था है? अस्पतालों की सूची पूरी दुनिया का सामने लाए?

उन्होंने कहा कि wuhan में Corona Virus फैलाने के लिए US Army जिम्मेदार हो सकती है। अमेरिका को इस मामले में अपनी जिम्मेदारियां तय करनी होंगी। उसे पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
यह प्रतिक्रिया Director of CDC Robert R. Redfield के यह कहने पर आयी थी कि हमारे कुछ American Influenza की वजह से मारे गए हैं। ये लोग China के Corona Virus से संक्रमित हुए होंगे। इसके लिए चीन जिम्मेदार है।

कोरोना वायरस के फैलने के पीछे एक थ्योरी दोनों देशों की जैविक हथियार (Biological weapon) को हासिल करने की होड भी हो सकती है।
इसी बीच चीन ने 18 मार्च को The New York Times, The Washington Post, and The Wall street Journal के पत्रकारों को देश से निकाल दिया है। इससे 13 पत्रकार प्रभावित होंगे। बीजिंग में एक प्रेस ब्रीफिंग में, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस कदम को अमेरिका में चीनी पत्रकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों की वैध प्रतिक्रिया बताया।

यह कार्यवाही इस महीने के आरंभ में USA ने Xinhua News Agency, China Global Network, China Radio International, China Daily and People’s Daily को चीनी सरकार का प्रवक्ता बताते हुए चीन के दूतावास का हिस्सा बताया था। इन संस्थानों के पत्रकारों पर कुछ प्रतिबंध लगाया गया था।

वहीं, चीन पर इस वायरस से संबंधित जानकारी छिपाने और अनदेखी करने का आरोप लगाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि China में Corona Virus का पहला मामला 17 नवंबर 2019 को सामने आया था जिसे एक राष्ट्र होने के नाते चीन ने पूरी दुनिया से इस मामले की गंभीरता को छिपाकर रखा। पहली बार चेतावनी देने वाले डाक्टर ली वेनलियांग की बात को दबा दिया गया और बाद में उनकी इसी वायरस से मौत हो गयी। 27 दिसंबर को मामले 180 होने के बाद इसके बारे में दुनिया को बताया। आज इस Made in China Virus से पूरी दुनिया जूझ रही है।

पिछले साल चीन के 40 लाख पर्यटक बाहर घूमने गये। चीन के लोगों की Europe में पसंदीदा जगह Italy है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में दो Chinese Tourist इटली गये थे जिसके कारण यह वायरस इटली में तेजी से फैला।

Author – Deepak sen – Senior journalist

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कल एक कट्टर मोदी विरोधी को सुन कर बहुत अच्छा लगा कि अगले लोकसभा चुनावो में मेरा वोट सिर्फ मोदी को , मेरे पूछने पर उसका जवाब आपको और मेहनत से काम करने को विवश कर देगा , कि इस महामारी (Corona Virus) को जिस प्रकार से न केवल कण्ट्रोल किया गया बल्कि लोगो को इसके बारे में सूचित किया गया वेह सिर्फ मोदी जी का कुशल नेतृत्व ही कर सकता है | आपकी नेतृत्व क्षमता व् कार्यशैली ही आपको अन्य लोगो से अलग करती है|

संगठन में तो हमें आपकी क्षमता और कार्यशैली पर हमेशा से विश्वास रहा है पर जब विरोधी इस बात का लोहा मानने लगे तो विश्वास और भी बढ़ जाता है | मुझे गर्व है अपने प्रधानमंत्री जी पर ..क्या आपको भी ..