September 28, 2020
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Prime Minister Narendra Modi is celebrating his 70th birthday today. He was born on 17 September, 1950 at Vadnagar, Mehsana Gujarat. He is considered one of the most powerful and respected leaders not just in India, but in the world. Born to a family of grocers, PM Modi has proved that hard work can help you to achieve anything you want in life.

His fans are legion today and they intensely follow all his moves and statements. There is hardly anything that people already do not know about him. Chai and charcha- two words that gave Modi huge popularity were also key milestones during the first ten years of his life… While he helped his father sell tea as a child at the Vadnagar railway station, his teachers spotted his skills in oratory..

His first brush with the RSS came when he was 8 years old, when he began attending its local shakhas. After completing his high school, he left home to visit ashrams of Swami Vivekananda and even wanted to join the Ramakrishna Mission order.

The third decade saw Modi take a serious plunge into politics. He became a full-time pracharak for the RSS. He went underground in Gujarat & travelled in disguise to avoid arrest during the Emergency, creating a network of safe houses for people wanted by the Govt…A key milestone was his rise within the RSS, with roles first in Gujarat and then in Delhi.

After this PM modi Begin to play a role in BJP’s election planning in Gujarat. He was elected organising secretary of the BJP’s Gujarat unit in 1987 and was named a member of BJP’s National Election Committee in 1990. After a brief break from politics, he returned to play a crucial role in helping BJP win the 1995 Gujarat elections. Modi tasted political success after he turned 50. He became the Chief Minister of Gujarat 2001 and would go on to become its longest-serving Chief Minister, from 2001 to 2014.

Now he is in his most powerful stage . He comfortably won the 2014 and 2019 General Elections, is currently in his second term as India’s Prime Minister and is one of the world’s most powerful leaders. As Modi enters his 8th decade, he remains a popular leader, despite the challenges wrought by a slowing economy, the Coronavirus pandemic or the border standoff with China. Will he be rewarded with a 3rd term and a $5 trillion economy during his upcoming decade .

Many have called him an ‘inspiration for billions of Indians all across the world. They have also lauded him for his work over the years and wish for more such developments which could take the country’s progress in the right direction.

Here’s wishing Narendra Modi a fulfilling and joyous birthday! May he have a great life ahead.



The Ministry of Information & Technology has banned PUBG Mobile game, among 118 Chinese apps in the country. The popular battle Royale game PUBG Mobile is banned. In a statement, the ministry of Communication and Information Technology has said that “in view of information available they are engaged in activities which is prejudicial to sovereignty and integrity of India, defence of India, security of state and public order.”


Unlock 4.0 : The guidelines, issued by the Ministry of Home Affairs, will be in place till September 30. Good news is “METRO WILL BE BACK”

Metro, lifeline of Delhi, in lockdown since March 22 with coronavirus outbreak. According to the guidelines issued by the Centre Saturday on the fourth phase of ‘Unlock’, Metro will be back on track from September 7 but in a graded manner, with the Standard Operating Procedure (SOP) to be issued by the Ministry of Health.

Not only Metro services but also open-air theatres, public gatherings including social, academic, sports, entertainment, cultural and religious will be permitted from September 21 with a ceiling of 100 persons and following conditions:

  • Mandatory wearing of face masks, 
  • social distancing,
  • Provision for thermal scanning and hand wash or sanitisers

नई दिल्‍ली. सरकार ने NEET-JEE की परीक्षा लेने का फैसला लिया व शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) तय कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में ही आयोजित की जाएंगी.

इस मुद्दे पर कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को देखते हुए विपक्ष शासित प्रदेशों के सात मुख्यमंत्रियों ने परीक्षाएं स्थगित करने की मांग का समर्थन करते हुए फैसला किया कि वे इस मुद्दे पर संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.  इस फैसले का समर्थन डीएमके और आम आदमी पार्टी ने भी किया है.

इसी मुद्दे पर डिजिटल बैठक का आयोजन किया गया जिसमे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ  पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया डीएमके के मुखिया एम के स्टालिन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी उपस्थित थे |

सभी इन परीक्षाओं को रोकने के लिए राज्यों को सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले के साथ थे |  हालांकि झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि न्यायालय जाने से पहले मुख्यमंत्रियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर परीक्षाओं को टालने की मांग करनी चाहिए.

सामान्य होने तक परीक्षाएँ स्थगित हों – ममता बनर्जी

डिजिटल बैठक में भाग लेते हुए ममता बनर्जी ने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि हालात के सामान्य होने तक इन परीक्षाओं को स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए.

कोरोना वायरस के मामले और बढ़ सकते – अमरिंदर सिंह

डिजिटल बैठक के दौरान अमरिंदर सिंह ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि सितंबर में कोरोना वायरस के मामले और बढ़ सकते हैं, ऐसी स्थिति में परीक्षाएं कैसे कराई जा सकती हैं?

संकट बढ़ गया है तो परीक्षाएं कैसे – उद्धव ठाकरे

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि आज पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है और संकट बढ़ गया है ऐसे हालत में परीक्षाएं कैसे ली जा सकती हैं?

अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और वी नारायणसामी ने भी इन परीक्षाओं को स्थगित करने की पैरवी की और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ न्यायालय का रुख करने के विचार से सहमति जताई.

जोखिम कैसे उठा सकते हैं – सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने नीट और जेईई की परीक्षाएं स्थगित करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से छात्रों के चयन के लिये वैकल्पिक पद्धति पर काम करने का अनुरोध किया.

सिसोदिया ने कहा, ‘तमाम ऐहतियाती कदम उठाने के बावजूद बहुत सारे शीर्ष नेता संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. ऐसे में हम 28 लाख छात्रों को परीक्षा केंद्र भेजने का जोखिम कैसे उठा सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे इसकी चपेट में नहीं आएंगे.’

एम के स्टालिन ने भी इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार को इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए.


ऑनर किलिंग के मामले में लड़की को बचाया।

  • लड़की ने दोस्त का फोन इस्तेमाल कर दिल्ली महिला आयोग से ट्वीट कर मांगी सहायता,आयोग ने लड़की को सुरक्षित बचाकर परिवार पर दर्ज करवाया मामला।

दिल्ली महिला आयोग ने सोशल मीडिया के ज़रिए एक महिला को ऑनर किलिंग का शिकार होने से बचाया। आयोग के ट्विटर एकाउंट पर श्रुति (नाम बदला गया) नाम की 20 वर्षीय लड़की ने अपने दोस्त का फोन इस्तेमाल करते हुए ट्वीट कर सहायता मांगी। श्रुति ने बताया कि उसने अपने पंसद के लड़के से शादी की थी जिसके बाद से उसके परिवार वाले उसकी शादी का विरोध कर रहे हैं और बात इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसकी हत्या की कोशिश भी कर रहे हैं। ट्विटर पर मदद मांगने के कुछ ही मिनट बाद आयोग के PRO राहुल तहिलियानी ने ट्विटर पर महिला से संपर्क साधने के लिए उसका मोबाइल नम्बर मांगा, जिसपर लड़की ने बताया कि वो अपने घर से बचकर निकली है और उसके परिवार वालों ने उसका फोन रख लिया है।

लड़की पिछले 3 दिन से दर दर भटक रही थी और छुप छुपकर किसी तरह गुज़ारा कर रही थी। पीड़िता शुरुआत में अपना पता बताने मे भी घबरा रही थी जिसके बाद आयोग के PRO राहुल तहिलियानी ने पीड़िता को हिम्मत देते हुए आयोग के ITO स्थित दफ्तर आकर तुरंत आयोग की मेम्बर से मिलने को कहा। श्रुति आयोग के दफ्तर पहुंची और मेम्बर फ़िरदौस खान के द्वारा उसकी कॉउंसलिंग की गई एवं उससे सारी जानकारी ली गयी। उसने बताया कि उसकी उम्र 20 साल है और 12 अगस्त को उसने अपने प्रेमी से दिल्ली में एक मंदिर में विवाह किया था, जिसकी जानकारी मिलते ही उसके परिवार वालों ने उसे मिलने के बहाने वापस बुलाया और उसके घर आने पर उसे बुरी तरह मारपीट कर दादरी ले गए जहां उसे मारने की साज़िश की जा रही थी।

पीड़िता किसी तरह वहां से भाग निकली और वापस दिल्ली आई। दिल्ली आकर वो 2 दिन जगह जगह छुपती रही और उसके बाद उसने आयोग से मदद मांगी। आयोग की सदस्या फिरदौस खान ने लड़की की कॉउंसलिंग की और तुरन्त कार्यवाई करते हुए लड़की को एक सुरक्षित शेल्टर होम में रखवाने की व्यवस्था करवाई एवं लड़की से लिखित बयान लेकर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए परिवार वालों पर मुकदमा दर्ज करवाया। लड़की के अनुसार उसका पति अभी भी डर की वजह से कहीं छुपा हुआ है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। आयोग के दख़ल के बाद मामले में IPC की धारा 323/365/506/34 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आयोग लड़की और उसके पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवार वालों पर कड़ी कार्यवाई के लिए पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहा है।

इस केस में आयोग को बहुत अड़चने आयी यहाँ तक कि लड़की के परिवार के 50 लोगों ने आयोग का दफ़्तर भी घेर लिया। तब PRO राहुल तहिलीयनी ने पुलिस को आयोग बुलाया। बड़ी मुश्किल से मेम्बर फ़िरदौस खान की देख रेख में लड़की को सुरक्षित शेल्टर होम पहुँचाया गया। आयोग के स्टाफ़ को लड़की के परिवार वालो ने धमकाया भी जिसकी कम्प्लेंट पुलिस में दर्ज करायी गयी है।

साथ ही लड़की को आयोग ने कानूनी सहायता भी दिलवा रहा है। आयोग की सहायता से मामले में लड़की की सुरक्षा और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।

दिल्ली महिला आयोग अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, बड़े दुख की बात है कि 2020 के भारत में भी ऑनर किलिंग जैसा सामाजिक कलंक जीवित है। किस प्रकार परिवार वाले अपने ही बच्चों की जान लेने को उतारू हो जाते हैं। आज के ज़माने में सोशल मीडिया की ज़रूरत बहुत ज़्यादा है। जहां एक तरफ अपने दफ्तर, ग्राउंड नेटवर्क और हेल्पलाइन के ज़रिए आयोग दिन रात हज़ारों महिलाओं की सहायता करता है, वहीं सोशल मीडिया पर भी आयोग की सतर्कता एवं सक्रियता ने कई जानें बचाई हैं।

ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम हर प्लेटफार्म पर हमारी टीम सजगतापूर्वक ढंग से गतिविधियों पर ध्यान रखती है और प्रयास करती है कि कोई भी मदद की गुहार खाली न जाए। इस मामले में लड़की के पास न तो फोन था, ना ही पीड़िता अपना एड्रेस दे सकती थी। आयोग की टीम ने बहुत ही धैर्यपूर्वक ढंग से लड़की को भरोसा दिलाया और उसका डर मिटाते हुए उसकी सहायता करी। दिल्ली महिला आयोग हर दिन अपनी तपस्या से दिल्लीवासियों की सेवा कर रहा है।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है. हाल में ही अमित शाह ने कोरोना से जंग जीती है. देर रात उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की अगुवाई में डॉक्टर्स की टीम उनके हालात पर नजर बनाए हुए है.

बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह को देर रात करीब 2 बजे एम्स में भर्ती कराया गया है. उन्हें पुराने प्राइवेट वार्ड में रखा गया है. एम्स निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की अगुवाई में एक टीम उनकी देखभाल में लगी है. अभी कंफर्म नहीं हो पाया है कि अमित शाह को किस परेशानी के बाद एम्स में भर्ती कराया गया है।


मुंबई, अगस्त 2020 :  नेशनल ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने कहा है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाना और राजस्व अर्जित करना उसकी प्राथमिकता है। यह अलग बात है कि प्रसार भारती को निजी चैनलों के उलट काफी प्रतिबंधों और सीमाओं में रहकर काम करना पड़ता है।

पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म की ओर से ऑयोजित विजनरी टॉक सीरीज में गवर्नेस नाऊ के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी से लाइव बातचीत में प्रसारभारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने बताया कि किस तरह डीडी अपना दायरा बढ़ाने और अपने शानदार और बेहतरीन कार्यक्रमों से राजस्व अर्जित करने की योजना बना रहा है।

हाल ही में अमेजन प्राइम पर रिलीज हुई फिल्म “शकुंतला देवी” की मिसाल देते हुए वेम्पति ने कहा कि प्रसार भारती ने इस महिला गणितज्ञ के दो पुराने वीडियो रिलीज किए। इनमें एक वीडियो 1970 का ब्लैक और वाइट में था, जबकि दूसरा विडियो 1980 का कलर में था। इसमें से शकुंतला देवी का ब्लैक एंड वाइट विडियो वायरल हो गया, जिसे 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। इससे दूरदर्शन को काफी राजस्व हासिल हुआ।

उन्होंने कहा, “राजस्व अर्जित करने के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल में दूरदर्शन को तकनीकी रूप से उन्नत होना होगा और शानदार कार्यक्रमों के निर्माण की चुनौती से जूझना होगा। इस समय दूरदर्शन डिजिटल माध्यमों पर आर्काइव्स से पुराने कार्यक्रम मुहैया कर रेवेन्यू कमा रहा है।“

वेम्पति ने फ्री डिश टीवी के फ्री टु एयर मार्केट में चीजों को काफी हद तक बदलने और बेहतर के साथ बदतर माहौल बनाने पर कहा, “डिश टीवी ने मार्केट में दूरदर्शन की पहुंच को बढ़ाया है और रेवेन्यू कमाने के लिए नया दरवाजा खोला है। दूसरी तरफ इसने बाजार में प्रतियोगिता को भी बढ़ावा दिया है।

प्रसार भारती के सीईओ शशिशेखर वेम्पति ने बताया,  “फ्री डिश हमारे लिए बहुत जरूरी है। इससे कम लागत पर ठोस राजस्व अर्जित होता है, सरप्लस रेवेन्यू आता है और घाटे का हिसाब-किताब रखा जा सकता है। तीन वर्षों के संघर्ष के बाद लॉकडाउन से हमें मेन फ्रंट पर आने का मौका मिला है। प्राइवेट चैनलों के नए-नए कार्यक्रमों, लॉकडाउन में ढील मिलने और तरह-तरह के चैनलों पर दूरदर्शन के कार्यक्रम दिखाने के बावजूद डीडी चैनल पर 9 बजे प्रसारित होने वाला “श्रीकृष्णा” टॉप स्लॉट में बरकरार है।“

उन्होंने कहा प्रसार भारती अब अपने मोबाइल ऐप न्यूसन एयर से रेवेन्यू अर्जित कर रहा है। न्यूसन एयर की 200 से ज्यादा रेडियो स्क्रीन है और यह दुनिया भर में काफी लोकप्रिय है। अब इस नेशनल ब्रॉडकास्टर का दायरा बढ़ाने की बड़े पैमाने पर योजनाएं बनाई जा रही हैं। विस्तार की इस तरह की योजनाएं अब तक अलजजीरा और बीबीसी ने भी नहीं बनाई हैं।

हालांकि वेम्पति ने इसके साथ यह भी जोड़ा कि प्रसार भारती के कुछ दायित्व है, जो जरूरी नहीं कि केवल व्यावसायिक ही हो। इसलिए प्रसार भारती में हम हर चीज को केवल राजस्व कमाने के लिहाज से नहीं देख सकते।

उन्होंने अयोध्या में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए भूजन का जिक्र करते हुए कहा, “जिम्मेदारी के तौर पर हम बिना किसी आशा के अपने कार्यक्रम दूसरे चैनलों से शेयर करते हैं। इसलिए एक सीमा तक ही प्रसार भारती अपने कार्यक्रमों से राजस्व अर्जित कर सकता है। उस सीमा से आगे नहीं बढ़ा जा सकता। हमने राजस्व कमाने की उम्मीद के बिना अपना यह कार्यक्रम दूसरे चैनलों से शेयर किया। प्रसार भारती ने राममंदिर के भूमिपूजन का लाइव टेलिकास्ट 200 प्राइवेट चैनलों के साथ शेयर किया। इनमें से कुछ को छोड़कर अधिकतर चैनलों ने इस कार्यक्रम में डीडी का लोगो एल बैंड और विज्ञापनों से कवर कर दिया था।“

पिछले दशक में प्रसार भारती की काफी लोगों तक पहुंच के बावजूद यह उतना राजस्व कमाने में सफल क्यों नहीं हो पाया, इस सवाल पर प्रसार भारती के सीईओ ने कहा कि कुछ आंतरिक मुद्दों के न सुलझने से यह स्थिति आई। 1997 में प्रसार भारती बनने के बाद दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो को इसके तहत लाया गया। इससे पहले यह सरकारी विभाग थे, लिन प्रसार भारती के तहत आने के बाद दूरदर्शन और आकाशवाणी के कर्मचारी सरकारी कर्मचारी ही रहे।

प्रसार भारती के सीईओ ने कहा, “यह असाधारण और अजीब स्थिति थी कि जहां एक पब्लिक ब्रॉडकास्टर स्वायत्त कॉरपोरेट हो, जबकि उनके सभी कर्मचारी सरकारी कर्मचारी थे। इस विषम हालात ने विरासत के कई मुद्दों को जन्म दिया, जिनका आज की तारीख तक कोर्ट में निपटारा नहीं हो सका है। इसका एक दुर्भाग्यपूर्ण नतीजा यह है कि डीडी में क्रिएटिव कम्युनिटी को प्रमोशन नहीं मिल सका और न ही उन्हें अपने रूटीन काम से आगे बढ़कर कुछ बेहतर करने की प्रेरणा या प्रोत्साहन मिला।“


भारत इस वर्ष 74 वा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। भारतीय इसे पूरे हर्ष-उल्लास के साथ राष्ट्रीय अवकाश के तौर पर स्वतंत्रता दिवस मनाते है। आजादी के 73 साल बाद यानी सन् 1947 से अब तक भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। जिनसे हम आपको रूबरू कराएंगे। इसे जानते हुए आप भी गर्व महसूस करेंगे। आइए जानते है अब तक की भारत की उपलब्धियां:
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भारत ने आजादी के एक साल बाद सन 1948 में लंदन ऑलंपिक के दौरान स्वर्ण पदक जीता था।

  • 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना। इस के छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली जिसके बाद पूरे देश में संविधान लागू हुआ।
  • 1954 में भारत, ट्रॉम्बे में एटमी ऊर्जा कार्यक्रम को लॉन्च करने वाला पहला देश बना।
  • 1955 में भारत ने अपना पहला कम्प्यूटर HEC 2M इन्सटॉल किया।
  • भारत ने 4 अगस्त 1956 को एशिया का पहला न्यूक्लियर रिएक्टर बनाया था। आज भारत के पास कुल 21 न्यूक्लियर रिएक्टर्स है।
  • 1956 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मेलबर्न ओलिंपिक्स में फिर गोल्ड जीता।
  • 1958 में भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (IIT) ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता की नई परिभाषा गढ़ी। मुंबई के उत्तरी उपनगर पवई में इसकी स्थापना हुई।
  • वहीं, 1959 में आरती साहा इंग्लिश चैनल पार करने वाली पहली एशियाई महिला बनीं।
  • वहीं वर्ष 1959 में सत्यजीत रे की आपुर संसार ने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दी।
  • 1960 में वह पद्मश्री से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय महिला खिलाड़ी भी बनी। 1960 के ओलिंपिक में मिल्खा सिंह रिकॉर्ड तोड़ने वाले पहले भारतीय हुए।
  • 1961 में भारत ने गुट निरपेक्ष देशों की पहली बैठक में नेतृत्व की कमान संभाली।
  • एक साल बाद 1962 के एशियाई खेलों में भारतीय फुटबॉल टीम ने स्वर्ण जीतकर सबसे ऊंची रैंकिंग हासिल की।
  • सन् 1964 में भारत का पहला जेट ट्रेनर HJT-16 ने उड़ान भरी।
  • अगस्त 1965 से लेकर सितम्बर 1965 तक भारत और पाक के बीच कश्मीर को लेकर युद्ध हुआ। भारतीय सेना ने इस युद्ध में पाकिस्तान की सेना को पराजित किया।
  • वहीं सन 1966 में रीता फारिया विश्व सुंदरी का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय हुईं। वे पहली भारतीय मिस वर्ल्ड हैं, जिन्होने चिकित्सा शास्त्र में विशेषज्ञता हासिल की है।
  • वहीं 1967 में मशहूर सितारवादक पंडित रविशंकर को ग्रैमी पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • 1968 में डॉ प्रफुल्ल सेन, हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी करने वाले दुनिया के तीसरे और एशिया के पहले डॉक्टर बने।
  • यूनेस्को ने रेलवे और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (मुंबई) को विश्व ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा दिया।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना 1969 में हुई। जिसका मुख्यालय बेंगलुरू कर्नाटक में है। ISRO ने एक साथ रिकॉर्ड 104 सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर इतिहास रचा था।
  • भारत ने पाकिस्तान को 1971 के युद्ध में पराजित किया।
  • 1971 में भारत ने बांग्लादेश को पाकिस्तान से आज़ादी दिलवाने के लिए सैन्य हस्तक्षेप किया था। भारत के सबसे सफल पशु बचाओ कार्यक्रम, प्रोजेक्ट टाइगर की शुरूआत 1973 में हुई थी।
  • वहीं 1974 में भारत ने शांतिपूर्ण तरीके से परमाणु परिक्षण किया जिसने दुनिया को चकित कर दिया। 1975 में आर्यभट्ट के प्रक्षेपण ने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया जिनका अपना सैटेलाइट है।
  • भारत में सामाजिक न्याय को हासिल करने के लिए अधिनियम 1976 को लागू करके बंधुआ मजदूरी प्रणाली को २5 अक्टूबर 1975 से संपूर्ण देश से खत्म कर दिया गया। अगले साल मेलबर्न में माइकल फरेरा ने विश्व बिलियार्ड्स चैंपियनशिप जीती।
  • 1978 में भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी दुर्गा का जन्म हुआ।
  • 1979 में भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका को वैध करार दिया, यह दुनिया में न्यायिक नवीनता के महत्वपूर्ण उदाहरणों में से एक है।
  • वहीं 1980 में चेचक की बीमारी से निपटने के लिए भारत ने सबसे लंबे टीकाकरण कार्यक्रम में से एक ही शुरूआत की।
  • 1981 में भारतीय वैज्ञानिकों ने अपनी पहली दवा ट्रोमैरिल तैयार की जिसे बनाने में 16 साल लग गए।
  • अगले साल 1982 में नई दिल्ली में भारत ने एशियाड खेलों की मेज़बानी संभाली।
  • 1983 में कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने विश्व कप जीता।
  • 1984 में भारत के पहले और विश्व के 138 वें अंतरिक्ष यात्री बने राकेश शर्मा।
  • 1985 में भारत फास्ट ब्रीडर न्यूकलियर रिएक्टर हासिल करने वाला छठवां देश बना।
  • 1986 के एशियाई खेलों में पीटी उषा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की और कई रिकॉर्ड तोड़े।
  • 1990 में कुवैत और इराक़ से 1 लाख 10 हज़ार भारतीयों को एय़रलिफ्ट किया गया
  • 1990 में कुवैत और इराक़ से 1 लाख 10 हज़ार भारतीयों को एय़रलिफ्ट किया गया
  • 1987 में सुनिल गावस्कर टेस्ट मैच में 10 हज़ार रन स्कोर करने वाले पहले क्रिकेटर बने।
  • 1988 में एशिया का पहला रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट IRS-1A लॉन्च करके इसरो ने अपने आलोचकों का मुंह बंद किया।
  • अगले साल केरल का कोट्टायम भारत का पहला पूर्ण साक्षर जिला घोषित किया गया।
  • 1990 में कुवैत और इराक़ से 1 लाख 10 हज़ार भारतीयों को एय़रलिफ्ट किया गया जो दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा नागिरकों को बाहर निकालने का प्रयास माना जाता है।
  • सन् 1993 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को दुनिया की छठीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया।
  • 1993 में फिल्मकार सत्यजीत रे को अपने सिनेमा के लिए ऑस्कर से नवाज़ा गया।
  • 1994 में सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय ने भारत की ओर से मिस यूनिवर्स और मिस वर्ल्ड का ताज़ जीता।
  • 1995 में भारत में पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल हुआ था।
  • 1996 के अटलांटा ओलिंपिक्स में 23 साल के लिएंडर पेस ने कांस्य पदक जीता यह 44 साल में भारत का पहला एकल पदक था।
  • अगले साल 1997 में लेखक अरुंधती रॉय ने अपनी किताब ‘दि गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स’ के लिए बुकर पुरस्कार जीता।
  • अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने 1998 में नोबल पुरस्कार जीता, वह यह सम्मान हासिल करने वाले छठें भारतीय थे।
  • 1999 में न्यूयॉर्क के नास्डैक में लिस्ट होने वाली इंफोसिस पहली भारतीय कंपनी बनी।
  • मई 1999 में भारत ने पाकिस्तानी सेना को कारगिल युद्ध में हराया। पाक ने कारगिल जिले के द्रास सैक्टर में भारतीय सीमाओं में घुसपैठ कर दी थी। तकरीबन दो माह तक चले इस युद्ध के अंत में पाक को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
  • शंतरज के बादशाह विश्वनांथन आनंद ने 2000 में विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीती।
  • भारत में बने फाइटर जेट तेजस ने बैंगलुरू से अपनी पहली उड़ान भरी।
  • वर्ष 2003 में सानिया मिर्ज़ा विंबलडन की डबल्स ट्रॉफी जीतने वाली पहली भारतीय बनी।
  • वहीं 2005 में भारत ने सूचना के अधिकार कानून को पास किया।
  • 2006 में परिमर्जन नेगी अंतरराष्ट्रीय चेस ग्रांडमास्टर बनने वाले सबसे युवा एशियाई बने।
  • वहीं 2007 में प्रतिभा पाटिल देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं।
  • 2008 में व्याक्तिगत स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता था।
  • 2009 में दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया।
  • वर्ष 2011 में 27 साल बाद एम एस धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने क्रिकेट विश्व कप जीता।
  • लंदन ओलिंपिक्स 2012 में भारत ने 6 मेडल जीते।
  • 2013 में मंगलायन ने मंगल ग्रह पर चक्कर लगाया।
  • वहीं 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया।
  • 2015 में सानिया मिर्ज़ा और सायना नेहवाल अपने अपने खेलों में शीर्ष पर रहीं।
  • भारत में जन्में सत्या नडेला माइक्रो सॉफ्ट के सीईओ बने।
  • भारतीय सुंदर पिचाई गूगल के सीईओ बनाए गए।
  • 2015 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीट्स में महेंद्र सिंह धौनी का नाम शामिल हुआ। उन्हें 23वें नंबर पर रखा गया।
  • दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले सेलिब्रिटीज में अमिताभ बच्चन 71वें नंबर पर आए।
  • साल 2015 में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को बेस्ट एयरपोर्ट का अवॉर्ड मिला। यह अवॉर्ड एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल द्वारा दिया गया था।
  • जून 2016 में भारत ने महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच को ट्रेनिंग दी।
  • तीन अगस्त, 2017 को भारत ने जीएसटी को हरी झंडी दिखाई जिसे 25 साल का देश का सबसे बड़ा कर सुधार कार्यक्रम है।
  • जम्मू कश्मीर के उड़ी में सैन्य छावनी पर पाकिस्तानी आतंकी हमले में शहीद हुए 18 जवानों के बाद भारतीय सेना ने 28 और 29 सितंबर 2016 की रात को सर्जिकल स्ट्राइक की।
  • भारत के चंद्रमा पर दूसरे मिशन चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई 2019 को किया गया।
  • संसद ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक देने की प्रथा पर रोक लगाने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक विधेयक को 30 जुलाई 2019 को मंजूरी दे दी।
  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 का एक खंड छोड़कर समाप्त कर दिया है। ये ऐतिहासिक फैसला सरकार ने 5 अगस्त को लिया।
  • नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, २०१९ भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम है जिसके द्वारा सन 1955 का नागरिकता कानून को संशोधित करके यह व्यवस्था की गयी है कि ३१ दिसम्बर सन २०१४ के पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिन्दू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी एवं ईसाई को भारत की नागरिकता प्रदान की जा सकेगी।

Mahipal Singh chauhan


दिल्ली महिला आयोग की बहुत बड़ी सफलता : ढाई महीने की बच्ची को बेचा गया कई बार, देर रात तक कई जगह मारे दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस के साथ छापे, बच्ची को ढूंढ निकाला, कार्यवाई के बाद 5 गिरफ्तार।

  • दिल्ली महिला आयोग की महिला पंचायत को बेटी के पिता ने स्वयं आकर दी बेटी को बेचने कि जानकारी, बेटी को वापिस दिलवाने की मांग करी, सूचना मिलते ही टीम ने पुलिस के साथ कई जगहों पर देर रात तक मारे छापे, कड़ी मशक्कत के बाद मिली बच्ची।

बुधवार देर रात दिल्ली महिला आयोग की महिला पंचायत को अमनप्रीत नामक शख्स ने सूचना दी कि उसने अपनी एक ढाई महीने की बच्ची को परवरिश न कर पाने की वजह से किसी को सौंप दिया था और अब उसे बच्ची के आगे बेचे जाने की सूचना मिली है। उसने आयोग से बच्ची के तस्कर को पकड़वाने की गुज़ारिश की।

तुरंत आयोग की मेम्बर फ़िरदौस और किरण नेगी ने जानकारी आयोग की अध्यक्षा स्वाति मलिवाल को दी और एक टीम गठित की गयी। बेटी के पिता के साथ आयोग की टीम सबसे पहले जाफराबाद पहुंची जहाँ पर इस व्यक्ति ने अपनी बेटी को सबसे पहले मनीषा नाम की महिला को 40,000 में बेचा था। दिए गए पते पर पहुँचने पर मनीषा वहां नहीं मिली।

व्यक्ति को मनीषा को फोन करने को कहा गया, बात करते हुए मनीषा ने बताया कि उसने बच्ची को आगे बेच दिया है। मनीषा की बातचीत से जानकारी लेते हुए नेटिव के पिता को महिला आयोग की टीम थाने में ले गयी और पुलिस ने उससे पूछताछ की। उसने पूछताछ में बताया कि वो वाहन चालन का कार्य करता है। उसकी पहले से दो बेटियां और हैं, तीसरी बेटी होने पर इसने बच्ची को 40,000 रुपए में बेच दिया।

पूछताछ के दौरान उसने मादीपुर के एक संदिग्ध घर का पता बताया। आयोग की टीम पुलिस और उस व्यक्ति को लेकर मादीपुर के बताये गए पते पर पहुंची तो वहां इंदु नाम कि महिला मिली। इंदु से पूछताछ में पता लगा कि उसने बच्ची को आगे शकूरपुर में राधा नाम की महिला को बेच दिए है। इसके बाद टीम शकूरपुर के बताए गए पते पर पहुंची। पते पर राधा से मिलने पर उसने बताया कि उसने बच्ची को चावड़ी बाजार में रहने वाली अपनी बहन को दिया था।

इसके बाद टीम चावड़ी बाजार पहुंची, जहाँ राधा कि बेहेन ने बताया कि उसने बच्ची को त्रिलोकपुरी में किसी जानकार के पास छोड़ा था। आज सुबह बच्ची को बरामद कर लिया गया है और पुलिस ने अमनप्रीत, इंदु, मंजू, मनीषा एवं राधा को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है एवं बच्ची के पुनर्वास की ओर भी कार्य शुरू कर दिया गया है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, “बुधवार देर रात से ही हम और हमारी टीम बच्ची की तलाश में जुटी हुई थी। पूरी रात मशक्कत कर, कई जगह छापे मारे और एक इतने बड़े रैकेट जिसमें बच्ची को अनेकों बार बेचा गया उससे छुड़वाया। इस केस में दिल्ली पुलिस का कार्य भी सराहनीय रहा, हम उनका भी धन्यवाद करते हैं। मामले में 5 लोग गिरफ्तार भी हुए हैं, हम अब बच्ची के पुनर्वास पर काम कर रहे हैं। दिल्ली महिला आयोग 24 घण्टे सातों दिन मुस्तैदी से काम कर रहा है।”


The history repeat itself,isn’t it?

In 1528 A.D. an ancient temple was destroyed to construct a mosque. Now, in 2020 after era’s of changes in development,mind sets, technology, environment we went back to ‘rectify’ the history and destroyed the mosque to construct a temple. Once again, we proved that despite of all the changes and developments that we have witnessed over the years,we are adamantly following a particular religious belief which is ‘ fight for your own religion’, what about ‘all religions are equal’ or ‘god is one’. Anyhow, I certainly believe that beliefs are solely personal,so are mine !

In Ayodhya(birth place of god Rama),the neev ceremony of Ram mandir ,performed by Shri Narender Modi has come to its end. Considering,how controversial this construction is, I am a bit traumatised by the fact that, definitely, I would like to visit such a historic place, but, would I get any security or feel privileged to be secured enough while I enter the premises?

I am sure all of the esteemed personalities of our country who contributed towards this historic decision, are secured enough to visit the temple, but, knowing that this construction has lot to do with hurtful or hateful feelings of a particular religion, should I not be worried to visit there?

Yes,we do belong to a group who might not get any appreciation, votes or security in regards to the ‘temple in making’ but I do see myself in a group who is a bit insecure about the threat of life if I decide to visit the temple.

Isn’t it a call for communal riots?

But, certainly I will get all the replies saying ‘toh kya darr ke baith jaye’, bhagwan Ram hai na’. For that I would really like to state that no, please do not be threatened but, please can we ask the authorities that we unanimously take care of their security and we have made all the arrangements of a team of security around them, can they now take care of our security, can each one of us feel that secured, is it possible? I don’t think it won’t add anything to their bravery of creating yet another historic moment for we ‘Hindus’.

Also,I am a strong believer of the fact that with times , a lot has changed and now if you have enough funds, it is better if they are put in medical facilities or scientific advancements to let us all enjoy a better life expectancy rate or a comfortable life and even if we are religiously stuck,I am sure we believe and follow ‘that god resides in one’s heart and isn’t confined to walls’.

Tanvi Aeran

(These views only of writer)