September 30, 2020
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जो लोग मेथी (fenugreek ) खाते है वो लोग जानते हैं कि मेथी कितनी फायदे की चीज है। वैसे भी सर्दियों में हरी सब्जियों में सबसे खास होती है मेथी (fenugreek ) । जिसके परांठे व साग हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है और झटपट बनाए भी जा सकते हैं। मेथी (fenugreek ) के पत्ते हों या फिर बीज दोनों ही अपने अजग-अलग फायदों की वजह से जाने जाते हैं। मेथी (fenugreek ) के बीज तो आपको हर मौसम में मिलेगे, लेकिन हरी मेथी यानि मेथी के पत्ते आपको सिर्फ सर्दियों में मिलते हैं। आइए हम आपको मेथी (fenugreek ) बीज से लेकर हरी मेथी खाने के फायदों के बारे में बताते हैं।

हेल्दी हार्ट के लिए

मेथी आपके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है, क्योंकि इसमें पोटेशियम और सेलेनियम की अच्छी मात्रा होती है। इसलिए आप सर्दियों में जितना हो सके मेथी का सेवन करें। यह आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार होती है। इसमें मौजूद लिपोप्रोटीन (एलडीएल) जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर कम करने में मदद करता है और आपके दिल संबंधी बीमारियों से दूर रखता है। इसके अलावा, हरी मेथी मेथी में गैलेक्टोमनैन होता है, जो हेल्दी हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा होता है। मेथी आपके ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर रखने में मदद करती है, जिससे आर्टरी ब्लाकेज  का खतरा भी कम होता है। क्योंकि जब आपका रक्त संचार बेहतर रहता है, तो आपका दिल भी सही तरीके से काम करता है।

डायबिटीज में भी यूजफुल

शायद ही आप इस बात से अंजान हों कि डायबिटीज रोगियों के लिए मेथी कितनी फायदेमंद मानी जाती है। डायबिटीज के रोगियों के लिए मेथी के बीज हों या मेथी की सब्जी दोनों ही फायदेमंद है। इसके लिए आप मेथी (fenugreek ) के बीज रात को पानी में भिगोकर रखे और सुबह उसी पानी की चाय बनाकर रोजाना 1 कप पिएं, इससे आपको ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। इससे आपका वजन भी नियंत्रित रहेगा और इसमें मौजूद एमिनो एसिड इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करेगा। (ब्लड शुगर कम कर डायबिटीज को कंट्रोल करता है धनिया, जानें सेवन का तरीका)

डाइजेशन सिस्टम को तंदरूस्त करना

मेथी (fenugreek ) आपके पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी सहायक मानी जाती है। यह कब्ज, अपच और पेट में दर्द की समस्या को दूर करती है। आप यदि रोजाना मेथी के बीज की चाय या मेथी की सब्जी का सेवन करते हैं, तो आपकी पाचन प्रक्रिया दुरूस्त रहेगी और आपका पेट साफ रहेगा।  

ज्चांइट्स पेन में भी कारगर

हरी सब्जियां कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो हमारी कई बीमारियों से लड़ने और उन्हें काटने में मदद करती हैं। ठीक इसी प्रकार मेथी भी है, यह आपके जोड़ो के दर्द और हड्डियों के दर्द यानि गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। क्योंकि मेथी (fenugreek ) कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फॉस्फोरस से भरपूर है।

इम्युन सिस्टम को मजबूत करता है

मेथी (fenugreek ) आपकी इम्युन सिस्टम को मजबूत करने और प्रतिरक्षा को बढ़ाने में सहायक होती है। क्योंकि मेथी में कई विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं, इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, तांबा, सेलेनियम, जस्ता, मैंगनीज और मैग्नीशियम के साथ-साथ प्रोटीन और फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस वजह से यह आपको बीमारियों से लड़ने में मददगार है।

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CURRY POWDER

  • 4 tsp ground turmeric
  • 4 tsp roasted, ground coriander seeds
  • 1 tsp ground cinnamon
  • 3 tsp ground fenugreek seeds
  • 2 tsp ground black mustard seeds
  • 1 tsp ground black cardamom seeds
  • 1 tsp ground black pepper
  • 2 tsp onion powder
  • ½ tsp cayenne pepper (powder)
  • 1 tsp roasted, ground caraway seeds
  • 1 tsp ginger powder
  • ½ tsp powdered saffron
  • ½ tsp ground nutmeg

Mix all ingredients in a bowl, jar, or food processor and store in an airtight container until ready to use. Can be used on meats, vegetables, or in soups. Especially good in with chicken, shrimp or vegetables.

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जीरे के पोषक तत्व

जीरे (Cumin) में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , खनिज , विटामिन तथा फाइबर सभी प्रकार के पोषक तत्व होते है। जीरे में आयरन और मैंगनीज  प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा इसमें कॉपर , कैल्शियम , मेग्नेशियम , फास्फोरस , पोटेशियम , जिंक भी पर्याप्त मात्रा  में पाए जाते है।
कुछ मात्रा इसमें विटामिन सी , विटामिन के , विटामिन ई, विटामिन बी1 , बी 2 , बी3 आदि की भी होती है। जीरा बीटा  केरोटीन , ल्यूटेन , मेलाटोनिन तथा कई प्रकार के वाष्पशील तेल आदि का स्रोत होता है।
फायदे-

  • कब्ज या अपच होने पर एक गिलास छाछ में आधा चम्मच भुना पिसा जीरा तथा थोड़ा काला नमक मिलाकर कुछ दिन नियमित पीने से कब्ज में आराम मिलता है।
  • जीरा तथा मिश्री समान मात्रा में लेकर पीस लें। यह चूर्ण एक एक चम्मच दिन में तीन बार ठन्डे पानी के साथ फांक लें। इससे पाईल्स की सूजन कम हो जाती है तथा दर्द मिटता है।
  • गर्भावस्था में होने वाली कब्ज तथा पाईल्स के लिए एक एक चम्मच जीरा , साबुत धनिया तथा सौंफ एक गिलास पानी में भिगो दें। इसे सुबह उबाल कर छान लें। इसमें आधा चम्मच देसी घी मिलाकर पी लें।  इस प्रकार सुबह शाम चार पांच दिन लेने से कब्ज और बवासीर मिट जाते हैं। इससे बवासीर में रक्त गिरना भी बंद होता है।
  • पानी में जीरा डाल कर उबाल लें। ठंडा होने पर इस पानी से चेहरा धोने से दाग , धब्बे , झाइयां , पिम्पल्स आदि मिटते हैं तथा चेहरे पर चमक आती है।
  • जीरा तथा सेंधा नमक दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसे मंजन की तरह दांतों पर नियमित लगाने से दांत मजबूत होते हैं तथा मुंह से बदबू आती हो तो वह भी दूर होती है।
  • जीरा , सौंफ , अजवाइन तथा मेथी की बराबर मात्रा को पीस कर इसमें स्वाद के अनुसार काला नमक मिला लें। यह चूर्ण रोजाना एक चम्मच लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। गैस नहीं बनती तथा गैस के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
  • पेट में दर्द होने पर जीरा , अजवाइन, सोंठ , काली मिर्च , हींग तथा काला नमक बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसे आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से गैस या अपच के कारण होने वाला पेट दर्द ठीक होता है।
  • चुटकी भर जीरे में नींबू का रस तथा काला नमक मिलाकर चबाने से  जी घबराना ठीक होता है।
  •  सुबह और शाम को एक गिलास दूध में एक चम्मच पिसा हुआ जीरा और एक चम्मच मिश्री मिलाकर पीने से स्तन के दूध में वृद्धि होती है। स्तनपान कराने वाली नवजात शिशु की माँ के स्तन में दूध कम हो तो इसका उपयोग जरूर करना चाहिए।
  • सोते समय आधा चम्मच भुना पिसा जीरा गुनगुने मीठे दूध के साथ लेने से नींद अच्छी आती है।
  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच जीरा पाउडर , सेंधा नमक , तथा नींबू का रस डालकर पीने से उल्टी होना बंद होता है।
  • जीरे को पानी के साथ बारीक पीस कर इसे उबटन की तरह स्किन पर लगाकर नहाने से त्वचा चमकदार हो जाती है तथा स्किन पर होने वाले रोग जैसे खुजली आदि  दूर होते है।

जीरे से नुकसान

जीरा एक दवा के रूप में कम मात्रा में लेना फायदेमंद होता है लेकिन अति किसी भी चीज की नुकसान ही करती है। जीरे का गलत तरीके से उपयोग या अधिक मात्रा में उपयोग भी नुकसानदेह हो सकता है अत: इसके उपयोग में कुछ सावधानी रखनी चाहिए जो इस प्रकार हैं।

  • जीरा पित्त बढ़ाता है अत: पित्त प्रकृति के लोगों को अधिक मात्रा में जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जीरे की तासीर गर्म होती है। गर्भावस्था में किसी भी गर्म तासीर वाली वस्तु का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। अत: जीरा भी कम मात्रा में ही उपयोग करें।
  • जीरा रक्त में शर्करा की मात्रा को प्रभावित करता है अत: डायबिटीज की दवा ले रहे हों तो जीरा डॉक्टर की सलाह के बाद लेना चाहिए। इसी वहज से ऑपरेशन से पहले या बाद में ज्यादा जीरा नहीं लेना चाहिए।
  • यदि जीरे के कारण एलर्जी होती हो तो इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।
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क्या आप जानते हैं कि आपके खाने को स्वादिष्ट व चटाकेदार बनाने के लिए कई तरह के मसालों का यूज आप आपनी किचन में करती हैं। लेकिन कभी सोचा है कि इस मसालों का आपकी सेहत पर क्या असर होता है।

आपने अक्सर सुना व देखा होगा कि जिन घरों में छोटे बच्चें पेट दर्द से परेशान होते हैं तो घर के बड़े हमेशा देसी इलाज यानि कि हींग का फाक इसके पेट पर लगा दो, देखों अभी ठीक हो जाएगा। या फिर खाने के बाद पेट का फूला हुआ लगना या फिर खाने का पूरी तरह से डाइजेस्ट न होना , तो इसमें भी वह गर्म पानी के साथ अजवाइन लेने की एडवाइज देती है।

वैसे तो बाजार में सभी बीमारियों व परेशानियों का इलाज आसानी से मिल जाता है लेकिन हमारी किचन के साबुत मसालों में एक घर का डॉक्टर छिपा है , यह आपको पता नहीं।

आपने देखा होगा कि पुराने जमाने में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को आज के समय में नई पैकिंग के साथ बेचा जा रहा है चाहे वह मसाले हो या फिर पानी पीने के लिए तांबे के बर्तन।
पुराने जमाने में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बुटियां व साबुत मसालों से लोगों का इलाज आसानी से हो जाता था जिसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं था।

हमारी इस सीरिज में बात होगी ऐसे ही मसालों की जो आपके खाने को टेस्टी बनाने के साथ ही आपकी सेहत का ख्याल भी रखते है।