August 11, 2020
Lifestyle

क्या CORONA के बाद बदल जायेगा Economic Hub?

पूरी दुनिया में corona को लेकर China के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रहीहै। हालांकि, China ने कई बड़े शहरों से Lockdown हटा दिया है औरअर्थव्यवस्था को गति देने के लिए Production units एवं Retail Hub को खोल दिया है। इसके बाद भी वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगताहै कि post-corona-era चीन के लिए काफी मुश्किल वाला वक्त होसकता है।
जनवरी में जब corona virus को pandemic घोषित किया गया था तबचाइना ने सब कुछ बंद कर दिया था। इसके बाद ना केवल China कीअर्थव्यवस्था बल्कि दूसरे देशों की economy भी की रफ्तार थम गयी थी।

विशेषज्ञों के अनुसार कई देश अपनी China में स्थित manufacturing units को बाहर ले जा सकते हैं, जो कई दशकों से चीन में लगी हुई थी।China के लिए यह मजबूत anti-Chinese नफरत का भाव चीन काpandemic से निपटने और लगाम लगाने में उसकी कमजोरी के कारणनिश्चित तौर से जोर पकड़ सकता है।

कई देश पहले से ही अपनी manufacturing outlets को China से बाहरले जाने के बारे में सोच रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार South Korea कीअपनी कुछ factories को India में लगाने की योजना है। व​ह अपनीकंपनियों जैसे POSCO और Hyundai Steel की factories को आंध्रप्रदेश के किसी स्थान में लगाने की योजना है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार Japanese government नेअपनी कंपनियों की मदद के लिए $2.2 billion आर्थिक पैकेज कीघोषणा की थी। China में corona virus के चलते इन कंपनियों कीsupply chains के बाधित होेने के कारण हुई है।

इसमें $2 billion काप्रस्ताव manufacturing firms को चीन से वापस जापान लाने के लिएकिया गया है और $2.2 billion कंपनियों को दूसरे देशों में स्थापित करनेके लिए रखा है।
वर्तमान स्थिति में India के विशाल manpower को भारत सरकार चीनकी तरह ही विकल्प के तौर पर पेश कर सकती है और एक यह फायदा हैकि भारत सरकार पहले से ही इस दिशा में काम कर रही है। इस समयभारत सरकार की strategy मुख्य रूप से export manufacturing केरास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर होनी चाहिए।

सरकार काफोकस pharmaceutical, automobile and electronic क्षेत्रों पर होनाचाहिए। मोबाइल फोन manufacturing को बढ़ाने के लिए सरकार नेपहले से ही प्रोत्साहित किया गया है, लेकिन इस वक्त Apple and Samsung जैसी बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने पर फोकस होनाचाहिए।

भारत जैसे देश के लिए अपनी economy को कोरोना के बाद वापस पटरीपर लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण और फायदेमंद हो सकता है।

यदि भारत इसमें सफल होता है तो यह कदम employment, revenue, and foreign exchange को बढ़ावा देने में सफल होगा। वर्तमान में भारतagricultural sector से नौकरी का बढ़ा भाग पैदा करता है। यदि भारतexport hub बनने में सफल होता है तो देश manufacturing sector सेबड़ी संख्या में नौकरी देने के अवसर पैदा कर सकता है।

हालांकि, इस दौड़ में केवल भारत भर नहीं है बल्कि Vietnam इसकानजदीकी प्रतिद्वंदी है। यह उपयुक्त समय है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केMake in India campaign को बढ़ाया जा सकता है जिसका उद्देश्य देशमें रोजगार के अवसर उत्पनन करना था।क्या कोरोना के बाद बदलआयेगी इकोनामी हब भी!

पूरी दुनिया में corona को लेकर China के प्रति हेट बढती जा रही ​है।हालांकि, China ने कई बड़े शहरों से लाकडाउन हटा दिया है औरअर्थव्यवस्था को गति देने के लिए प्रोडक्शन इकाई एवं रिटेल हब कोखोल दिया है। इसके बाद भी वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता हैकि post-corona-era चीन के लिए काफी मुश्किल वाला वक्त हो सकताहै। जनवरी में जब corona virus को pandemic घोषित किया गया था तबचाइना ने सब कुछ बंद कर दिया था।

इसके बाद ना केवल China कीअर्थव्यवस्था बल्कि दूसरे देशों की economy भी की रफ्तार थम गयी थी। विशेषज्ञों के अनुसार कई देश अपनी China में स्थित manufacturing units को बाहर ले जा सकते हैं, जो कई दशकों से चीन में लगी हुई थी।China के लिए यह मजबूत anti-Chinese नफरत का भाव चीन काpandemic से निपटने और लगाम लगाने में उसकी कमजोरी के कारणनिश्चित तौर से जोर पकड़ सकता है।कई देश पहले से ही अपनी manufacturing outlets को China से बाहरले जाने के बारे में सोच रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार South Korea कीअपनी कुछ factories को India में लगाने की योजना है।

व​ह अपनीकंपनियों जैसे POSCO और Hyundai Steel की factories को आंध्रप्रदेश के किसी स्थान में लगाने की योजना है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पिछले हफ्ते Japanese government नेअपनी कंपनियों की मदद के लिए $2.2 billion आर्थिक पैकेज कीघोषणा की थी। China में corona virus के चलते इन कंपनियों कीsupply chains के बाधित होेने के कारण हुई है। इसमें $2 billion काप्रस्ताव manufacturing firms को चीन से वापस जापान लाने के लिएकिया गया है और $2.2 billion कंपनियों को दूसरे देशों में स्थापित करनेके लिए रखा है।

वर्तमान स्थिति में India के विशाल manpower को भारत सरकार चीनकी तरह ही विकल्प के तौर पर पेश कर सकती है और एक यह फायदा हैकि भारत सरकार पहले से ही इस दिशा में काम कर रही है। इस समयभारत सरकार की strategy मुख्य रूप से export manufacturing केरास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर होनी चाहिए। सरकार काफोकस pharmaceutical, automobile and electronic क्षेत्रों पर होनाचाहिए। मोबाइल फोन manufacturing को बढ़ाने के लिए सरकार नेपहले से ही प्रोत्साहित किया गया है, लेकिन इस वक्त Apple and Samsung जैसी बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने पर फोकस होनाचाहिए।

भारत जैसे देश के लिए अपनी economy को कोरोना के बाद वापस पटरीपर लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण और फायदेमंद हो सकता है। यदि भारत इसमें सफल होता है तो यह कदम employment, revenue, and foreign exchange को बढ़ावा देने में सफल होगा। वर्तमान में भारतagricultural sector से नौकरी का बढ़ा भाग पैदा करता है। यदि भारतexport hub बनने में सफल होता है तो देश manufacturing sector सेबड़ी संख्या में नौकरी देने के अवसर पैदा कर सकता है।

हालांकि, इस दौड़ में केवल भारत भर नहीं है बल्कि Vietnam इसकानजदीकी प्रतिद्वंदी है। यह उपयुक्त समय है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केMake in India campaign को बढ़ाया जा सकता है जिसका उद्देश्य देशमें रोजगार के अवसर उत्पनन करना था।

Deepak Sen – Senior Journalist

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