September 28, 2020
Politics

Dr Rajeev Bindal : Expectation of Public from Public Representative

By Dr Rajeev Bindal, MLA Nahan

पंचायत का वार्ड सदस्य, उप-प्रधान, प्रधान, बी0 डी0 सी0 सदस्य, जिला परिषद सदस्य, विधायक एवं सांसद ये वह शक्स है जो लोकतान्त्रिक प्रणाली (Democratic Process)में चुन कर जन प्रतिनिधि (Public Representative) बने है, इनके अतिरिक्त भी कुछ और पद है जो चुनाव द्वारा भरे जाते है जैसे को-ओपरेटिव सोसाईटीज आदि परन्तु उनके मतदाता (voters) सभी नहीं होते इसलिए उन्हें जन-जन का प्रतिनिधी कहना शायद उचित नहीं होगा ।

जन प्रतिनिधि Public Representative बनने से पूर्व व्यक्ति बड़े उत्साह से, मन की, तन की, परिवार की पूरी तैयारी के साथ इस सामाजिक-राजनैतिक जीवन में आने की घोषणा करता है, तन-मन-धन लगा कर लोकतान्त्रिक प्रणाली Democratic Process से चुनाव जीत कर जन प्रतिनिधि Public Representative बनता है । ये जन प्रतिनिधि Public Representative भारत जैसे लोकतन्त्र में अहम् भूमिका निभाते है । सत्ता की राजनिति के साथ इन जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली, कार्यक्षमता एवं सफलता भी प्रभावित होती है ।

Rajiv Bindal Rajeev

जन प्रतिनिधियों Public Representative से जन-जन की अपेक्षाऐं :

यह विषय बहुत बड़ा, कलिष्ठ एवं पद, स्थान, क्षेत्र आदि के अनुसार परिभाषित होने वाला है इसलिय केवल एक लेख में समाहित नहीं किया जा सकता । प्रयास करेंगे कि इसे आगे क्रमशः लिखा जाए । यह बहुत बड़े शोध का विषय भी है ।

हर पंचायत से लेकर लोकसभा क्षेत्र की अलग-अलग समस्याऐं है, जनमानस की अलग-अलग अपेक्षाऐं है । फिर भी इन्हें वर्गीकृत करने का प्रयास करूंगा ।

सामुहिक अपेक्षाऐं :  विकास सम्बन्धित अपेक्षाऐं – सड़क, बिजली, पानी, रास्ते, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि आदि ।

व्यवहार सम्बन्धित अपेक्षाऐं :  मृदुभाषी, मिलनसार, सदा उपलब्ध रहने वाला, सीधे सम्पर्क कर सकने योग्य, सुःख-दुःख का साथी, दयानतदार, ईमानदार, समय का पाबन्द आदि-आदि ।

व्यक्तिगत् अपेक्षाऐं :  नौकरी, कारोबार, रोजगार, मान प्रतिष्ठा देने वाला, व्यक्तिगत् कामों में मदद, शादी-विवाह में शामिल होने वाला आदि-आदि ।

ये हैं सामान्य जनमानस की अपेक्षाऐं, जिन्हें विस्तार से बाद में लिखने का प्रयास करेंगे ।

जन प्रतिनिधि Public Representative जिस संगठन से है, जिन साथियों एवं लोगो के बूते वह जन प्रतिनिधि Public Representative बना है उन कार्यकर्ताओं की भी जनप्रतिनिधियों से अपेक्षाऐं रहती है । हर किसी के मन में तो उतरा नहीं जा सकता परन्तु सामान्य अपेक्षाओं को वर्गीकृत करने का प्रयास किया है ।

सामुहिक अपेक्षाऐं :

  1. संगठन के प्रति या जिताने वाले साथियों के प्रति समर्पित देखना चाहता है ।
  2. अपने नेता के आचरण पर दृष्टी रखता है ।
  3. समाज एवं इलाका वासियों के प्रति सवेंदनशीलता की अपेक्षा रखता है ।
  4. अपने नेता के मार्फत कार्यकर्ता को मानसम्मान मिले ऐसी उम्मीद रखता है ।
  5. जन प्रतिनिधि फोन पर उपलब्ध रहे यह हर कार्यकार्ता की अपेक्षा रहती ही है ।

विकासात्मक अपेक्षाऐ :

  1. सत्ता की राजनिति के अनुसार जन प्रतिनिधि से अपेक्षाऐं बदलती है ।
  2. जन प्रतिनिधि की छवि के अनुरूप भी अपेक्षाऐं भिन्न-भिन्न रहती है ।
  3. सामान्यता सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं जन अधिकारों की रक्षा की अपेक्षा रहती है ।

व्यक्तिगत् अपेक्षाऐं :
कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग है या यूॅ कहें कि अधिकतर कार्यकर्ताओं की कोई व्यक्तिगत् अपेक्षा नहीं रहती । वह विचारधारा से जुड कर, व्यक्ति विशेष से जुड़ कर समर्पण भाव से, त्याग भाव से, समाज हित में, देश हित में, इलाके की भालाई के लिए तन-मन एवं धन के साथ लोकतान्त्रिक प्रक्रिया Democratic Process में जुडता है, जन प्रतिनिधि Public Representative को जिताता है और उस जन प्रतिनिधि को उसका कार्य करने के लिए छोड़ देता है ।

केवल कुछ कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत् अपेक्षाऐं रहती है जोकि सामान्य जनमानस की आपेक्षाओं से मेल खाती है ।

Dr Rajiv Bindal, MLA Nahan
कार्यालय – नजदीक कालीस्थान तालाब,
Nahan , जिला सिरमौर Himachal Pradesh
पिन न0 173001

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