August 11, 2020
Politics

Five Eyes, China और India का ठंडा Reaction!

विश्व भर में Corona Virus फैलने के बाद जहां एक तरफ China को लेकर छोटे बडे देश Offensive हो रहे हैं, वहीं India का Reaction बेहद ठंडा रहा है। अभी तक COVID-19 को लेकर Indian Diplomacy बेहद Defensive रही है।

अप्रैल के दूसरे हफ्ते में USA, UK और Australia ने Covid-19 के फैलने के बारे में Wuhan Laboratory और Wet Market को लेकर Study करने का अनुरोध किया था। China ने USA और UK को साफ तौर पर मना कर दिया था।

यहां यह बात गौरतलब है कि US और France के सहयोग से Wuhan Institute of Virology बनी है। यहां पर यह तीनों देश China जाकर वास्तव में Covid-19 की Study करना चाहते थे।
यह तीनों देश Five Eyes समूह के सदस्य है। इसमें यूएस, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैड शामिल हैं और यह समूह Intelligence को आपस में साझा करने वाला एक बेहद मजबूत समूह हैं। इस वक्त विश्व के मीडिया में Five Eyes समूह का नाम सामने आने लगा है। इसकी Investigation Team वुहान जाकर जांच करना चाहती है।

आस्ट्रेलिया में China के Ambassador Cheng Jingye ने इस तरह की मांग करने वाले आस्ट्रेलिया को धमकी देते हुए कहा ​​है कि हमारे यहां लोग देशभक्त है और यदि आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Scott Morrison अपनी जांच संबंधी बात पर अड़े रहे तो चीन के लोग आस्ट्रेलिया के सामानों जैसे कोयला, वाइन और स्टील को खरीदना बंद कर देंगे एवं Australian Universities का बहिष्कार कर देंगे। इसके साथ ही चीन आस्ट्रेलिया पर sanction भी लगा सकता है। किसी देश के राजदूत द्वारा इस तरह की धमकी देना बेहद ही रोचक और हैरत भरा है।

आस्ट्रेलिया की Economy का दारोमदार China पर काफी ज्यादा है। आस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय का योगदान वहां की Economy में 37.6 Billion Dollar है जिसमें सबसे अधिक 12 Billion Dollar चीन से आस्ट्रेलिया को मिलते हैं।

आस्ट्रेलिया के Economy में China का योगदान 200 Billon Dollar का है और करीब 30 फीसदी हिस्सा China को जाता है। यदि China किसी भी तरह का sanction लगाता है तो आस्ट्रेलिया Billons Dollar का Lose उठाना पड़ सकता है।

यहां आस्ट्रेलिया की शीर्ष नेतृत्व की तारीफ की जानी चाहिए, जो China की धमकी के आगे झुके नहीं हैं।

Australian foreign minister Marise Payne said, “Australia has made a principal call for an independent review of COVID-19 outbreak, an unprecedented global crisis with severe health, economic and social impact.’’

She said, “We reject any suggestion that economic coercion is an appropriate response to a call for such an assessment, when what we need is global cooperation.”

यदि आस्ट्रेलिया के खिलाफ China कोई कदम उठाता है तो देखना होगा कि विश्व स्तर पर देशों की प्रतिक्रिया क्या होगी?

India की बात करें तो इस वक्त China के खिलाफ Indian Foreign Policy काफी Neutral और बेहद Defensive रही है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि China ने कई दफा कश्मीर मसले को लेकर पाकिस्तान का साथ दिया है और कश्मीर मसले को UN में उठने नहीं दिया है।

इधर, अप्रैल के अंत में US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने India को Countries of Particular Concern (CPC) में डालने की अनुशंसा की है। इस Commission में Republicans और Democrats दोनों दलों के सदस्य होते हैं।
CPC में उन देशों के नाम डाले जाते है, जहां Religious Violation हो रही होती है। India के साथ Nigeria, Russia, Syria और Vietnam को इस लिस्ट में डालने की अनुशंसा की गयी है। इसके साथ CPC में शामिल देशों की संख्या 14 हो जायेगी।

हालांकि, इसे अंतिम मंजूरी US President देते हैं। 2004 के बाद India का नाम यदि इसमें डाला दिया जाता है तो India पर कई तरह के sanction भी लगाये जा सकते हैं।

India को CPC में डालने की अनुशंसा Indian Diplomatic Weakness को एक तरह से स्पष्ट कर देती है। यदि India विश्व पटल पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता ​है तो उसे Defensive Diplomacy से बाहर आना होगा

Deepak Sen – Senior Journalist

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