March 8, 2021
Health

ICMR – ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि corona वायरस हवा से फैलता है

लॉकडाउन के चलते कई देशों के करोड़ों लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, कोरोना वायरस ने ना सिर्फ लोगों की जान ले रहा है बल्कि कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विश्व में कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या 12 लाख के पार जा चुकी है। जिस रफ्तार से यह बढ़ रहा है, अगर जल्द इस पर काबू ना पाया गया तो परिणाम बहुत गंभीर भी हो सकते हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग सफाई का पूरा ध्यान रख रहे हैं और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं।

इसी बीच लोगों में ऐसी धारणा भी पाई गई है कि कोरोना वायरस हवा के माध्यम से भी स्वस्थ्य व्यक्ति में पहुंच सकता है। हालांकि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने ऐसे किसी दावे को मामने से इनकार कर दिया है। रविवार के एक बयान में आईसीएमआर ने कहा, अभी तक देश-दुनिया में कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला है कि कोरना वायरस हवा से फैलता है। इसलिए बेहतर है कि ऐसे किसी दावे पर बिना तथ्यों के भरोसा कर लेना ठीक नहीं है।

विश्व को अपनी चपेट में ले चुका कोरोना वायरस अब भारत में भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। जैसे-जैसे देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर इसके इलाज के अजीबोगरीब नुस्खे वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक दावा इन दिनों इंटरनेट पर खूब शेयर किया जा रहा है, इसमें कहा गया है कि अगर आप प्रतिदिन गर्म पानी की भाप सांस द्वारा अंदर लेते हैं तो कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी तरह ठीक हो जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह दावा भी पूरी तरह झूठा है।

4 मई तक नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन

ऐसा ही एक दावा लॉकडाउन को लेकर किया जा रहा है जिसमें न्यूज बुलेटिन का हवाला देकर ये कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के कारण देश में जो लॉकडाउन लगा है, उसे 4 मई तक बढ़ा दिया गया है। आपको बता दें ये मैसेज पूरी तरह फर्जी है। वायरल हो रहे इस फर्जी मैसेज की तस्वीर को फोटोशॉप किया गया है। इसमें ‘प्रधानमंत्री ने तीन हफ्ते के लॉकडाउन की घोषणा की’ वाली खबर को हटाकर उसकी जगह ‘लॉकडाउन 4 मई तक किया गया है’ लिखा गया है।

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