September 28, 2020
Lifestyle

बहुत दिनों बाद फिर एक सुगंध सी छाई

बहुत दिनों बाद एक सुगंध सी छाई,
तपती धरती के पुकार पर, एक बूँद धरा पर आई

मानव तो पहले ही डरा था, महामारी के आगे सहमा सा खड़ा था
सूरज ने अपने यौवन से, उसे और बेबस करा था |

तपन से जलते तनों को, महामारी से डरते मनों को,
सुहानी सी हवाओं बीच, इंद्र ने माला पहनाई|

इंद्रधनुष साथ लेकर, बूंदे अवनी पर आई
बहुत दिनों बाद फिर एक सुगंध सी छाई |
तपती धरती के पुकार पर, एक बूँद धरा पर आई

लेखक – विक्रम गौड़

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