September 30, 2020
Bollywood

रिया चक्रवर्ती: विष कन्या या बलि की बकरी ??

सामान्यतया मैं आजकल टेलीविजन पर न्यूज़ नहीं देखता हूं ।
कारण एंकर्स का 247365 सुशांत सिंह राजपूत की हत्या पर कथित अनुसंधान और आतंक ।
कल शाम मैंने गलती से आधे घंटे टीवी न्यूज़ देख ली तो मुझे रात भर डरावने सपने आते रहे ।आज सुबह एक मित्र का फोन आया कि आप सुशांत सिंह मामले पर क्या सोचते हैं ?

मैं अपने विचार संक्षेप में यहाँ दे रहा हूं: स्वर्गीय सुशांत सिंह राजपूत एक प्रतिभा संपन्न कलाकार थे । वे मुंबई आए, उन्हें सीरियल्स में काम मिला। वे भाग्यशाली रहे और उन्हें फिल्में भी मिलना शुरू हो गई वह रातों रात करोड़पति बन गए।

इस सफलता ने सुशांत सिंह राजपूत को प्रोत्साहित किया और वह सुपरस्टार बनने के सपने देखने लगे । मुंबई में करण जौहर ,एकता कपूर, सलमान खान ,यशराज फिल्म्स सहित दर्जनों फिल्मी माफियाओं को फिल्मी दुनिया के परिवार के अलावा किसी बाहर के व्यक्ति की यह कामयाबी पसंद नहीं आई और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से सुशांत सिंह राजपूत को मानसिक रूप से उत्पीड़ित करना शुरू कर दिया। जैसे उन्हें फिल्मी पार्टियों में बुलाया जाता और फिर जानबूझकर इग्नोर किया जाता।

करण जौहर एक इंटरव्यू में करीना कपूर से पूछते हैं कि वह सारा अली खान को डेट करने के लिए किसे सजेस्ट करना चाहेंगी? वह जवाब देती हैं कि सारा की फिल्म केदारनाथ के हीरो( सुशांत सिंह ) के अलावा किसी को भी !!

इन सब से धीरे-धीरे सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन में चले गए ।इस बीच उनकी जिंदगी में रिया चक्रवर्ती आती है और उनका आर्थिक शोषण शुरू कर देती है लेकिन जब रिया चक्रवर्ती को यह बात पता लगती है कि सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन से बाहर आने वाले नहीं हैं तो वह आर्थिक शोषण की गति तेज कर देती हैं। और जब सुशांत की जेब खाली हो जाती है तो वह 8 जून को अपना सामान उठाकर चल देती है। इससे सुशांत सिंह राजपूत और डिप्रेशन में चले जाते हैं और आत्महत्या कर लेते हैं।

रिया चक्रवर्ती आदित्य ठाकरे के संपर्क में होती हैं और आदित्य ठाकरे उन्हें पुलिस से संरक्षण देते हैं।

अब बिहार में चुनाव सर पर है और स्वाभाविक है कि सीबीआई नहीं चाहेगी कि यह मामला ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ वाला सिद्ध हो सो जल्दी ही रिया चक्रवर्ती स्वर्गीय सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या के लिए उकसाने ,उनका धन गायब करने, मनी लॉन्ड्रिंग उनके स्टाफ को बदलकर अपने मनपसंद स्टाफ सदस्य तैनात कर उनके साथ मिलकर षड्यंत्र करने आदि आरोपों में गिरफ्तार कर ली जाएंगी और उनकी बाकी जिंदगी वकील और अदालतों के चक्कर लगाते हुए निकलेगी।

इस मामले ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ कुछ बातें जाती हैं: पहली- सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन में थे और वह उस समय उनके साथ लिव-इन में रहते हुए उनकी अभिभावक थी और उनकी व सुशांत सिंह की एक ट्रस्ट रिलेशनशिप थी ।

इस ट्रस्ट रिलेशनशिप में ( क्योंकि सुशांत सिंह की मानसिक स्थिति सही नहीं थी) उन्हें उनकी चिकित्सा से लेकर उनके फाइनेंस तक हर मामले में उनके परिवार को विश्वास में लेना चाहिए था। रिया चक्रवर्ती उनकी पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर थी, ऐसे में उनकी गंभीर बीमारी व चिकित्सा, उनके बैंक बैलेंस के उपयोग, स्टाफ को हटाने या नियुक्त करने एवं अन्य मसलों पर उनके परिवार को विश्वास में लिया ही जाना चाहिए था ।

यदि वे ऐसा करती तो आज उन्हें ‘विषकन्या’ नहीं कहा जाता ।

सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की या उनकी हत्या हुई , अंततोगत्वा इसका फैसला सीबीआई या न्यायालय करेंगे लेकिन रिया चक्रवर्ती विषकन्या हैं या ‘बलि की बकरी’- यह फैसला आप अपने स्तर पर ले सकते हैं!!

  • वेद माथुर
    www.vedmathur.com

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