July 28, 2021
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Politics


देश में कोरोना की दूसरी लहर कमजोर हो चुकी है, लेकिन तीसरी लहर का अंदेशा है. इसके लिए सरकार तैयारियों में जुटी है. सरकार खासतौर पर हिल स्टेशंस और बाजारों में उमड़ रही भीड़ को लेकर खासी चिंतित है. इसी को लेकर अब हेल्थ मिनिस्ट्री ने ट्रैवलिंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि बिना फुल वैक्सीनेशन के यात्रा से बचने की जरूरत है. हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से जारी इस गाइडलाइन में 7 प्रमुख बातों पर फोकस किया गया है.
सीरो-सर्वे में कोरोना के खिलाफ आशा की किरण दिखी है, लेकिन अभी ढिलाई नहीं दी जा सकती है. 32 परसेंट लोग अब भी कोरोना से सुरक्षित नहीं हैं.
सरकार ने कहा कि लोकल या जिला स्तर पर हालात अलग हो सकते हैं. सीरो-सर्वे में देश की स्थिति पर ओवरऑल नजर डाली गई है.
राज्यों को स्थानीय सीरो-सर्वे जारी रखना चाहिए जिससे यह पता लगाया जा सके कि कोविड के खिलाफ आबादी का परसेंटेज कितना सुरक्षित है.

तीसरी लहर का आना संभव
भविष्य में संक्रमण की लहें आ सकती हैं. कुछ राज्यों में कोरोना के खिलाफ हाई लेवल पर इम्यूनिटी मिली है, जबकि कहीं पर यह बहुत नीचे है.

गैर जरूरी यात्रा से बचें
कई राज्यों में ढील से टूरिस्ट स्पॉट और मार्केट में भीड़ उमड़ रही है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ा है. लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की जरूरत है.

सभाओं से बचें
कई राज्यों ने सभाओं के लिए पाबंदियों में ढील दी है, लेकिन अभी इससे बचने की जरूरत है. उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली ने हाल ही में कांवड़ यात्रा रद की है.

वैक्सीनेशन के बाद यात्रा
सरकार ने कहा कि फुल वैक्सीनेशन के बाद ही यात्रा करें. यानी कि वैक्सीन की दोनों डोज तय अंतराल के बाद ले चुके लोग ही यात्रा पर जाएं.

दिल्ली- 5 परसेंट से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले राज्यों से आने वालों को वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट या आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी. महाराष्ट्र- पूरी तरह वैक्सीनेटेड लोग बिना आरटी-पीसीआर के भी राज्य में आ सकते हैं.

Health

The UNICEF on Friday (May 7, 2021) expressed that it is very concerned about the deadly daily surge in new COVID-19 cases in India and said that this wave is almost four times the size of the first wave.

The UNICEF’s statement came on a day when India witnessed over 4 lakh new coronavirus infections for the second consecutive day.

“UNICEF is very concerned about this deadly daily surge in new cases. This wave is almost four times the size of the first wave and the virus is spreading much faster. With the surge in cases, the virus is also affecting more people across age groups including children and infants,” said UNICEF representative Dr Yasmin Ali Haque.

He added, “What is happening in India should raise alarm bells for all of us. The pandemic is far from over. COVID-19 cases are rising at an alarming rate across South Asia.” 

Haque stated that the entire health systems could collapse, leading to more tragic loss of life and said that very low levels of vaccination in most South Asian countries (less than 10% in India, Sri Lanka and Nepal) is adding to concern of the virus spiraling even further. 

Politics

विश्व भर में Corona Virus फैलने के बाद जहां एक तरफ China को लेकर छोटे बडे देश Offensive हो रहे हैं, वहीं India का Reaction बेहद ठंडा रहा है। अभी तक COVID-19 को लेकर Indian Diplomacy बेहद Defensive रही है।

अप्रैल के दूसरे हफ्ते में USA, UK और Australia ने Covid-19 के फैलने के बारे में Wuhan Laboratory और Wet Market को लेकर Study करने का अनुरोध किया था। China ने USA और UK को साफ तौर पर मना कर दिया था।

यहां यह बात गौरतलब है कि US और France के सहयोग से Wuhan Institute of Virology बनी है। यहां पर यह तीनों देश China जाकर वास्तव में Covid-19 की Study करना चाहते थे।
यह तीनों देश Five Eyes समूह के सदस्य है। इसमें यूएस, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैड शामिल हैं और यह समूह Intelligence को आपस में साझा करने वाला एक बेहद मजबूत समूह हैं। इस वक्त विश्व के मीडिया में Five Eyes समूह का नाम सामने आने लगा है। इसकी Investigation Team वुहान जाकर जांच करना चाहती है।

आस्ट्रेलिया में China के Ambassador Cheng Jingye ने इस तरह की मांग करने वाले आस्ट्रेलिया को धमकी देते हुए कहा ​​है कि हमारे यहां लोग देशभक्त है और यदि आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Scott Morrison अपनी जांच संबंधी बात पर अड़े रहे तो चीन के लोग आस्ट्रेलिया के सामानों जैसे कोयला, वाइन और स्टील को खरीदना बंद कर देंगे एवं Australian Universities का बहिष्कार कर देंगे। इसके साथ ही चीन आस्ट्रेलिया पर sanction भी लगा सकता है। किसी देश के राजदूत द्वारा इस तरह की धमकी देना बेहद ही रोचक और हैरत भरा है।

आस्ट्रेलिया की Economy का दारोमदार China पर काफी ज्यादा है। आस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय का योगदान वहां की Economy में 37.6 Billion Dollar है जिसमें सबसे अधिक 12 Billion Dollar चीन से आस्ट्रेलिया को मिलते हैं।

आस्ट्रेलिया के Economy में China का योगदान 200 Billon Dollar का है और करीब 30 फीसदी हिस्सा China को जाता है। यदि China किसी भी तरह का sanction लगाता है तो आस्ट्रेलिया Billons Dollar का Lose उठाना पड़ सकता है।

यहां आस्ट्रेलिया की शीर्ष नेतृत्व की तारीफ की जानी चाहिए, जो China की धमकी के आगे झुके नहीं हैं।

Australian foreign minister Marise Payne said, “Australia has made a principal call for an independent review of COVID-19 outbreak, an unprecedented global crisis with severe health, economic and social impact.’’

She said, “We reject any suggestion that economic coercion is an appropriate response to a call for such an assessment, when what we need is global cooperation.”

यदि आस्ट्रेलिया के खिलाफ China कोई कदम उठाता है तो देखना होगा कि विश्व स्तर पर देशों की प्रतिक्रिया क्या होगी?

India की बात करें तो इस वक्त China के खिलाफ Indian Foreign Policy काफी Neutral और बेहद Defensive रही है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि China ने कई दफा कश्मीर मसले को लेकर पाकिस्तान का साथ दिया है और कश्मीर मसले को UN में उठने नहीं दिया है।

इधर, अप्रैल के अंत में US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने India को Countries of Particular Concern (CPC) में डालने की अनुशंसा की है। इस Commission में Republicans और Democrats दोनों दलों के सदस्य होते हैं।
CPC में उन देशों के नाम डाले जाते है, जहां Religious Violation हो रही होती है। India के साथ Nigeria, Russia, Syria और Vietnam को इस लिस्ट में डालने की अनुशंसा की गयी है। इसके साथ CPC में शामिल देशों की संख्या 14 हो जायेगी।

हालांकि, इसे अंतिम मंजूरी US President देते हैं। 2004 के बाद India का नाम यदि इसमें डाला दिया जाता है तो India पर कई तरह के sanction भी लगाये जा सकते हैं।

India को CPC में डालने की अनुशंसा Indian Diplomatic Weakness को एक तरह से स्पष्ट कर देती है। यदि India विश्व पटल पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता ​है तो उसे Defensive Diplomacy से बाहर आना होगा

Deepak Sen – Senior Journalist

Health

दिल्ली में कोविड-19 से संक्रमण के मामलों की कुल संख्या 2918 हो गई है, दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके स्थित बाबू जगजीवन राम अस्पताल के 19 और कर्मचारियों में रविवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की पुष्टि हुई जिसके बाद अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है. अस्पताल में संक्रमित हुए 59 लोगों में 11 डॉक्टर शामिल हैं.

शनिवार तक विषाणु से संक्रमित लोगों की संख्या 40 थी. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 68 और नमूनों की जांच होना बाकी है. उत्तरी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट दीपक शिंदे ने कहा, “जो मरीज नाजुक स्थिति में हैं, वह अस्पताल में ही रहेंगे. अस्पताल प्रबंधन उनकी देखभाल करेगा.”

अस्पताल दिल्ली के निषिद्ध घोषित किए गए क्षेत्रों में से एक जहांगीरपुरी में स्थित है. अधिकारी ने बताया कि सभी कर्मचारियों की कोरोना वायरस जांच की जा रही है और अस्पताल को संक्रमणमुक्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अस्पताल को रोगियों के लिए अगले तीन दिन तक बंद रखा जाएगा.

Lifestyle

पूरी दुनिया में corona को लेकर China के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रहीहै। हालांकि, China ने कई बड़े शहरों से Lockdown हटा दिया है औरअर्थव्यवस्था को गति देने के लिए Production units एवं Retail Hub को खोल दिया है। इसके बाद भी वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगताहै कि post-corona-era चीन के लिए काफी मुश्किल वाला वक्त होसकता है।
जनवरी में जब corona virus को pandemic घोषित किया गया था तबचाइना ने सब कुछ बंद कर दिया था। इसके बाद ना केवल China कीअर्थव्यवस्था बल्कि दूसरे देशों की economy भी की रफ्तार थम गयी थी।

विशेषज्ञों के अनुसार कई देश अपनी China में स्थित manufacturing units को बाहर ले जा सकते हैं, जो कई दशकों से चीन में लगी हुई थी।China के लिए यह मजबूत anti-Chinese नफरत का भाव चीन काpandemic से निपटने और लगाम लगाने में उसकी कमजोरी के कारणनिश्चित तौर से जोर पकड़ सकता है।

कई देश पहले से ही अपनी manufacturing outlets को China से बाहरले जाने के बारे में सोच रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार South Korea कीअपनी कुछ factories को India में लगाने की योजना है। व​ह अपनीकंपनियों जैसे POSCO और Hyundai Steel की factories को आंध्रप्रदेश के किसी स्थान में लगाने की योजना है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार Japanese government नेअपनी कंपनियों की मदद के लिए $2.2 billion आर्थिक पैकेज कीघोषणा की थी। China में corona virus के चलते इन कंपनियों कीsupply chains के बाधित होेने के कारण हुई है।

इसमें $2 billion काप्रस्ताव manufacturing firms को चीन से वापस जापान लाने के लिएकिया गया है और $2.2 billion कंपनियों को दूसरे देशों में स्थापित करनेके लिए रखा है।
वर्तमान स्थिति में India के विशाल manpower को भारत सरकार चीनकी तरह ही विकल्प के तौर पर पेश कर सकती है और एक यह फायदा हैकि भारत सरकार पहले से ही इस दिशा में काम कर रही है। इस समयभारत सरकार की strategy मुख्य रूप से export manufacturing केरास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर होनी चाहिए।

सरकार काफोकस pharmaceutical, automobile and electronic क्षेत्रों पर होनाचाहिए। मोबाइल फोन manufacturing को बढ़ाने के लिए सरकार नेपहले से ही प्रोत्साहित किया गया है, लेकिन इस वक्त Apple and Samsung जैसी बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने पर फोकस होनाचाहिए।

भारत जैसे देश के लिए अपनी economy को कोरोना के बाद वापस पटरीपर लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण और फायदेमंद हो सकता है।

यदि भारत इसमें सफल होता है तो यह कदम employment, revenue, and foreign exchange को बढ़ावा देने में सफल होगा। वर्तमान में भारतagricultural sector से नौकरी का बढ़ा भाग पैदा करता है। यदि भारतexport hub बनने में सफल होता है तो देश manufacturing sector सेबड़ी संख्या में नौकरी देने के अवसर पैदा कर सकता है।

हालांकि, इस दौड़ में केवल भारत भर नहीं है बल्कि Vietnam इसकानजदीकी प्रतिद्वंदी है। यह उपयुक्त समय है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केMake in India campaign को बढ़ाया जा सकता है जिसका उद्देश्य देशमें रोजगार के अवसर उत्पनन करना था।क्या कोरोना के बाद बदलआयेगी इकोनामी हब भी!

पूरी दुनिया में corona को लेकर China के प्रति हेट बढती जा रही ​है।हालांकि, China ने कई बड़े शहरों से लाकडाउन हटा दिया है औरअर्थव्यवस्था को गति देने के लिए प्रोडक्शन इकाई एवं रिटेल हब कोखोल दिया है। इसके बाद भी वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता हैकि post-corona-era चीन के लिए काफी मुश्किल वाला वक्त हो सकताहै। जनवरी में जब corona virus को pandemic घोषित किया गया था तबचाइना ने सब कुछ बंद कर दिया था।

इसके बाद ना केवल China कीअर्थव्यवस्था बल्कि दूसरे देशों की economy भी की रफ्तार थम गयी थी। विशेषज्ञों के अनुसार कई देश अपनी China में स्थित manufacturing units को बाहर ले जा सकते हैं, जो कई दशकों से चीन में लगी हुई थी।China के लिए यह मजबूत anti-Chinese नफरत का भाव चीन काpandemic से निपटने और लगाम लगाने में उसकी कमजोरी के कारणनिश्चित तौर से जोर पकड़ सकता है।कई देश पहले से ही अपनी manufacturing outlets को China से बाहरले जाने के बारे में सोच रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार South Korea कीअपनी कुछ factories को India में लगाने की योजना है।

व​ह अपनीकंपनियों जैसे POSCO और Hyundai Steel की factories को आंध्रप्रदेश के किसी स्थान में लगाने की योजना है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पिछले हफ्ते Japanese government नेअपनी कंपनियों की मदद के लिए $2.2 billion आर्थिक पैकेज कीघोषणा की थी। China में corona virus के चलते इन कंपनियों कीsupply chains के बाधित होेने के कारण हुई है। इसमें $2 billion काप्रस्ताव manufacturing firms को चीन से वापस जापान लाने के लिएकिया गया है और $2.2 billion कंपनियों को दूसरे देशों में स्थापित करनेके लिए रखा है।

वर्तमान स्थिति में India के विशाल manpower को भारत सरकार चीनकी तरह ही विकल्प के तौर पर पेश कर सकती है और एक यह फायदा हैकि भारत सरकार पहले से ही इस दिशा में काम कर रही है। इस समयभारत सरकार की strategy मुख्य रूप से export manufacturing केरास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर होनी चाहिए। सरकार काफोकस pharmaceutical, automobile and electronic क्षेत्रों पर होनाचाहिए। मोबाइल फोन manufacturing को बढ़ाने के लिए सरकार नेपहले से ही प्रोत्साहित किया गया है, लेकिन इस वक्त Apple and Samsung जैसी बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने पर फोकस होनाचाहिए।

भारत जैसे देश के लिए अपनी economy को कोरोना के बाद वापस पटरीपर लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण और फायदेमंद हो सकता है। यदि भारत इसमें सफल होता है तो यह कदम employment, revenue, and foreign exchange को बढ़ावा देने में सफल होगा। वर्तमान में भारतagricultural sector से नौकरी का बढ़ा भाग पैदा करता है। यदि भारतexport hub बनने में सफल होता है तो देश manufacturing sector सेबड़ी संख्या में नौकरी देने के अवसर पैदा कर सकता है।

हालांकि, इस दौड़ में केवल भारत भर नहीं है बल्कि Vietnam इसकानजदीकी प्रतिद्वंदी है। यह उपयुक्त समय है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केMake in India campaign को बढ़ाया जा सकता है जिसका उद्देश्य देशमें रोजगार के अवसर उत्पनन करना था।

Deepak Sen – Senior Journalist

Health

World Health Organization (WHO) has recently declared the Novel Corona virus, COVID-19 as Pandemic. Till now it has affected 213 countries/areas/territories, infected 2,314,621 people and caused 157,847 deaths. Most severely affected countries are the U.S.A, China, Italy, Iran, South Korea, Spain, Germany and U.K. Till date in India, it has infected 18601 people including 590 deaths.

In order to contain the spread of the virus, Haryana Government has strengthened the surveillance and control measures against the disease.

Health

A brother-duo Vinayak and Kartik Tara, aged 8 and 12 years old have developed Ventilators and Automatic Water/Sanitizer dispenser to help reduce contact between healthcare workers and Covid-19 patients. Created at a bare minimum cost, the prototypes can be installed at Hospitals, Vegetable Mandis, Kirana Stores, Police Stations, and even Police Vans. Both siblings have been pursuing a course in Robotics for 4 years through RoboChamps, an Edutech startup. With this initiative, they aim to help Prime Minister Narender Modi in this fight and seek support by Government to make these models in bulk quantity for hospitals to overcome shortage immediately.

A number of medical staff including doctors and nurses in India has been reported to get infected while treating patients. People walking down the streets to buy essentials also has a potential in community spread of the virus. Therefore, to curb the spread further and help the frontline staff, the duo created the automatic sanitizer dispenser prototype that can detect a hand from a range of 2 cms. It works in the same manner how automatic taps work in malls but the interesting aspect is that it has been built within a price bracket of Rs 850. Robochamps the guiding inspiration for these kids is aiming to deliver 100’s of products immediately and has urged for the support of the Indian government.
Similarly, for helping frontline medical staff at hospitals, the kids have created Automatic Ventilators by converting the existing manual ventilators available in the market.  A balloon like structure is being compressed by a motor between two wooden walls (acting as hands) set at a particular speed and time as the ventilator is connected to circuit and interfaced with mobile app so that patient’s health can be monitored closely through the mobile app. The entire design is created to be economically viable within a price range of Rs. 1560. The working prototype is tested and proven to be successful and can be helpful for medical staff and hospitals. The sibling duo conceptualized, designed and built the automated machines under the guidance of Mr. Akshay Ahuja, Founder, RoboChamps.
Speaking on the automated ventilators, Mr. Akshay Ahuja, Founder, RoboChamps, says “Currently a lot of health establishments and bodies have been working on developing new prototypes of a ventilator using 3D Printing to help with the shortage of Ventilators however the model developed by our students is completely different as we are rather converting manual ventilators into automatic but the process will be the same, to pump the balloon and use two wooden walls instead of hands to avoid human interaction.”
He further adds, “We were working in a B2B model before the lockdown where we offer Robotics and Coding courses by setting up Labs in schools, however, due to corona lockdown we found it difficult to keep educating children due to our offline model. Hence, we have started consulting them through video conferencing to help them continue with their education.  During the lockdown both our students were bored and thought of creating some robot so we started thinking of innovative ways of how we could create a Robot that could help during Corona, this is where the idea to create this Robot prototype came in mind.”
Currently both the kids are working on 2 more Robot Protoypes.
The 1st model will help deliver food to Covid 19 patients without human intervention. It will be customized as per beds in the hospital, the Robot can supply food to every patient automatically. The robots are conceptualized at a nominal price which is equivalent to INR 2300. The 2nd modelwill be a structure that can sanitize the whole body when someone passes through it. The structure can be installed in schools, malls, and all other crowded places once lockdown is over.
12-year-old Kartik Tara of Class 8th says, “Since the lockdown, we have been seeing news all over the internet, television about how Corona has affected countries, people and economies at a large scale. We got inspired by Prime Minister Narendra Modi’s initiatives along with a few other startups for dealing with Corona.  I want to contribute to society and promote Skill India.”
8-year-old Vinayak Tara of Class 4th quips excitedly, “I am really happy that we created something that will help hospitals and public places. Akshay sir has been mentoring us constantly on a video call and I want to thank him for all his hard work.”

Health

मौजूदा कोविड-19 महामारी को देखते हुए, सोशल मीडिया पर आइसक्रीम और कोल्‍ड ड्रिंक्‍स के जरिये कोरोना संक्रमण फैलने से संबंधित कई फर्जी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इस मिथक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि इस बात के कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि पूरी साफ-सफाई के साथ बनाए गए फ्रोज़न फूड और आइस क्रीम खाने से नया कोरोना वायरस फैलता है। दरअसल, किसी भी खाद्य पदार्थ से यह संक्रमण नहीं फैलता है, फिर चाहे वह गरम हो या ठंडा।

यूनिसेफ के डिप्‍टी एक्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर चैरलोट्टे पेट्री गोर्निट्जका के वक्‍तव्‍य में भी यह कहा गया है – यह पूरी तरह से झूठ है कि आइस क्रीम और अन्‍य ठंडे खाद्य पदार्थों को नहीं खाने से कोरोना संक्रमण होने से बचने में मदद मिलती है। इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं जो इन खाद्य पदार्थों एवं कोरोना संक्रमण के बीच के संबंध के बारे में बताते हों। यही नहीं, आइसक्रीम खाने के कई सामान्‍य लाभ हैं, यह विटामिन एवं खनिजों का बड़ा स्रोत है और यह शरीर को एनर्जी भी देती है। अब गर्मियां आ गई हैं, यदि आप चाहें तो आइस क्रीम्‍स एवं कोल्‍ड ड्रिंक्‍स का आनंद ले सकते हैं।

आपको सुझाव दिया जाता है दुकान से ठंडे खाद्य पदार्थ या पेय लाने के बाद उन्‍हें ऐसे ही फ्रिज में नहीं रखें। फ्रिज में रखने से पहले कोल्‍ड ड्रिंक्‍स की बोतलों और आइस क्रीम्‍स के बाहरी कवर को साबुन और पानी से जरूर साफ करें।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए आपको अपने पसंदीदा खाद्य पदार्थ को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय आप लॉकडाउन एडवायजरी का पालन करें, सोशल डिस्‍टेंसिंग बनाए रखें, हाथों को बार-बार धोयें और जरूरी सामान लाने के लिए बाहर जाते वक्‍त मास्‍क अवश्‍य पहनें। इसके साथ ही संतुलित व सेहतमंद आहार लें और सिर्फ विश्‍वसनीय स्रोतों से मिल रही जानकारियों पर ही भरोसा करें।

डॉ. मनोज कुमार साहू
गैस्‍ट्रोएंट्रोलॉजिस्‍ट एवं मेडिसिन
भुबनेश्‍वर

Bollywood

हालही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मास्क सभी के लिए अनिवार्य है , जो भी लोग सामान खरीदने के लिए या जरूरी सेवाओं के लिए घर से बाहर निकल रहे है उन सब को मास्क पहना जरूरी है । साथ मे यह भी कहा गया है, जरूरी नही है कि आप तैयार मास्क या एन95 मास्क ही पहने आप अपने घर पर बनाया हुआ मास्क भी इस्तेमाल कर सकते हो ।

अभिनेत्री विद्या बालन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है । उन्होंने यह वीडियो सभी के लिए साझा किया है , वीडियो में विद्या बालन उनके एक ब्लाऊज पीस से कुछ मिनटों के भीतर ही मास्क बनाना सीखा रही है। विद्या बालन ने मास्क बनाने का बहुत ही सरल तरीका दिखाया है , विद्या ने वीडियो में कहा है कि जैसे कि पीएम मोदी ने कहा कि घरेलू मास्क इस्तेमाल कीजिए , आप घरेलु मास्क साड़ियों से या स्कार्फ से भी बना सकते है । घेरलू मास्क से भी आप उतने ही सुरक्षित रहोगे जैसे की किसी और मास्क से रहते है । विद्या के दिखाए इस मास्क को हर कोई बना सकता है और अपनी खुद की तथा अपने परिवार की सुरक्षा कर सकता है । विद्या ने यह वीडियो #अपना देश अपना मास्क #होम मेड मास्क (#ApnaDeshApnaMask #HomeMadeMask) इस हैशटेग के साथ शेयर किया है ।

अभिनेत्री विद्या बालन समय समय पर जागरूकता ला रही है , वे गरीब लोंगो की सहायता के लिए सभी से अपील करते हुए भी नजर आरही है । हालही में विद्या ने एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर साझा किया था इस वीडियो में विद्या एक महिला सफाई कर्मचारी को बड़े ही प्यार से शुक्रिया कह रही थी है तो वैसे ही एक वीडियो में वे मेडिकल में काम कर रहे सारे स्टाफ को भी धन्यवाद दे रही थी।
विद्या जानती है कि इस समय मे सभी का हौसला बढ़ाने की जरूरत है और वे बखूब ही वे लोगों का हौसला बांधते हुए नजर आरही है और लोगों को सतर्क कर रही है कि अपने मास्क में ही अपनी सुरक्षा है ।

Bollywood

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में हर कोई घर बैठे कुछ न कुछ करते नजर आ रहे है । बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी इसमें पीछे नहीं है, कोई घर की सफाई कर रहा है, कोई खाना बना रहा है , कोई पेड़ लगा रहा है तो कोई कसरत कर रहा है । इतना ही नहीं तो कई सारे बॉलीवुड के सितारे देश में आर्थिंक मंदी न आये इसीलिए मदद कर रहे तो कई सारे लोग भारतीय लोगोको सकारात्मक रहने के लिए प्रोत्साहन दे रहे है ।

सत्यमेव जयते , बाटला हाउस जैसे फ़िल्मों से धमाकेदार परफॉर्म करने वाले जॉन अब्राहम ने अपने इंस्टाग्राम पर , भारत और दुनिया के लिए आशा, साहस और कृतज्ञता से भरपूर एक कविता पोस्ट की है । मिलाप मिलान झवेरी द्वारा लिखित और संकल्पनात्मक। लिजो जॉर्ज द्वारा संगीत । म्यूजिक सुपरवाइजर अजीम दयानी। कुणाल/परिक्षित द्वारा ध्वनि । माहीर झवेरी और सागर माणिक द्वारा एडिटेड इस कविता को दुनयाभर से काफी पसंद किया जा रहा है ।

कविता के बोल है – मेरा भारत महान

सड़के है अब लावारिस
घरपे बैठा इंसान हैं
जहा खेलते थे सब बच्चे
खाली वो हर मैदान है
मंदिर और मस्जिद है बंद
खुली राशन की दुकान है
हौसला है फिरभी दिलोंमे
क्यूंकि मेरा भारत महान है।

अस्पतालों में जुंज रहे सब डॉक्टर
इस वक्त इंसानियत के भगवान है
खाकी में निकले वीर सिपाई
को हर हिंदुस्तानी का सलाम है
घर में रहकर हर नागरिक
दे रहा अपना योगदान है
हौसला है फिरभी दिलोंमे
क्यूंकि मेरा भारत महान है ।

पूरी दुनिया का दुश्मन अब एक है
पृथ्वी अब जंग -ए- मैदान है
सरहदों पर आज भी सिपाई
दे रहे प्राणो का बलिदान है
माना के वक्त है मुश्किल
पर इरादे अब चट्टान है
हौसला है फिरभी दिलोंमे
क्यूंकि मेरा भारत महान है ।
https://www.instagram.com/tv/B_Hw4hLlGqU/?igshid=19t2llbd760ce