April 3, 2020
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Politics

मन की बात (Mann ki Baat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ फैसलों की वजह से आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है. गरीबों को खास दिक्कत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम है कि आपमें से कुछ हमें नाराज भी होंगे. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है.

प्रधानमंत्री ने मन की बात (Mann ki Baat) कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देशवासियों से क्षमा मांगते हैं, क्योंकि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं जिनसे देशवासियों को तकलीफ उठानी पड़ रही है, पीएम मोदी ने गरीबों से विशेषकर क्षमा मांगी है.

कड़े कदम उठाने के लिए माफी चाहता हूं-पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ फैसलों की वजह से आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है. गरीबों को खास दिक्कत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम है कि आपमें से कुछ हमें नाराज भी होंगे. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड 19 से लड़ाई कठिन है और इससे मुकाबले के लिए ऐसे फैसलों की जरूरत थी. भारत के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए ये जरूरी था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे समझते हैं कि कोई भी जान बूझकर कानून नहीं तोड़ना चाहता है. लेकिन कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं. पीएम ने कहा कि वे ऐसे लोगों से कहना चाहते हैं कि अगर वे लॉकडाउन का पालन नहीं करते हैं तो इस बीमारी का पालन करना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को न मानने वाले लोग अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हमारे जो फ्रंटलाइन सोल्जर हैं उनसे आज हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है. पीएम ने कहा कि डॉक्टर, नर्स, कोरोना के ठीक हुए लोगों से पीएम ने की बात

प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में वैसे लोगों से बात की जो कोरोना वायरस के संक्रमण में आए और इलाज करवाकर ठीक हुए. पीएम ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम और आगरा के अशोक कपूर से बात की. राम ने कहा कि लॉकडाउन जेल जैसा नहीं है और लोग नियमों का पालन कर ठीक हो सकता है. अशोक कपूर ने कहा कि वे आगरा के स्वास्थ्यकर्मियों और स्टाफ को धन्यवाद देना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पताल के कर्मचारियों और स्टाफ ने उनकी मदद की.

प्रधानमंत्री ने कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों से बात की. इन डॉक्टरों ने बताया कि वे पूरे जज्बे के साथ कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आचार्य चरक की पंक्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि जो बिना किसी भौतिक कामना के मरीजों की सेवा करता है, वही सच्चा और सबसे बढ़िया डॉक्टर है. पीएम ने कहा कि वे सभी नर्सों को सैल्युट करते हैं जो अतुलनीय निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं.

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस मुश्किल समय में किराना दुकान चलाने वाले, ई कॉमर्स, बैंकिंग, डिजिटल ट्रांजेक्शन को संभव बनाने वाले लोगों को याद किया और उन्हें सैल्यूट किया.

सोशल डिस्टेंस बढ़ाओ, इमोशनल डिस्टेंस घटाओ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बढ़ाने को कहा है, लेकिन इस दौरान वे इमोशनल डिस्टेंस घटा सकते हैं और अपने सगे-संबंधियों, पुराने दोस्तों, परिचितों से बात कर सकते हैं. अपने शौक पूरा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब उन्हें ये जानकारी मिली कि क्वारनटीन हुए लोगों के साथ कुछ लोग बदसलूकी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें ऐसे लोगों को लेकर संवेदनशील होना पड़ेगा.

मेडिकल स्टाफ से हमें सीखने की जरूरत है. पीएम ने कहा कि कोरोना को हराने वाले साथियों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है.

TST team 

Health

Prime Minister Narendra Modi has called complete lockdown across the country for next 21 days from Tuesday midnight. With this he announced that the Government has provided Rupees Fifteen Thousand Crore for strengthening the medical infrastructure and treatment of the Corona infected patients. 

In his second address to the nation on the pandemic raging across much of the world with the number of infections rising in India, Modi made a fervent appeal to the countrymen not to cross the ‘lakshman rekha’ of their homes in the next three weeks.“In addition to the basic necessities, lifesaving necessities have to be given top most priority. In order to tackle this novel pandemic, the Central Government is constantly working towards better equipping the healthcare facilities of the country.” he said. “The Government has been taking decisions on the advice of the World Health Organization, country’s top medical and research organizations and top health experts.

Lockdown

The Central Government has put in place a provision of 15 thousand crores for treating the COVID-19 patients and strengthening the medical infrastructure of the country.” He said.PM told the nation, “This will allow for quickly boosting the number of Corona testing facilities, Personal Protective Equipment (PPE), Isolation Beds, ICU beds, ventilators and other essential equipment.

Simultaneously, training of medical and paramedical manpower will also be undertaken.”With requested the State Governments to ensure that healthcare is the topmost priority at the moment, He said, “I am pleased that the private sector is standing shoulder to shoulder with fellow citizens in full capacity during this crucial time. Private labs and hospitals are eagerly coming forward to work with the Government during these challenging times.”He appealed to the people to beware of any kind of rumours or superstitions circulating during such times. He requested the people not to take any medication without consulting doctors if you are showing any symptoms of this infection.

He expressed confidence of every Indian abiding by the instructions of the Government and local authorities during this crucial hour.Discussing the economic impact owing to the Pandemic, the Prime Minister said, “The nation will have to certainly pay an economic cost because of this lockdown.

However, to save the life of each and every Indian is our top most priority. Hence, it is my plea to you to continue staying wherever you are right now in the country.”Cautioning of those who are careless, the Prime Minister said, “carelessness of a few, ill-conceived notions of a few can put you, your children, your parents, your family, your friends, the entire country in grave jeopardy. It will be impossible to estimate the price India will have to pay if this carelessness continues.” 

The Prime Minister explained that if the situation is not brought under control in the next 3 weeks, the country could go back 21 years and that several families would be devastated forever. Hence, he urged the people to do just one thing in the next 21 days – to stay inside their homes.“As per health experts, a period of at least 21 days is extremely critical to break infection chain of Corona virus.” he said “The analysis of happenings in all these countries since the last two months, and the opinion of experts has proved that there is only one way to effectively deal with Coronavirus – Social Distancing” he said.

On 22nd March, he took the resolution of Janata-Curfew. As a nation, every Indian contributed with full responsibility and sensitivity to ensure its success. Children-elders, big-small, poor, Rich, everyone came together in this hour of crisis. In the last two days, several parts of the country have been put under lockdown.

Now all the States, Union Territories, each district, municipality, village, and locality is being put under lockdown. Govt. has taken this step for fight against Corona Pandemic.“By the way, the people who are staying at home are employing new methods over social media to disseminate information in an innovative manner.

There is one banner that I also liked, which I would like all of you to see. Corona, i.e., Koi Road pe Na Nikle (no one should go out on the road)”According to a World Health Organization’s report, a person infected with this virus can transmit this to hundreds of people within the span of 7 to 10 days.

This means, that it spreads like wildfire. “All of you are also witnessing how the most advanced countries of the world have been rendered absolutely helpless by this pandemic. It is not that these countries are not putting in adequate efforts or they lack resources.

The Corona virus is spreading at such a rapid pace that despite all the preparations and efforts, these countries are finding it hard to manage the crisis.”

Deepak Sen – Senior journalist

Health

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सार्क देशों के साथ कोरोना वायरस के बढ़ते ख़तरे और इसे रोकने के लिए उठाए जाने वाले संभावित साझा विकल्पों पर चर्चा की. इस चर्चा में नेपाल के प्रधानमंत्री ओली भी शामिल हुए, जिनकी हाल में ही सर्जरी हुई है.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी जानते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौक़े पर सार्क देशों नेताओं से कहा “हमें चौकन्ना रहने की ज़रूरत है.”

इस मौक़े पर उन्होंने सार्क देशों के साथ कोरोना वायरस को लेकर अपनायी जा रही रणनीति की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमें तैयार रहने की ज़रूरत है लेकिन घबराने की नहीं.

पीएम मोदी ने बताया, “हमने जनवरी महीने से स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी, इसके साथ ही यात्राओं पर भी धीरे-धीरे प्रतिबंध बढ़ाया. एक एक क़दम आगे बढ़ने की नीति ने हालात बिगड़ने नहीं दिये.”

COVID19 पर सभी सार्क सदस्य देशों के वीडियो कॉन्फ्रेंस में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह: मैं प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावों का स्वागत करता हूं विशेष रूप से लंबी अवधि में आर्थिक सुधार और #COVID19 को आपातकालीन निधि बनाने के लिए प्रस्ताव का।

वहीं भूटान के PM लोटे शेरिंग ने कहा कि “हम सभी को एक साथ लाने के लिए पीएम मोदी को उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि एकजुटता की तो हर समय आवश्यकता है लेकिन जब दुनिया एक महामारी से लड़ रही है, तो ऐसे समय में हमारे आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ देना चाहिए” ।

और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि” मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने यह पहल की। मैं भारतीय छात्रों के साथ वुहान (चीन) से हमारे 23 छात्रों को लाने और उनकी मेजबानी करने के लिए भी उन्हें धन्यवाद देती हूं”