May 16, 2021
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Art-n-Culture

लम्हों में देखा सपना ही जिंदगी है।
मिट्टी के घड़ों में सिमटी सांसे ही जिंदगी है।।

चेहरे की झुर्रियों में बह आई जो ।
मिट्टी के घड़ो को तपा लाई जो।
चाकों के चलने से निकल आई जो।
पेशानी के पसीने से गुजर आई जो ।

वो गर्म सांसे अब आराम ढूंढती है।
मेरे देश की मिट्टी से जो बने है।
मेरे हाथों की छुअन से जो ढले हैं।
उन लम्हों का कद्रदान ढूंढती हैं।।

ये घड़े नहीं संस्कार है।
सदियों से चली सनातन की पहचान है।
आत्मनिर्भरता का छोटा पर दृढ़ आधार है।
परमवैभव के सपने का आकार है।।

सपने तो देखे सबने हैं।
कोशिश वाले हाथों को ढूंढती है।
जो लम्हों की फिक्र करे, जो हर पहचान की कद्र करे ।
चेहरे की झुर्रियों में सिमटी जिंदगी ।
हर इंसान में उस इंसान को ढूंढती है।

Vikram Gaur

लेखक – विक्रम गौड़
चित्र – नीरज गौड़

Education

हम जीवन के हर क्षण में कुछ न कुछ सीखते हैं, या यूँ  कहें की  से काम करते  हैं तो हर क्षण  हमें  कुछ न कुछ सीखा कर जाता है |

ऐसे में मुझे टीवी  के एक रियलिटी शो प्रतिभागी की बात याद आती है, जिसने कहा की ” वो या तो जीतता है या सीखता है “. ये उस प्रतिभागी का जीवन के प्रति दृष्टिकोण  है |

ये वो सकारात्मक दृष्टिकोण है जो माता पिता अपने बच्चों को व् अध्यापक अपने छात्रों को दे सकते हैं | ये वो दृष्टिकोण है तो उनको हर मुश्किल में निरंतर काम करने का हौसला देगा | ये वो दृष्टिकोण है जो उनको  मुश्किल में लड़ने का व् जीतनेबच्चों में निपुणता का दृष्टिकोण का विश्वास देगा |

इस दृष्टिकोण को किसी भी व्यक्ति के अंदर डालना कोई एक क्षण का काम नहीं, यह एक लम्बी साधना है | खैर हम आज यहाँ किसी और विषय पर बात करेंगे |

आज यहाँ मैं कुछ ऐसे विषय पर चर्चा करने वाला हूँ जो वास्तव में एक स्थिति है | एक ऐसी स्थिति जिसको यदि हम अपने बच्चों को या अपने छात्रों को समझाने की कोशिश करें और वे उस स्थिति को समझ लें  व् उस स्थिति को पाने की कोशिश करें तो वे हर मुश्किल हालात को पर कर सकते हैं

हर परीक्षा में चाहे वो खेल हो या अध्यन्न वे हर हाल  में विजयी होंगे |

चलिए एक परिस्थिति के बारे में विचार करते हैं |

आप सभी अपने स्कूल से या ऑफिस से घर रोज जाते होंगे | जब आप स्कूल से या ऑफिस घर जाते हैं या घर से स्कूल या ऑफिस जाते हैं तो क्या कभी रास्ते में रुक  कर सोचते हैं की किस रास्ते जाना है ? सोचिये क्या कभी इस बात पर विचार आया ? संभवतया नहीं | आप केवल ये सोचते हैं की घर जाना है, स्कूल जाना है या ऑफिस जाना है | ये विचार नहीं करते के किस रास्ते जाना है | आप  स्वतः  ही पहुँच जाते हैं | और बिना सोचे रोज वाले रास्ते से आपने पहुँच  जाते हैं |

सोचिए ऐसा क्यों होता है ?  क्या कोई चमत्कार होता है ,  क्या कोई जादुई ताकत या कोई दैवीय ताकत  आपके लिए ऐसा करती है ?

नहीं कोई चमत्कार या कोई जादुई करिश्मा नहीं है |  मैक्सवेल  माल्टज़ ने अपनी रचना साइको साइबरनेटिक्स में इस स्थिति पर चर्चा की है | उसी को माध्यम लेकर में इसपर चर्चा करूँगा

ऐसा  इसलिए होता है क्यूंकि आपको इसको आदत है |  आदत वास्तव में होता  क्या है | आदत वास्तव के एक ऐसी अवस्था है जिसमें हमें कुछ करने के लिए सोचना नहीं पड़ता | हमारे मस्तिष्क को पता  है की हम काम करने में सक्षम हैं व् निपुण  है , वह स्वतः ही काम करने लगता है |

जब हम अपने छात्रों या बच्चों के साथ काम करते हैं तब हमारा लक्ष्य होना चाहिए की निपुणता को उनकी आदत बनाना है |  सक्षमता को उनकी आदत बनाना  है |

इसका अर्थ क्या है | चलिए थोड़ा विस्तार से समझते हैं, सामान्यता इसको चार भागों में बाँट सकते हैं | इनको चार भाग भी कह सकते हैं या चार चरण भी कह सकते हैं | हर व्यक्ति को सक्षमता को आदत बनाने के लिए इन चार चरणों से होकर गुजरना  पड़ता है | ये चार चरण हैं –

  • चरण 1.  अचेतन असक्षमता
  • चरण 2.  चेतन असक्षमता
  • चरण 3.  चेतन सक्षमता
  • चरण 4. अचेतन सक्षमता

अचेतन असक्षमता से अचेतन सक्षमता तक जाने का सफर ही निपुणता है|

अचेतन असक्षमता

ये  वो अवस्था है जब हमें पता ही नहीं की हमें क्या नहीं आता | उदाहरण के तौर  पर जब किसी बच्चे को पता ही नहीं की उसको बैडमिंटन खेलना आता है या नहीं | वो कभी कोर्ट में गया ही नहीं, उसने कोशिश ही नहीं की | जब किसी छात्र को पता ही नहीं की नई कक्षा का गणित उसको आता है  या  नहीं क्यूंकि उसने पाठ्यकर्म देखा ही नहीं |

यह अवस्था है अचेतन असक्षमता |

चेतन असक्षमता

ये  वो अवस्था है जब हमें पता है  की हमें क्या नहीं आता |  उदाहरण के तौर  पर बच्चा कोर्ट में गया उसने कोशिश की तो उसको पता चला की उसको बैडमिंटन खेलना नहीं आता | छात्र ने गणित के पाठ्यकर्म को देखा तो उसे ज्ञात हुआ की उसे गणित नहीं आता |

यह अवस्था है चेतन असक्षमता |

चेतन सक्षमता

ये वो अवस्था है जब हमें पता है की हमें आता है | कोई प्रेरित करे , उकसाये व् मार्गदर्शन करे तो कर सकते हैं | उदाहरण के तौर पर बैडमिंटन सीख लिया शॉट्स का पता है, कोशिश करे व् कोई प्रेरित करे तो अच्छा खेल सकते हैं | गणित के सूत्र आते हैं कोई थोड़ा सा संकेत दे तो कर सकते हैं |  गाड़ी चलानी आती है, रास्ता भी ज्ञात है फिर भी पूछना पड़ता है , पक्का करने के लिए |

यह अवस्था है चेतन सक्षमता |

अचेतन सक्षमता

ये वो अवस्था है जब हमें किसी बात की आदत पड जाये | काम स्वतः ही होता जाये | उदाहरण के तौर पर जब बैडमिंटन के खेल का इतना गहन अभ्यास हो की शरीर मस्तिष्क की सहायता से स्वतः ही खेले, स्वतः ही निर्णय लेने लगे तब खिलाडी कोई जीतने  से कोई नहीं रोक सकता | जब गणित का सवाल देखते ही सूत्र लग जाये व् सवाल अपने आप ही हल हो जाये | तब कोई भी सवाल मुश्किल नहीं होता |

यह अवस्था है अचेतन सक्षमता |

एक अभिभावक का या शिक्षक का यही प्रयास हो की बच्चा चौथे चरण तक पहुंचे |

इसके लिए चाहिए निरंतर प्रयास | इस विषय पर हम फिर चर्चा  करेंगे

Vikram Gaur

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Lifestyle

चल रही है जिंदगी, भटकती, बेजार सी।
दिशा का पता नहीं, सांस है उखड़ रही।।
पगों में लगाम नहीं, विचारों में आयाम नहीं।
संस्कारों को नकारती, युद्ध को पुकारती।।

चाल तेज जरूर है, पर है बेलगाम सी,
हाथ कई जरूर है, पर स्वयं में एकान्त सी।।
न साथ कि फिक्र इसे, न छूटने का गम है।
सरों से इतने घिरा जरूर, मैं है पर कहीं न हम है।।

समय चाहे उद्दंड हो, मौन खड़ा दंड हो।
तूफान चाहे प्रचंड हो, मन होता खंड हो।।

पगों को फिर भी रोक लेंगे, अब और न भटकने देंगे।
तूफानों के वेग को, चक्र से अपने रोक देंगे।।

युद्धों में हो खड़े, शान्ति का हम नाद देंगे।
टूटते संसार को, संकल्प है के साध लेंगे।

राम नाम बीज है, राम नाम आधार है।
राम नाम के घोष से, अब फिर दिशा हम देंगे

लेखक – विक्रम गौड़

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Lifestyle

हमारा जीवन असुरक्षाओं व अनिशितताओं से भरा है | हर समय हमारे मन में एक अजीब तरह की असुरक्षा की भावना रहती है, मन कई चीज़ों के लिए असुरक्षित व अनिश्चित सा रहता है | ये भावना काल के अधीन नहीं होती, न ही उम्र, जाति, धर्म या देश के अधीन नहीं होती |

ये असुरक्षा की भावना कर्ण की भावना है जो अर्जुन की श्रेष्ठता से आती है | ये भावना उस औरंगजेब की भावना है तो दारा शिकोह की बढ़ती लोकप्रियता से आती है | ये हर उस बालक में आती है जो कक्षा में अधिक प्रश्नों का उत्तर देते साथी छात्र को देखता है| हर उस खिलाड़ी के मन में आती है तो दूसरे खिलाड़ी को ज़्यादा प्राप्त करते देखता है |

ये हर उस राजनीति के निपुण नेता की भावना है जो किसी नये नेता को उभरते देखता है|

ये ट्रंप की मनोस्थिति भी है जो विरोध को बढ़ते देखती है | ये नंद की भावना है तो चाणक्य के संकल्प को से आती है | ये चाणक्य की भावना है को विदेशी आक्रमणकारियों को देख कर आती है|

ये भावना काल, देश, भाषा, धर्म, व जाति की सीमाओं से परे हैं | ये किसी में भी आ सकती है, चाहे आप श्रेष्ठ हो या ना हों, आप देश, समाज के लिए सही चाणक्य हो या औरंगजेब हो |

ये श्रेष्ठ में अपना स्थान छीन जाने के डर की भावना, श्रेष्ठता पाने को आगे बढ़ते व्यक्ति के मन में साथी प्रतियोगी की प्रगति देख कर श्रेष्ठ के मन में आने वाली भावना | निपुण में निपुणता के बाद भी किसी साधारण से काम ना कर पाना व वही काम किसी साधारण से दिखने वाले व्यक्ति के वही काम कर सकने के बाद आने वाली भावना |

ये बड़ी विकट स्थिति है, ये स्थिति किसी भी बड़े से बड़े योद्धा को हरा सकती है | बड़े से बड़े योगी का संतुलन खराब कर सकती है |

यहाँ बड़ा सवाल है की इस परिस्थिति से कैसे बचा जाए, क्या इसका कोई निदान है | क्या इससे होने वाले संभावित नुकसान से बचा जा सकता है |

जवाब एक ही है – हाँ

इससे एक ओर बड़ा सवाल निकलता है – कैसे ?

जैसे रात का निदान दिन है, अंधेरे का इलाज उजाला है | उसी तरह एक विचार, एक भावना की इलाज भी दूसरी भावना में या विचार में ही छिपा है | मगर उलझन ये है की वो भावना कैसी हो, वो विचार कैसा हो |

इसके लिए रात का दिन से, अंधेरे का उजाले से आपसी रिश्ते को समझना ज़रूरी है | रात का दिन से, अंधेरे का उजाले से विपरीतात्मकता का रिश्ता है, एक दूसरे से विपरीत होने का रिश्ता है |

इसी तरह असुरक्षा की भावना का इलाज भी इसकी विपरीत भावना में छिपा है|

उजाला दीपक भी देता है पर वो सूरज का स्थान नहीं ले सकता | पानी नदी में भी है मगर वो समुद्र का स्थान नहीं ले सकती | पानी समुद्र का अच्छा है, प्रक्रति का संतुलन बनता है पर पीने के काम नहीं आ सकता | पीने के लिए कुए का पानी ही आता है |

हर व्यक्ति की अपनी श्रेष्ठता है, अपनी उपयोगिता है | कोई भी दूसरे का स्थान नहीं ले सकता |

श्रेष्ठ हमेशा श्रेष्ठ रहे, ये प्रक्रति का नियम नहीं है |

दीपक का प्रकाश अच्छा है पर सूरज श्रेष्ठ हैं|

असुरक्षा की भावना का इलाज सहज सहयोग की भावना ही है | प्रक्रति का नियम मानते ही हम सहयोग करें | जैसे दीपक रात को सूरज का सहयोग करता है| दीपक हमें प्रकाश का एहसास देता है व सूरज के आने तक का समय गुजारने में सहयोग देता है |

हम द्रद्ता से अपने मन को ये विश्वास दिलाएँ की अच्छा श्रेष्ठ का दुश्मन नहीं होता |

अच्छा श्रेष्ठ का सहयोगी होता है| श्रेष्ठ के लिए ये श्रेय कर है की वो अच्छे का सहयोग करे व प्रक्रति का चक्र चलने दे |

प्रक्रति का आधार यही भावना है की अच्छा श्रेष्ठ का दुश्मन नहीं होता |

Good is not the enemy of Best

विक्रम गौड़

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Politics

तालाब कि गहराई नापने के लिए तालाब में उतरना पड़ता है। जिस पर गुजरती है पीड़ा कि गहराई वही समझता है । स्वर्ग जाने के लिए खुद ही मरना पड़ता है।

ऐसी कई कहावते है जिनको हम बचपन से पढ़ते आये हैं । या यूँ कहें कि रटते आये हैं । पढ़ते समय उनका वास्तविक अर्थ समझ में आना मुश्किल हो जाता है । गहरी बातों का अर्थ समझने में समय या कुछ अचानक घटी घटना का महत्वपूर्ण योगदान होता है ।

आजकल घटने वाले किसान बिल से जुड़े घटनाक्रम को देखकर इन कहावतो का अर्थ कुछ कुछ समझ में आया।

सम्बंध किसान परिवार से रहा मगर एक पीढ़ी से सीधा जुड़ाव नहीं रहा । दादा जी के बाद पिता जी ने किसानी में सक्रियता को नहीं रखा इसलिए लम्बे समय से किसानी से सीधा जुड़ाव नहीं रहा । मगर समय सबसे बड़ा शिक्षक होता है । बदलते समय के साथ हम कई जटिल बातों जानते समझते हैं ।

बीते दिनों लॉकडाउन में समय व विचारों ने करवट ली व किसानी की ओर लौटने का निश्चय किया । एक निश्चय किया की किसानी को अपनाया जाए । अपने पारंपरिक काम को अपने जीवन का आधार बनाया जाये। तो उसको जानने की, उसको समझने की, अपनाने की एक लंबी प्रक्रिया शुरु हुई । इसके सभी पहलुओं को समझना शुरु किया। कुछ तकनीकी पहलू, कुछ सामाजिक पहलू, व कुछ सरकारी पहलु से सामना हुआ ।

अपनी ज्ञान इसी यात्रा के दौरान सामना हुआ किसान बिल से । इसके बारे में टीवी व समाचार पत्रों में बहुत आने लगा । टीवी समाचार पत्रों से सुन पढ़ कर ही इसके बारे में जाना । तभी अचानक से किसान आँदोलन शुरु हो गया । बिल के विरोध में किसान सड़कों पर आ गये । क्यों ? पता नहीं ।

जगह जगह प्रदर्शन, रैली आदि होने लगी । एक तरफ सरकार इस बिल को किसान के जीवन में क्रांति लाने वाला बिल कह रही है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसको काला कानून । क्यूँ ? कौन कितना सही, कितना गलत ? कोई भि पूर्णतया सही हो या पूर्णतया गलत हो इसकी संभावना बहुत कम है । गलत या सही का निर्णय परिस्थिति पर आधारित होता है ।

सबके अपने विचार, अपना आँकलन व अपने तथ्य होते हैं ।

हमेशा से सोचता था की सुई बनाने वाला भी अपने उत्पाद की कीमत वो खुद तय करता है । केवल किसान ही एक ऐसा प्राणी है जो अपने उत्पाद की कीमत ले लिए दूसरे पर् निर्भर है, जिसको MSP भी कहा जाता है।

पर जब सरकार कह रही है कि बिल ये सुनिश्चित करेगा कि किसान अपने उत्पाद की कीमत खुद तय करे । ये भी तय करे की किसको बेचना है तो विरोध क्यूँ ।

विरोध को देखते हुए एक असमंजस कि स्थिति बन गई की कौन सही कौन गलत । तो सोचा कि बिल को पढ़ा जाये, सुनी सुनाई बातों की जगह तथ्यों को जाना जाये । तो तत्काल किसान बिल कि प्रति कि व्यवस्था की। उसको अच्छे से पढ़ा तो जाना की वास्तव में बिल किसान के पक्ष में है । तो विरोध क्यूँ | तब निर्णय लिया कि चलो विरोध को समझा जाये ।

विरोध को समझना शुरु किया तो जाना कि इसके कई पक्ष हैं । मगर मुलत: चार पक्ष हैं : सत्ता पक्ष, विपक्ष, आढ़ती व किसान । पक्षों के इस चतुर्भुज के विस्तार में जाएँ तो और भी पक्ष है पर अभी ज्यादा विस्तार न करते हुये चार पक्षों की चर्चा करें ।

सबका अपना पक्ष है, अपना विचार है अपने तथ्य हैं । हर कोई अपनी अपनी जगह सही भी है, पर एक दूसरे से परस्पर तुलना करने पर गलत भी । यहाँ ये महत्वपूर्ण है की अगर सही है तो गलत कैसे ?

इस संदर्भ में सही गलत का पैमाना है – स्वार्थ ।

सबका अपना स्वार्थ है । अपने स्वार्थ को केंद्र में रख कर ही सभी अपनी रणनीति तय कर रहे हैं। यहाँ कोई युद्ध नहीं हो रहा मगर फिर भी मैं रणनीति शब्द का प्रयोग कर रहा हूँ क्यूँकि कई पक्षों के लिये अस्तित्व का प्रश्न है । वो विरोध नहीं अस्तित्व की, अपनी प्रसंगिगता की लड़ाई लड़ रहे हैं ।

सभी पक्षों को ध्यान में रखते हैं तो देखते हैं कि सरकार के पास और भी काम हैं, विपक्ष भी कोई और मुद्दा खोज लेगा विरोध करने का , आढ़ती के कई और काम हो सकते है या वो कर सकता है । मगर इन सबके बीच एक चौथा पक्ष है जो इस घटना का केंद्र होना चाहिये, वो है किसान । जिसके स्वार्थ में समाज का अस्तित्व टिका है  जिसके नाम पर सब हो रहा है । जो केवल फसल पर आधारित है । जिसको नयी फसल के लिये 4-6 महीने इंतजार करना पड़ता है । फिर अपने ही उत्पाद की कीमत तय करने से लेकर वास्तविक कीमत मिलने तक दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है ।

इस स्वार्थों की लड़ाई में किसान लाचार है । इस चतुर्भुज के तीन भुजाओं के बीच वो चौथी भुजा जिस पर चतुर्भुज टिका है, वो लाचार है, उसकी बाकी भुजाओं के संघर्ष को लाचारी से मूक हो कर देख रहा है कि उसके स्वार्थ के हित का क्या होगा । उसकी सुध कौन लेगा | अगर समय ही निर्णय लेगा तो कभी कभी निर्दयता पूर्ण भी हो सकता है । उसकी स्थिति को देखकर पुष्यमित्र उपाध्याय की कुछ पंक्तियाँ याद आती हैओर लगता कि किसान उनकों याद करे व आत्मनिर्भर बने

छोडो मेहँदी खडक संभालो

खुद ही अपना चीर बचा लो

द्यूत बिछाये बैठे शकुनि,

मस्तक सब बिक जायेंगे

सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे|

Writer:

Vikram Gaur

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Lifestyle

बहुत दिनों बाद एक सुगंध सी छाई,
तपती धरती के पुकार पर, एक बूँद धरा पर आई

मानव तो पहले ही डरा था, महामारी के आगे सहमा सा खड़ा था
सूरज ने अपने यौवन से, उसे और बेबस करा था |

तपन से जलते तनों को, महामारी से डरते मनों को,
सुहानी सी हवाओं बीच, इंद्र ने माला पहनाई|

इंद्रधनुष साथ लेकर, बूंदे अवनी पर आई
बहुत दिनों बाद फिर एक सुगंध सी छाई |
तपती धरती के पुकार पर, एक बूँद धरा पर आई

लेखक – विक्रम गौड़

Health

INDIAN NAVY SALUTES THE CORONA WARRIORS ON LAND, AIR AND HIGH SEAS

New Delhi : Vaisakha 13, Saka 1942

Sunday,03 May 2020

Indian Navy joined the entire nation to express gratitude and salute the Corona Warriors on Sunday 03 May 20. Expressing gratitude and appreciation of the entire nation – while representing the Indian Armed Forces – towards the determination and committed efforts of our Corona Warriors –  the medical professionals, health workers, policemen, government staff and media, for their relentless efforts against CoViD19 on 03 May 20 through a number of activities on ground, in air and on water

On Land

Appreciation to the Corona Warriors. Station Commanders & Senior Naval Officers across the three Commands (Western, Southern and Eastern Naval Commands) and in Andaman and Nicobar Command met the Health Care professionals, policemen, sanitation workers and other frontline Corona Warriors  to  convey the appreciation on behalf of the Indian Navy and applauded their efforts in successfully treating the COVID 19 patients and also thanked for their relentless efforts.

Human Word Chain. 1500 Indian Navy personnel at INS Hansa, Goa expressed their appreciation by forming a Human Word Chain and thank the Corona Warriors.

Naval Band.  Earlier in the day, the SNC band played some famous numbers on a warship berthed opposite the Cochin Shipyard Limited (CSL) and near the Vikrant-Venduruthy Bridge, epochal landmarks of Kochi. Naval Bands also performed onboard Ex-Viraat in Mumbai and in Visakhapatnam Harbour.

Air

Kochi. As part of the Thanksgiving gesture, Chetak helicopter of the Navy showered flower petals on the District Hospital in Kochi. Subsequently, 07 aircraft flypast consisting of 02 Dornier aircraft, 01 SeaKing helicopter, 02 Advanced Light Helicopter (ALH) and 02 Chetak helicopters of Indian Navy was conducted over the city’s renowned landmark, Marine Drive which was immediately followed by steampast by 07 Fast Interceptor Crafts of the Navy, in the channel, displaying a banner thanking the Corona Warriors.

Vizag.  A Chetak helicopter from INS Dega showered flower petals over Andhra Medical College, Govt Hospital for Chest and Communicable Diseases (GHCCD) and GITAM Institute of Medical Sciences and Research (GIMSR).

Mumbai Indian Navy Chetak helicopter carried out flypast with showering of petals over Kasturba Gandhi hospital and Asvini Naval hospital in Mumbai.

Goa.  Indian Navy Chetak helicopter carried out flypast with showering of petals over Goa Medical College and E.S.I Hospital (along with ICG Helps).

Andaman & Nicobar Islands.   Indian Naval aviation assets carried out fly past along with the Air Force and Coast Guard across various parts of Andaman and Nicobar Islands.

At Sea

          Eastern Naval Command.  INS Jalashwa  and INS Savitri on their Mission Based Deployments saluted the Corona Warriors for their relentless fight against the COVID pandemic while at sea

Western Naval Command.

Indian Navy personnel in Arabian Sea onboard Mission Deployed ships expressed their appreciation and thanked the Corona Warriors for their unwavering commitment in the fight against corona.

 Indian Navy personnel onboard INS Vikramaditya off Karwar expressed their appreciation by forming a Human Word Chain in thanking the Corona Warriors.

Southern Naval Command.   Steampast by 07 Fast Interceptor Crafts of the Navy, in the channel, in Kochi displaying a banner thanking the Corona Warriors.

Illumination of Ships at Anchorage.

The day’s events culminated with 25 Indian Naval warships across nine port cities including those in Andaman & Nicobar Islands carryied out illumination along with firing of flares and sounding of sirens from 7:30 PM onwards.

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Tarot

Aries

Whats in 2019 – King of Coins

Relationships in 2019 – Ace of Wands

Career development in 2019 – The Devil

In terms of your attitude and approach to money, property, possessions and resources,’ growing up’ is in cards. Progress will be made, and new confidence will emerge in both your ability to manage your finances and your sense of control and resilience.

Return to the basics and remember why you like people and what you like to do with them. Fake friends, acquaintances and social media circles all fade into the background as you concentrate on people who are true to you.

A new romance, with a fellow Fire sign (Leo, Aries, Sagittarius), is possible or a step forwards in the commitment level of your current relationship.

Establishing a new, positive pattern of the way you work (or look for work) will pay back handsomely.

Taurus

Whats in 2019 – King of Cups

Relationships in 2019 – Six of Swords

Career development in 2019 – The Wheel of Fortune

This year, your love life and close relationships are transforming, but for the better. The more you give, the more you receive and like this new way of behavior quickly. It’s a positive cycle, it works.

Some things belong in the past. Don’t feel sad, and you have nothing to lose, because all you release is fading or negative energy anyway. Do not hesitate to let people go, or you know that relationship patterns aren’t working.

Everything changes! Wow, the transformation card sweeps into your workplace life. Minimum effort for maximum recompense. Pick your spot carefully, therefore. What would one thing make a difference? Do this, and watch the chains unfold.

Gemini

Whats in 2019 – Seven of Swords

Relationships in 2019 – The Hierophant

Career development in 2019 – The Lovers

Your natural openness and willingness to say anything in your mind at any point in time develops into a more cautious and cautious approach. You know that some people twist what you say according to their own agenda, talk shit or fight quickly. It’s sometimes wiser to remain silent and keep your ideas to yourself.

This year a deeper commitment to those who really matter unfolds. Moving in, engagement, marriage, vow renewal, children are ALL on the cards in 2019. For single Geminis, watch out for a Virgo about to rock your world.

Your divided feelings, conflicting priorities or career plans reach a hot spot and you make a final, positive and lasting choice.

Cancer

Whats in 2019 – The Wheel of Fortune

Relationships in 2019 – Two of Coins

Career development in 2019 – Six of Swords

This year’s name of the game is transformation! And all you need is one change. Minimum effort for maximum reward, for the universe is now behind you. Pick your spot carefully, therefore. What would one thing make a difference? Do it. Do it.

I feel a bit of ‘ field playing ‘ for single Cancerians. You feel safe enough to enjoy friendships and good company beyond your partner for those who are already in love. Your feeling and goodwill surrounded by good people.

At some point this year, perhaps around midway, you start to get itchy feet, or an opportunity appears on the horizon that you can’t refuse. At this point, don’t get out of it or talk… just take a leap of faith!

Leo

Whats in 2019 – Three of Wands

Relationships in 2019 – Page of Wands

Career development in 2019 – Page of Swords

This year’s chance knocks for you, Leo! There are many ships coming in, but then they leave again, so be sure to quickly get on board with those you like.

In 2019, fun with a’ F ‘ capital, whether you’re single or tied. You’re gon na be surprised at what you find. Also waiting for a compatible Fire sign match: a red – hot Leo, Aries or Sagittarius..

Something kept you back on your career path and you could identify yourself as the root cause if you look hard enough. Finally, you begin to play the right game, get on the pitch and score. It feels awesome. It’s a long time coming.

Virgo

Whats in 2019 – Three of Cups

Relationships in 2019 – The Moon

Career development in 2019 – The Star

Your love and relationships are for you at the heart of 2019. You relax and enjoy more than ever socializing and fostering these relationships.

You are worriers and you worry about what people think, how they judge you, what your partner really wants, and so on. It will surely lead to a renewal of the relationships you realize that you can count on and what matters most. You prioritise people.

The star is the wishful thinking card of the tarot and asks you to aim high. The more you reach, the better the result. If you knew you couldn’t fail, what would you do here? Don’t waste this wonderful, positive energy.

Libra

Whats in 2019 – Ten of Coins

Relationships in 2019 – Nine of Wands

Career development in 2019 – Ace of Wands

This is a year in which you will deepen your roots, commitment and security. You’ll consider marriage if you’re in love. You’ll be promoted if you’re in your dream job. If you work at home, you’ll upgrade.

There is definitely a new job or addition of new responsibilities or sidelines on the cards. Take new opportunities this year inspiring and motivating you. Otherwise, wait for something else because the new project / job is exciting.

Scorpio

Whats in 2019 – Queen of Swords

Relationships in 2019 – Temperance

Career development in 2019 – Ten of Wands

In any case, you are a tough cookie, but in 2019 you will become even more resilient, independent and self – confident. Everything you carve for yourself alone will be very successful and fulfilling.

In your relationship landscape, a ‘ new normal’ emerges, a new attitude and perspective towards others that will prove to be a significant turning point in how much pleasure you derive from your closest connections. A fiery red – hot Sagittarius is on the cards for singles.

You are a grafter, and when it comes to work, you have a big engine, but you have your limits. Look for signs of fatigue or stress in your work environment (in yourself or close colleagues) this year and be ready to make changes to it. Look after yourself a little bit more.

Sagittarius

Whats in 2019 – King of Wands

Relationships in 2019 – Knight of Wands

Career development in 2019 – King of Cups

Be ready for an adventure and take risks, plenty of opportunities to travel, do different things, take on new activities, meet new people and generally broaden your horizons in every way you can.

The coming year is a red hot festival of passion. Mostly with other signs for fire i.e. Aries, Leo, Sagittarius. Whatever flash you have becomes an even brighter light. The key is to share journeys, adventures and interests. They stay together, they play together!

If your work doesn’t feel like playing / having fun, ask yourself if you’re in the right position or on the ideal career. This is a year for you to take steps, invest and educate yourself in a field in which you really belong.

Capricorn

Whats in 2019 – Four of Swords

Relationships in 2019 – Three of Cups

Career development in 2019 – Death

You are a stubborn, dogged star sign who never stops persevering and trying to improve and advance. In 2019, you relax and switch the gears a little down.

A fantastic romance year!. You’re stopping trying so hard to impress others and just relaxing. Enjoy and build your life around people you love and like.

There’s a sense of change here. You may actually seek a more sincere career path. In 2019, anything is possible, so dare dream. This is the year, if you want to change course.

Aquarius

Whats in 2019 – Two of Wands

Relationships in 2019 – The Hanged Man

Career development in 2019 – The High Priestess

You reach a crossroads this year. You ‘ve seen one coming, but you still felt confused about how to deal with it. The trick is not to get stuck here. Make conscious choices throughout the year, stay in control, and you’ll make real progress.

You may feel that your love life has recently reached a plateau or stalled. Perhaps not even in a bad way, only in a comfortable way ” we are where we are. ” Review your situation from various angles. Once you’ve seen it, take ACTION.

This is a year in which you can really adapt to your instincts and intuition, let them guide your career development. Set it to make it a reality. It’s a turning point.

Pisces

Whats in 2019 – The Hierophant

Relationships in 2019 – Five of Swords

Career development in 2019 – The Fool

This year, you will understand clearly what you believe in, what your foundations are and where your faith is best placed. Your confidence and faith are important. Everything will come about in 2019.

Focus your energy in the right place and reduce your losses with people or situations that prove to be a no winning competition. For single Pisceans, a feisty Air sign (Gemini, Libra, Aquarius) will create a stimulating match.

If you so wish, you can turn the page into a completely new chapter. Somewhat optimistic and enthusiastic about it, something else can turn a blind eye to… but who cares, they don’t have to live your life-you do! Complete transformation is possible, regard seriously whatever you want.